हिमाचल: पूर्व वन मंत्री भरमौरी व उनकी पत्नी कोरोना पॉजिटिव

फॉरेस्ट गार्ड मामला: चार सदस्यीय समिति गठित, वन मंत्री ने कहा समिति 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपे

शिमला: मंडी जिले के करसोग के अंतर्गत कार्यरत वन रक्षक होशियार सिंह की कुछ दिनों पूर्व तथाकथित हत्या/आत्महत्या के मामले में जांच के लिये अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल हरि सिंह डोगरा की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय सीय उच्च स्तरीय समिति गठित  की गई है, जिसमें मण्डी, सुंदरनगर तथा नाचन क्षेत्रों के वन मंडलाधिकारी शामिल हैं। वन मंत्री ने समिति को 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

  • वन मंत्री ने कहा कि मामले में जो कोई भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कार्रवाही की जाएगी।
  • मामले में प्रारंभिक रिपोर्टों के आधार पर खण्ड अधिकारी (बीओ) को निलम्बित कर दिया गया है, लेकिन जांच समिति की रिपोर्ट आने पर ही इस बारे कुछ कहा जा सकता है।
  • वन मंत्री ने कहा कि पुलिस ऐजेन्सियां भी इस मामले में गहन जांच कर रही हैं।
  • मामले में सरकार के स्तर पर किसी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी। विभागीय अधिकारी भी फील्ड में जाकर अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं और नियमित रूप से रिपोर्ट भी कर रहे हैं।
  • फील्ड में कार्य कर रहे वन कर्मियों की सुरक्षा सरकार का दायित्व है और इन कर्मचारियों के लिये 47 बंदूकें खरीदी गई हैं, जिन्हें वन मण्डलाधिकारियों को आगे वितरण के लिये उपलब्ध करवाया गया है।
  • इसके अतिरिक्त, इन कर्मियों के लिये वॉकी-टॉकी प्रदान करने के लिये प्रक्रिया जारी है और अनुमति मिलने पर शीघ्र ही इन्हें उपलब्ध करवाया जाएगा।
  • वन मंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा सहयोगात्मक रवैया अपनाने के बजाए लाशों पर भी राजनीति कर रही है।
  • हमारी सरकार ने भाजपा शासनकाल के वन माफिया तथा अन्य सभी माफिया का खात्मा कर दिया है।
  • प्रदेश के वनों में छूट-पुट घटनाओं को छोड़ स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण है और जंगलों के अवैध कटान पर किसी को माफ नहीं किया जा सकता।
  • वनों की रक्षा के लिये हमारी सरकार ने 1200 वन रक्षकों की भर्ती की है तथा 174 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है।

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