जलूस, रैली, धरने के लिए चयनित क्षेत्र प्रतिबंधित

सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

 शिमला: किसी भी व्यक्ति, संस्था अथवा संस्थान द्वारा सार्वजनिक सम्पति पर पोस्टर अथवा विज्ञापन चस्पा करने पर  विरूपता निरोधक अधिनियम 1985 की धारा 3 के तहत प्रशासन व संबधित विभाग द्वारा सख्त कार्रवाही अमल में लाई जाएगी यह जानकारी आज उपायुक्त शिमला रोहन चंद ठाकुर ने डिसफिगरमेंट ऑफ स्पेस के तहत आयोजित बैठक की अध्यक्षता करत हुए आज बचत भवन में दी।

उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत 3 महीने का कारावास व 1000 रूपये जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों कों अपने-अपने क्षेत्र में इस संबध में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्य  स्वच्छता मिशन की मुहिम का ही अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा अधिकारी इसे प्रथम चरण में शहरी स्तर पर क्रियान्वित करे जिसके लिए 20 अप्रैल तक अपने-अपने क्षेत्र में अधिकारी स्तर की बैठक कर रूपरेखा तैयार कर ली जाए। उन्होंने कहा कि 25 अप्रैल 2017 तक लोगों को इस बारे में जागरूक करने का कार्य पूर्ण कर लिया जाए।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को प्रभावपूर्ण रूप से लागू करने के लिए स्कूली बच्चों, स्वैच्छिक संस्थाओं, महिला एवं युवक मंडलों के साथ-साथ पंचायतीराज संस्थाओ के विभिन्न स्तरो के पदाधिकारियों व सदस्यों को भी शामिल करना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सम्बधित अधिकारी इस सम्बध में जागरूकता रैलियों व अन्य कार्यक्रम के माध्यम से लोगों मे चेतना पैदा करें। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति, समस्त उपमंडल अधिकारी और विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

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