मुख्यमंत्री ने की हिमाचल के प्रत्येक सुकमा शहीद को 20 लाख की घोषणा

सुकमा में हुए नक्सली हमले में हिमाचल के दो जवान शहीद, राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने हमले पर किया शोक व्यक्त

शिमला: छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में हिमाचल प्रदेश के दो जवान शहीद हुए हैं। हमले में हिमाचल के पालमपुर से 43 वर्षीय सहायक उप निरीक्षक संजय कुमार व मंडी जिले के नेरचौक निवासी 33 वर्षीय सुरेंद्र कुमार शहीद हुए हैं।

सुरेंद्र कुमार दस अप्रैल को ही डेढ़ महीने की छुट्टी काटकर घर से रवाना हुआ थे। सुरेंद्र कुमार के शहीद होने की सूचना मिलते ही नेरचौक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। साल 2003 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए सुरेंद्र कुमार छत्तीसगढ़ में पिछले तीन साल से तैनात थे। 13 साल की देश सेवा में सुरेंद्र कुमार ने इसी तरह के हमलों में दुश्मनों को धूल चटाई है और कभी हिम्मत नहीं हारी। सोमवार को नक्सलियों के हमले में वो शहीद हो गए। सुरेंद्र कुमार की पत्नी किरण कुमारी निजी तकनीकि संस्थान में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं। भाई जितेंद्र सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। परिवार में शहीद की एक तीन साल की बेटी एलीना है।

वहीं जिला कांगड़ा के पालमपुर उपमंडल में एएसआई संजय कुमार भी इस हमले में शहीद हो गए हैं। शहीद के पिता 83 साल के रिटायर सूबेदार राजेंद्र शर्मा बेटे की खबर पर दुखी भी हैं और गौरवान्वित भी। वो खुद सीआरपीएफ में अपनी सेवा दे चुके हैं। यही हाल शहीद की मां शकुंतला देवी का है। संजय के परिवार में तीन भाई, एक बहन और पत्नी अंकिता है, जिससे संजय की दो बेटियां आशिमा और कशिश हैं। जहां छोटी बेटी आशिमा अभी पहली क्लास में पढ़ती है तो बड़ी बेटी कशिश सातवीं क्लास में है। संजय मार्च 1990 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे।

उनके पड़ोसी मनोज सूद ने बताया कि शहीद संजय कुमार मिलनसार थे, जब भी घर आते वो सबसे मिलते और अपनी पोस्टिंग के दौरान नक्सलवाद से लड़ाई लड़ने के अपने अनुभव सबसे साझा करते। आज पूरे गांव को अपने बेटे के खो जाने का दु:ख है। वहीं एक युवा नेता ने सरकार की नक्सलवाद से लड़ाई लड़ने की नीति पर सवाल उठाया और कहा कि इस तरह से जवान मारे जाएंगे तो नक्सलवाद खत्म नहीं होगा बल्कि उसे बढ़ावा मिलेगा। सीआरपीएफ की टीम सुकमा के चिंतागुफा में सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा में लगी हुई थी।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों के घात लगाकर किए गए हमले में सीआरपीएफ के 25 जवानों को शहादत देनी पड़ी जबकि 7 जवान घायल हो गए। ये जवान सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के थे। घटना सोमवार दोपहर 12 बजे की है जब जवानों की टीम रोड ओपनिंग के लिए निकली थी। सड़क निर्माण की सुरक्षा में लगे ये जवान खाना खाने की तैयारी कर रहे थे उसी दौरान घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी। खास बात यह ह कि 2010 में इसी जगह हुए नक्सली हमले में 76 जवान शहीद हो गए थे। फिलहाल घटनास्थल पर सीआरपीएफ की कोबरा टीम तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस घटना के बाद दूसरे इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसी दौरान दंतेवाड़ा में भी सुरक्षा बलों ने IED को डिफ़्यूज कर दिया। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के रास्ते में ये IED लगाई थी।

  • राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने सीआरपीएफ जवानों पर हमले पर किया शोक व्यक्त

राज्यपाल आचार्य देवव्रत तथा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने छत्तीसगढ़ में सोमवार को नक्सलियों द्वारा सीआरपीएफ जवानों पर किए गए हमले, जिनमें 25 जवान शहीद हो गए थे, पर शोक व्यक्त किया है। इस हमले में शहीद हुए जवानों में हिमाचल के दो जवान शामिल हैं।

अपने शोक संदेश में राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलियों का यह कृत्य कायरतापूर्ण और निंदनीय है, जिसके लिए लोकतंत्र में कोई भी स्थान नहीं है। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि और शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की है। उन्होंने हमले में घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की है। इस हमले में शहीद हुए जवानों में पालमपुर के संजय कुमार और मंडी के सुरेंद्र ठाकुर शामिल हैं।

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