सरकारी आवास ओक ओवर का घेराव कर भाजपा कार्यकर्ताओं ने की वीरभद्र से इस्तीफे की मांग

सरकारी आवास ओक ओवर का घेराव कर भाजपा कार्यकर्ताओं ने की वीरभद्र से इस्तीफे की मांग

शिमला: भारतीय जनता पार्टी शिमला क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने आज मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आय से अधिक सम्पति के मामले को लेकर सीबीआई द्वारा उनके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में दायर चार्जशीट को लेकर उनके सरकारी आवास ओक ओवर का घेराव किया और वीरभद्र सिंह से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। इस मौके पर शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद वीरेन्द्र कश्यप, विधायक सुरेश भारद्वाज, विधायक सुरेश कश्यप, बलदेव तोमर, पूर्व मंत्री नरेन्द्र बरागटा, पूर्व विधायक हृदय राम, प्रदेश महामंत्री चंद्रमोहन ठाकुर, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश दत, प्रदेश सचिव त्रिलोक जम्वाल, प्रदेश प्रवक्ता रितु सेठी, कोषाध्यक्ष कपिल सूद, शिमला संसदीय क्षेत्र के संगठन मंत्री पुरषोतम गुलेरिया तथा जिलाध्यक्ष संजय सूद, सहित हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि आज स्पष्ट मुद्दा है कि हिमाचल प्रदेश में ओकओवर में और सचिवालय में कोई भी भ्रष्टाचारी व्यक्ति प्रदेश का नेतृत्व करने के लिए नहीं रहना चाहिए। उन्होनें कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने वीरभद्र सिंह की अपील खारिज कर दी है और चार्जशीट सीबीआई ने कोर्ट में दाखिल कर दी है। पूर्व में भी इस्पात मंत्री रहते हुए जब इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी तो इन्हें अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था और आज भी जब इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है तो इन्हें तुरंत नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। लेकिन हमें मालूम है कि कांग्रेस में नैतिकता नाम की कोई चीज नहीं होती। पिछले 60 वर्षों से हिन्दुस्तान देख रहा है कि कांग्रेस ने भ्रष्टाचार को पालने का काम किया है। इसलिए आज भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता यहां मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करने आए हैं यदि मुख्यमंत्री स्वयं इस्तीफा नहीं देते हैं तो प्रदेश की जनता उनसे स्वयं इस्तीफा ले लेगी।

शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद वीरेन्द्र कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भ्रष्टाचार के पर्याय बन चुके हैं। पहले केन्द्र में इस्पात मंत्री रहते हुए भी उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और उन्हें अपने केन्द्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था और आज इन्होनें भ्रष्टाचार में नए आयाम स्थापित किए है जिसकी वजह से हिमाचल प्रदेश जैसा शांतिप्रिय प्रदेश आज दुनियाभर में शर्मसार हुआ है। उन्होनें कहा कि यदि मुख्यमंत्री में थोड़ी सी भी नैतिकता बाकि है तो उन्हें तुरन्त अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए और अपने किए गुनाहों की सजा भोगने को तैयार रहना चाहिए।

प्रदेश महामंत्री चंद्रमोहन ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जी ने स्वयं ही हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी जिसमें उन्होनें आग्रह किया था कि उनके खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों में न तो एफआईआर दर्ज होनी चाहिए, न छानबीन होनी चाहिए, न उनसे पूछताछ होनी चाहिए, न ही उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए और न ही उनके खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दायर होनी चाहिए।

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