कृषि विभाग का चालू खरीफ में 9.17 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य

टमाटर, आलू, अदरक व मटर पर मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू

  • योजना ऋणी किसानों के लिए अनिवार्य व गैर ऋणी किसानों के लिए स्वैच्छिक : डा. रमेश चन्द
  • चालू खरीफ में ऋणी तथा गैर ऋणी किसानों द्वारा  बीमा करवाने की अन्तिम तिथि टमाटर के लिए 31 जुलाई
  • आलू के लिए 31 मई व अदरक की फसल हेतु 30 जून निर्धारित की गई है
  • सभी जिलों में किए जायेंगे संदर्भ मौसम स्टेशन स्थापित
टमाटर, आलू, अदरक व मटर पर मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू

टमाटर, आलू, अदरक व मटर पर मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू

शिमला: चालू खरीफ मौसम में सरकार द्वारा इस वर्ष भी टमाटर, आलू, अदरक व मटर की फसल को मौसम आधारित फसल बीमा योजना में शामिल किया गया है। यह जानकारी देते हुए कृषि निदेशक डा. रमेश चन्द ने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत टमाटर के लिए 1 अगस्त से 15 अक्तूबर, आलू के लिए 1 जून से 31 अगस्त, अदरक के लिए 1 जुलाई 15 सितम्बर व मटर के लिए 15 मई से 31 अक्तूबर तक पैदा होने वाली फसल को प्रायोगिक तौर पर मौसम आधारित फसल बीमा आवरण दिया जायेगा। योजना का संचालन जिलावार विभिन्न बीमा कम्पनी द्वारा किया जायेगा तथा इसके लिए सभी जिलों में संदर्भ मौसम स्टेशन स्थापित किये जायेंगे।

योजना की जानकारी देते हुए डा. रमेश चन्द ने बताया कि चालू खरीफ में ऋणी तथा गैर ऋणी किसानों द्वारा  बीमा करवाने की अन्तिम तिथि टमाटर के लिए 31 जुलाई, आलू के लिए 31 मई व अदरक की फसल हेतु 30 जून निर्धारित की गई है। यह योजना ऋणी किसानों के लिए अनिवार्य है तथा गैर ऋणी किसानों के लिए यह योजना स्वैच्छिक है। इस योजना की अधिसूचना 4 मई, 2017 को जारी कर दी गई है और यह तुरन्त प्रभाव से लागू हो गई है।

डा. रमेश चन्द ने बताया कि मौसम आधारित फसल बीमा योजना का उद्देष्य विभिन्न मौसम घटकों जैसे पाला, वर्षा, कम / अधिक तापमान आदि के प्रतिकूल घटनाक्रमों के प्रभावों से फसल पैदावार को सम्भावित हानि के परिणामस्वरूप किसान को होने वाले वित्तीय नुक्सान की भरपाई करना है। अदरक के लिए प्रीमियम की दर बीमित राषि के अनुसार बिलासपुर, सिरमौर व सोलन जिला में क्रमश: 9.13, 4 व 8.67 प्रतिशत रखी गई है। टमाटर के लिए प्रीमियम की दर बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर व सोलन जिला में क्रमश: 5.67, 11.33, 16.67, 6, 12.60, 8.50 व 8.67 प्रतिशत रखी गई है। आलू के लिए प्रीमियम की दर चम्बा, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल व स्पीती, मंडी, शिमला व सिरमौर जिला में क्रमश: 5.67,3.91,12.33, 8.33, 6.17, 6.87, 6.53 व 5 प्रतिशत रखी गई है। मटर के लिए प्रीमियम की दर चम्बा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल व स्पीति, मंडी व शिमला जिला में क्रमश: 6, 2, 9.97, 3.45, 9.87 व 7.33 प्रतिशत रखी गई है। सरकार ने किसानों के लिए प्रीमियम की दर बीमित राशि पर अधिकतम 5 प्रतिशत रखी है। इसके पश्चात जो अंतर आऐगा शेष प्रीमियम राज्य व केन्द्र सरकार 50:50 के अनुपात में वहन करेगी।

उन्होंने आगे जानकारी दी कि टमाटर के लिए बीमा राशि एक लाख रूपये, आलू के लिए 75,000 रूपये, अदरक के लिए 1.5 लाख रूपये व मटर के लिए एक लाख रूपये प्रति हैक्टेअर निर्धारित की गई है जिनको विभिन्न मौसम घटकों के आधार पर आगे और कई बीमा घटकों में विभाजित किया गया है। मटर की फसल पर ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान हेतु अतिरिक्त स्वैच्छिक बीमा आवरण का प्रावधान किया गया है जिसके लिए बीमा राशि 15000 रूपये प्रति हैक्टेअर निर्धारित की गई है।

उन्होंने किसानों का आहवान किया कि फसलों को होने वाले नुक्सान की क्षतिपूर्ति करने हेतु अपनी फसलों का बीमा करवायें। इसके लिए वे अपने नजदीक की प्राथमिक कृषि सहकारी सभाओं, सहकारी बैंकों, ग्रामीण बैंकों तथा वाणिज्यिकी बैंकों से सम्पर्क करें व इस बारे में अपने नजदीक के कृषि प्रसार अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी व खण्ड स्तर पर तैनात कृषि अधिकारी का भी सहयोग ले सकते हैं। सम्बन्धित कम्पनी द्वारा नुकसान के प्रतिपूर्ति दावे बीमा अवधि खत्म होने के 45 दिन के अंदर सुनिश्चित किए जायेंगे।

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