हिंसक झड़प मामले को लेकर राज्यपाल ने लिया कड़ा संज्ञान, विवि कुलपति से मामले की रिपोर्ट की तलब

जैविक खेती से घटेगी किसान की लागत, बढ़ेगी आय : राज्यपाल

  • देशी गाय से खुशहाली व खेती संभव
  • हरियाणा में जैविक खेती के विकास के लिए प्रशिक्षण केन्द्र
  • हरियाणा में 1.80 लाख किसानों को 210 करोड़ का बीमा लाभः धनखड़

शिमला: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने हरियाणा के कैथल जिला के बालू गांव में किसान, खेतीहर मजदूर एवं पंचायती राज संस्थानों द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि खेती से आय बढ़ाने के लिए आवश्यक है कि खेती के घटकों की लागत को कम किया जाए और यह केवल जैविक खेती से ही संभव है।

उन्होंने कहा कि नवीनतम कृषि वैज्ञानिक शोधों ने यह साबित किया है कि एक देशी गाय से प्राप्त गोबर व गोमूत्र से तैयार घोल 30 किल्ले खेती के लिए पर्याप्त है। इसके निरन्तर उपयोग से भूमि की उर्बरा शक्ति बढ़ेगी, पर्यावरण भी संरक्षित होगा तथा किसान की समृद्धि का दौर आरम्भ होगा।

आचार्य देवव्रत ने कहा कि हरियाणा में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने तथा इसके प्रसार के लिए प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किए जाएंगे, जिनमें गुरूकुल के अनुभव का सहयोग भी उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि एक ग्राम गोबर में 500 करोड़ तक जीवाणु होते हैं, जो भूमि की उर्बरा शक्ति बढ़ाने में सहायक हैं।

उन्होंने बताया कि गुरूकुल में देशी नस्ल की गाय से प्रतिदिन 24 किलोग्राम तक दूध प्राप्त किया जा रहा है और इसकी खाद से एक एकड़ भूमि पर 25 क्विंटल तक धान की पैदावार हो रही है।

कृषि व पंचायत मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि हरियाणा का किसान जोखिम मुक्त हो चुका है। हरियाणा में 1.80 लाख किसानों को 210 करोड़ रुपये का फसल बीमा लाभ प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा फसलों के नुकसान की भरपाई के तौर पर अभी तक अढ़ाई वर्षों के दौरान 2200 करोड़ रुपये की अदायगी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि सरकार अच्छे पशुधन पालन के लिए किसानों को पुरस्कृत भी कर रही है।

सम्बंधित समाचार

अपने सुझाव दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *