शिक्षण संस्थानों में धार्मिक सभाओं के आयोजन की इजाजत नहीं: मुख्यमंत्री

शिक्षण संस्थानों में धार्मिक सभाओं के आयोजन की इजाजत नहीं: मुख्यमंत्री

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि गत रविवार को रामपुर बुशैहर में विरोध प्रदर्शन के दौरान सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेवार लोगों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को पाठशाला परिसर में जबरन घुसने की कोशिश करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वीरभद्र सिंह ने आज जिला शिमला के रामपुर उपमण्डल के ज्यूरी में विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि रामपुर बुशैहर में धर्म के नाम पर भाजपा के कुछ समर्थक हुडदंग मे शामिल थे।

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं प्रदेश के हित में नहीं हैं तथा राज्य में इस प्रकार की दहशतपूर्ण घटना पहले कभी नहीं हुई है। उन्होंने सावधान करते हुए कहा कि साम्प्रदायिक हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए तथा सरकारी संस्थानों को धार्मिक रस्मों के आयोजन का स्थान नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी प्रकार की धार्मिक संस्था को सभाएं आयोजित करने की इजाजत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धन अथवा अन्य प्रलोभन के माध्यम से धर्म परिवर्तन करवाना निंदनीय है तथा इसे व्यावसाय नहीं बनाना चाहिए। इस तरह के चलन पर अंकुश लगाया जाना चाहिए, क्योंकि प्रलोभन तथा धन से धर्म परिवर्तन करवाना अवैध व प्रतिबंधित है। धर्म परिवर्तन के लिए इच्छुक को जिला दण्डाधिकारी से स्वीकृति लेने के लिए निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन करना आवश्यक है। किसी भी व्यक्ति द्वारा धर्म परिवर्तन के लिए उकसाना कानूनन जुर्म है।

हिमाचल प्रदेश देश का प्रथम राज्य है, जिसने धर्म परिवर्तन के विरूद्ध कानून लाया है और इसे सख्ती से लागू किया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक को स्वेच्छा से किसी भी धर्म का अनुसरण करने का अधिकार है, लेकिन कुछ धार्मिक संस्थाएं धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का हनन कर लोगों को बहकाने में लगे हैं। उन्होंने लोगों को ऐसे तत्वों तथा चुनावी माहौल में दल बदलने वालों से सावधान रहने के लिए सचेत किया।

उन्होंने कहा कि अनेक लोग चुनाव समीप वफादारी का दिखावा कर दल बदलने में लग जाते हैं और लोगों को ऐसे धोखेबाजों से सावधान रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जनता से कोई सरोकार नहीं होता, बल्कि वे निजी स्वार्थ साधने में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों में प्रचलित दल बदलने का चलन लोकतांत्रिक व्यवस्था के हित में नहीं है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि 14वें वित्तायोग ने जिला परिषदों तथा जिला पंचायत समितियों के अनुदान को रोक कर दिया है, इसके बावजूद राज्य सरकार अपने संसाधनों से इन संस्थानों को निधि प्रदान कर रही है तथा इस वित्त वर्ष में इसके लिए 42 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने 14वें वित्तायोग की सिफारिशों में संशोधन का मामला बार-बार केन्द्र सरकार से उठाया है ताकि पंचायत समितियों और जिला परिषदों को निधि के हस्तांतरण का मार्ग प्रशस्त हो सके। उन्होंने कहा कि जहां तक महात्मा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज ज्यूरी का प्रश्न है, इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह कॉलेज राज्य के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि तथा इंजीनियरिंग शिक्षा का हब होगा।

मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र घानवी को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्तरोन्नत करने की घोषणा की और रामपुर उपमण्डल के लिये मंच से 90 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण एवं आधारशिलाओं की घोषणाएं की।

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