प्रदेश में एक हजार नए कंडक्टर होंगे भर्ती

प्रदेश में एक हजार नए कंडक्टर होंगे भर्ती

  • पीस मील वर्कर होंगे कांट्रेक्ट सेवा पर
  • एचआरटीसी का राजस्व बढ़ा 14.74 करोड़

शिमला: हिमाचल पथ परिवहन निगम की निदेशक मण्डल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए परिवहन मंत्री श्री जी.एस. बाली ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में प्रदेश में सड़कों की लम्बाई बढ़ी है और इसे देखते हुए पथ परिवहन निगम ने प्रदेश के प्रत्येक कोने को बस सेवा से जोड़ने के लिए समुचित संख्या में बसें उपलब्ध करवाई हैं। उन्होंने बताया कि एचआरटीसी ने कंडक्टरों की कमी पूरा करने के लिए शीघ्र एक हजार कंडक्टरों की नई भर्ती की जाएगी।

उन्होंने बताया कि एचआरटीसी में तकनीकी सेवा दे रहे पीस मील वर्करों को  चार से पांच साल के बाद कांट्रेंक्ट सेवा पर कर दिया जाएगा। इसमें आईटीआई डिप्लोमा प्राप्त पीस मील वर्कर चार साल के बाद कांट्रेक्ट सेवा पर किए जाएंग तथा गैर आईटीआई पीस मील वर्कर पांच साल के बाद कांट्रेक्ट सेवा पर किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि एचआरटीसी की आय में एक अप्रैल, 2017 से 25 मई, 2017 में 98.68 करोड़ से बढ़कर 113.42 करोड़ रुपये हुई है और यह 14.74 करोड़ की वृद्धि है। यह एचआरटीसी के सफल प्रबन्धन और अथक मेहनत का परिणाम है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 11 प्रतिशत अधिक आय अर्जित की है। उन्होंने बताया कि निगम की कार्यकुशलता की वजह से मुरम्मत और रख-रखाव में भारी कमी आई है, जिससे सालाना दो करोड़ रुपये की बचत हुई है।

परिवहन मंत्री ने आदेश दिए कि मनाली-रोहतांग रूट पर जून माह में इलैक्ट्रिक बस सेवा आरम्भ कर दी जाए और इसे बाद में अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इलैक्ट्रिक बस सेवा आरम्भ करने वाला हिमाचल प्रदेश राष्ट्र में पहला राज्य होगा। इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।

उन्होंने बस खरीदने के लिए गठित तकनीकी समिति के सदस्यों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि बस खरीदते समय सवारी की सुविधा और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए और किसी भी खामी के लिए तकनीकी समिति को जिम्मेवार ठहराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर बस अड्डों का निर्माण का कार्य चल रहा है और जहां निजी सहभागिता के लिए कम्पनियां आगे नहीं आई हैं, वहां एचआरटीसी अपने स्तर पर बस अड्डों का निर्माण करवाएगी ताकि प्रदेश में हर मुख्य स्थान पर बस स्टैंड की सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके।

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