हिमाचल में "प्रधानमंत्री उज्जवला" योजना आरंभ

हिमाचल में “प्रधानमंत्री उज्जवला” योजना आरंभ

  • योजना से लगभग 3 लाख बीपीएल परिवार होंगे लाभान्वित : मुख्यमंत्री
  • हिमाचल में खोले जाएंगे दो एलपीजी बॉटलिंग प्लांट तथा 50 एलपीजी वितरण केन्द्र : धर्मेन्द्र प्रधान

शिमला: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र प्रधान ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल डॉ. धनी राम शांडिल की मौजूदगी में आज सोलन ज़िला मुख्यालय सोलन से गरीबी की रेखा से नीचे के (बीपीएल) परिवारों के लिए प्रेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की एक महत्वकांक्षी योजना ‘प्रधानमंत्री उज्जवला योजना’ का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि बीपीएल परिवारों को लाभान्वित करने वाली यह एक महत्वकांक्षी योजना है। इन परिवारों को तरल पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) कनैक्शन वितरित किए जाएंगे, जिससे विशेष रूप से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में जीवाश्म ईंधन पर आधारित गंभीर स्वास्थ्य खतरों को कम किया जा सकेगा, राज्य में अस्वच्छ खाना पकाने वाले ईंधन के कारण होने वाली मौतों की संख्या में भी कमी आएगी तथा जीवाश्म ईंधन जलाने से इंडोर वायु प्रदूषण के कारण युवा बच्चों को गंभीर श्वसन बीमारियों से बचाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 2,82,370 बीपीएल परिवार हैं और एलपीजी कनैक्शन से उन्हें जीवाश्म ईंधन का उपयोग करने से निश्चित रूप से छुटकारा मिलेगा, जिससे वनस्पतियों व जीवों पर अतिरिक्त दबाव भी कम होगा। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ और अधिक कुशल एलपीजी के उपयोग से ग्रामीण भारत में इस्तेमाल होने वाले अस्वच्छ खाना पकाने वाले ईंधन से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य में माता शबरी महिला सशक्तिकरण योजना सफलतापूर्वक क्रियान्वित की जा रही है, जिसके अंतर्गत बीपीएल परिवारों की अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को एलपीजी कनैक्शन पर 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उज्जवला योजना मौजूदा योजना का विस्तार है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने का अर्थ राष्ट्र को सशक्त बनाना है।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग ईंधन के लिए लकड़ी एकत्र करने के नाम पर बेधड़क पेड़ों की कटाई करते हैं। यह प्रचलन लम्बे समय से चला आ रहा है और यहां तक की सेब की पेटियां भी लकड़ी की ही बनाई जा रही थी। उन्होंने कहा कि एक लम्बी राजनीतिक लड़ाई के उपरांत सेब की पेकिंग के लिए लकड़ी के बक्सों के स्थान पर गत्ते के बक्सों का इस्तेमाल आरम्भ किया गया और इस पर भी अनेक विरोधों का सामना करना पड़ा, लेकिन यह पर्यावरण को बचाने के लिए आवश्यक कदम था।

प्रथम चरण के अंतर्गत सोलन जिले में लगभग 200 परिवारों को एलपीजी कनैक्शन वितरित किए गए और अभी तक 1450 बीपीएल परिवारों को पंजीकृत किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1 मई, 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया से इस सामाजिक कल्याण योजना का शुभारंभ किया था। केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के कहा कि केन्द्र सरकार का लक्ष्य प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत देशभर के बीपीएल परिवारों को एलपीजी कनैक्शन प्रदान करना है। योजना का उद्देश्य देशभर के बीपीएल परिवारों की महिलाओं के नाम 5 करोड़ एलपीजी कनैक्शन प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि बीपीएल परिवारों की पात्र महिलाएं उज्जवला योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक देशभर में योजना के आरम्भिक प्रथम वर्ष में 2.25 करोड़ नए लाभार्थियों को सम्मिलित किया गया है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 16 लाख घरों में से 14 लाख घरों में एलपीजी कनैक्शन हैं और इस तरह 80 से 90 प्रतिशत परिवारों के पास यह सुविधा उपलब्ध है, जबकि बिहार, उड़ीसा तथा उत्तर प्रदेश में यह सुविधा 60 प्रतिशत से भी कम परिवारों के पास उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इसे राष्ट्रीय औसत के समीप लाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि आज देश में सक्रिय एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 20 करोड़ से अधिक हो गई है। वर्ष, 2014 में उपभोक्ताओं की यह संख्या केवल 14 करोड़ थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने योजना के क्रियान्वयन के लिए 3 वर्षों के दौरान 8,000 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया है। इससे महिलाओं को स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं तथा बालन लकड़ी एकत्र करने में आ रही दिक्कतों से निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि अगले एक या दो वर्षों में हिमाचल के प्रत्येक घर में एलपीजी कनैक्शन होगा।

वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में एलपीजी के 172 वितरण केन्द्र हैं और उन्होंने अगले कुछ महीनों में 50 और वितरण केन्द्र खोलने की घोषणा की, जो राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान करेंगे। एलपीजी भरने के लिए मौजूदा दो बाटलिंग प्लांट के अतिरिक्त राज्य में दो और बाटलिंग प्लांट खोले जाएंगे।

उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में समूचा हिमाचल जीवाश्म ईंधन तथा कार्बन उत्सर्जन मुक्त होगा और केन्द्र सरकार हिमाचल को धुआंरहित बनाने का दायित्व लेती है।

उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत कनैक्शन परिवार की मुख्य महिला के नाम पर प्रदान किया जाएगा।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, जो हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर से संबंध रखते हैं, ने इस अवसर पर कहा कि केन्द्र सरकार अति गरीब लोगों के उत्थान के लिए समर्पित है और गरीब व जरूरतमंद लोगों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ग्रामीण भारत की महिलाओं को सशक्त बनाने की सोच रखते हैं। आने वाले समय में हिमाचल में कोई भी परिवार गैस कनैक्शन से वंचित नहीं रहेगा और यह ग्रामीण गरीबों के जीवन में बदलाव की दिशा में एक कदम है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सभी मौसमों में दूर-दूर से बालन लकड़ी एकत्र करने का चलन है। उन्होंने कहा कि वह हिमाचल में 50 वितरण केन्द्र खोलने की घोषणा के लिए केन्द्रीय राज्य मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के आभारी है।

इससे पूर्व, भारतीय तेल निगम के अध्यक्ष संजीव सिंह ने मुख्यमंत्री तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया तथा उन्हें सम्मानित किया।

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