चीन क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ बढ़ाएगा तालमेल और व्यावहारिक सहयोग

‘शी जिनपिंग की यात्रा के बीच भारत-पाक शांति वार्ता को बढ़ावा देना चाहता है चीन’

एंजेसी

चीन क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ बढ़ाएगा तालमेल और व्यावहारिक सहयोग

बीजिंग : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अपने पहले पाकिस्तान दौरे पर होने के बीच चीन ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के संबंधों में उसकी भूमिका दोनों देशों में शांति वार्ता को बढ़ावा देने की है जिससे क्षेत्र के सभी पक्षों को लाभ होगा। चीन ने यह भी कहा कि वह क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ तालमेल और व्यावहारिक सहयोग बढ़ाएगा। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हांग ली ने यहां कहा, हम पाकिस्तान के साथ रक्षा और क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर सहयोग और सांमजस्य बढ़ाएंगे। क्षेत्रीय मुद्दों के संदर्भ में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में हमारी भूमिका दोनों देशों के बीच शांति वार्ता को बढ़ावा देने तथा रिश्तों को सुधारने की है। उन्होंने कहा, यह दोनों देशों तथा उनकी जनता के लिए लाभकारी होगा और सभी पक्षों के हितों के अनुकूल होगा। शी जिनपिंग पाकिस्तान के साथ रणनीतिक संबंधों को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से दो दिवसीय यात्रा पर पाकिस्तान पहुंचे हैं। इस दौरान वह कई समझौते करेंगे।

प्रवक्ता ने कहा, हम व्यावहारिक सहयोग बढ़ाएंगे और पड़ोसी देशों के लिए अच्छे उदाहरण के तौर पर चीन तथा पाकिस्तान के बीच समान उद्देश्य वाला समुदाय बनाएंगे। शी की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन यात्रा पर जाएंगे। चीन के अधिकारी कहते रहे हैं कि बीजिंग के लिए बड़ी दीर्घकालिक परियोजना में निवेश के लिए पाकिस्तान की सुरक्षा और स्थिरता महत्वपूर्ण है। चीन ने पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाई है। चीन अपने शिनझियांग प्रांत में उग्युर मुस्लिम बहुसंख्यकों में बढ़ते उग्रवाद से निपटना चाहता है जहां अल-कायदा का समर्थन वाला ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट बहुत सक्रिय हो गया है।

सरकार संचालित ग्लोबल टाइम्स ने आज अपने संपादकीय में चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में उर्जा भरेगा। इसमें कहा गया, जाहिर तौर पर कॉरिडोर का विकास करने में दोनों देशों की परीक्षा होगी। इस्लामाबाद के लिए देश में शांति के लिहाज से राजनीतिक अस्थिरता से छुटकारा पाना और आर्थिक पुनरद्धार की ओर बढ़ना प्राथमिकता है। संपादकीय के अनुसार, चीन के ‘आयरन ब्रदर’ के रूप में पाकिस्तान में अशांति और गरीबी नहीं होनी चाहिए। यह शांतिपूर्ण होना चाहिए, खुशहाल होना चाहिए और एक मजबूत तथा समृद्ध राष्ट्र बनने के रास्ते पर लौटना चाहिए।

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