एसजेवीएन करेगा प्रदेश के 1600 कृषकों को नौणी एवं पालमपुर विश्‍वविद्यालय में प्रशिक्षित

एसजेवीएन करेगा प्रदेश के 1600 कृषकों को नौणी एवं पालमपुर विश्‍वविद्यालय में प्रशिक्षित

  • स्‍कीम वर्ष 2021-22 तक किसानों की आय दुगनी करने के भारत सरकार के मिशन के समान योजना: नन्‍द लाल शर्मा
  • निगम द्वारा रखा गया है इसका नाम ”दीन दयाल उपाध्‍याय कृषि‍ कौशल विकास योजना”
  • जरूरतमंद व्‍यक्ति‍यों को दी तरजीह जाएगी जो पहले से खेती कर रहे हैं और अपनी आय बढ़ाने का रखते हैं रूझान : नन्‍द लाल शर्मा
  • 2017-18 के दौरान प्रत्‍येक छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रत्‍येक 25 के समूहों में 1600 प्रतिभागी होंगे कवर
  • फाऊंडेशन प्रतिभागियों का उनके ठहरने के स्‍थान से विश्‍वविद्यालय आने-जाने का किराया भी करेगा वहन
  • 32 ग्रुप में प्रशिक्ष‍ित 1600 व्‍यक्तियों में से 400 व्‍यक्ति लिए जाएंगे एसजेवीएन परियोजना प्रभावित क्षेत्रों से : डी.पी.कौशल
एसजेवीएन के निदेशक (कार्मिक) व एसजेवीएन फाऊंडेशन के अध्‍यक्ष, नन्‍द लाल शर्मा

एसजेवीएन के निदेशक (कार्मिक) व एसजेवीएन फाऊंडेशन के अध्‍यक्ष, नन्‍द लाल शर्मा

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शिमला: भारत सरकार की ”स्कीलिंग इंडिया पहल” के साथ-साथ किसानों की आमदनी दुगनी करने के राष्‍ट्रीय मिशन को आगे बढ़ाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एसजेवीएन ने हिमाचल प्रदेश के 1600 कृषकों को बागवानी, पुष्‍पोत्‍पादन, सब्‍जी उत्‍पादन, मशरुम उत्‍पादन, मधुमक्‍खी पालन, चिकित्‍सकीय एवं सुगंधित पौधों, नर्सरी पौध अभिरक्षण, जैविक खेती तथा पर्यावरणीय प्रभाव मूल्‍यांकन इत्‍यादि क्षेत्रों में कौशल विकास प्रशिक्षण दिलवाना शुरू किया है।

इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एसजेवीएन फाऊंडेशन जो कंपनी का एक पंजीकृत ट्रस्‍ट है, ने डॉ. वाई. एस .परमार औद्योगिकी एवं वानिकी विश्‍वविद्यालय, नौणी, सोलन के साथ तथा सीएसके हिमाचल प्रदेश कृषि‍ विश्‍वविद्यालय, पालमपुर के साथ हाल ही में  समझौता ज्ञापन साईन किए हैं।  निदेशक (कार्मिक) एवं अध्‍यक्ष, एसजेवीएन फाऊंडेशन, नन्‍द लाल शर्मा ने बताया कि यह स्‍कीम वर्ष 2021-22 तक किसानों की आय दुगनी करने के भारत सरकार के मिशन के समान है और निगम द्वारा  इस प्रकार इसका नाम ”दीन दयाल उपाध्‍याय कृषि‍ कौशल विकास योजना” रखा गया है।  उन्‍होंने आगे बताया कि एसजेवीएन की यह पहल किसानों की खुद को सहायक आय सृजन उद्यमों में लगने में मदद करने के लक्ष्‍य की प्राप्ति के लिए राष्‍ट्रीय मिशन को समर्थन देने के लिए है।  उन्‍होंने आगे यह भी बताया कि हिमाचल प्रदेश के युवा महत्‍वाकांक्षी उद्यमियों और किसानों के लिए इस कौशल विकास प्रशिक्षण में एसजेवीएन फाऊंडेशन की सीएसआर पहल के तहत इन विश्‍वविद्यालयों में प्रशिक्षण और फील्‍ड में जाकर प्रदर्शन किया जाना शामिल है। शर्मा ने बताया कि उन जरूरतमंद व्‍यक्ति‍यों को तरजीह दी जाएगी जो पहले से खेती कर रहे हैं और अपनी आय बढ़ाने का रूझान रखते हैं।  उन्‍होंने कहा कि पिछले साल के दौरान एक हजार किसानों को विभिन्‍न क्षेत्रों में अपना कौशल-वर्धन करने के लिए इन दो विश्‍वविद्यालयों में प्रशिक्षण दिलवाया गया था।  प्रतिभागियों और विश्‍वविद्यालयों से मिले फीडबैक के परिप्रेक्ष में इस साल स्‍पांसरशुदा अभ्‍यर्थियों की संख्‍या बढ़ाकर 1600 कर दी गई है।

एमओयू के अनुसार, दोनों विश्‍वविद्यालय युवा उद्यमियों/किसानों को औद्यानिकी, वानिकी और सामाजिक विज्ञान, पर्यावरणीय विज्ञान, कीट विज्ञान तथा विकृति विज्ञान जैसी सहायक विधाओं में विभिन्‍न आय सृजनकारी पेशेवर गतिविधियों/कोर्सों में सभी तरह का तकनीकी और अवसंरचनात्‍मक सपोर्ट प्रदान करेंगे जिसका खर्च एसजेवीएन द्वारा वहन किया जाएगा।

फाऊंडेशन के सचिव डी.पी.कौशल ने बताया कि दोनों विश्‍वविद्यालयों में चालू वित्‍तीय वर्ष 2017-18 के दौरान प्रत्‍येक छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रत्‍येक 25 के समूहों में 1600 प्रतिभागी कवर होंगे।  उन्‍होंने बताया कि एसजेवीएन फाऊंडेशन द्वारा कमाई की प्रतिपूर्ति के लिए 1400 रुपए प्रति प्रतिभागी वृत्तिका देने के अलावा कोर्स फीस, बोर्डिंग और लॉजिंग प्रभारों संबंधी सारे खर्च को वहन करने का प्रस्‍ताव है। कौशल ने यह भी बताया कि फाऊंडेशन प्रतिभागियों का उनके ठहरने के स्‍थान से विश्‍वविद्यालय आने-जाने का किराया भी वहन करेगा। उन्‍होंने बताया कि 1600 युवाओं को औद्यानिकी और पुष्‍प उत्‍पादन इत्‍यादि के इच्‍छि‍त क्षेत्र में दक्षता के लिए स्‍पांसर करने पर 110 लाख रुपए से ज्‍यादा का खर्च आएगा।  32 ग्रुप में प्रशिक्ष‍ित किए जाने वाले 1600 व्‍यक्तियों में से 400 व्‍यक्ति एसजेवीएन परियोजना प्रभावित क्षेत्रों से लिए जाएंगे।

कौशल ने कहा कि यह एसजेवीएन फाऊंडेशन का एक अनवरत प्रयास होने के परिप्रेक्ष में आने वाले समय में राज्‍य के और अधिक युवाओं के लिए ऐसे दक्षता प्रशिक्षण की व्‍यवस्‍था किया जाना जारी रहेगा।

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