मतदान के लिए फोटो पहचान पत्र अनिवार्य

चुनाव आयोग ने मतदान के लिए फोटो पहचान पत्र किए अनिवार्य

शिमला: राज्य निर्वाचन विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि 36-भोरंज (अ.जा.) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के सभी मतदाता, जिन्हें फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र जारी किए गए हैं, को यह पहचान पत्र 9 अप्रैल को मतदान केन्द्र पर मतदान के समय प्रस्तुत करना होगा।

उन्होंने कहा कि यदि कोई मतदाता अपना पहचान पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ है, तो ऐसे मतदाताओं को अपनी पहचान स्थापित करने के लिए पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राज्य/केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/पब्लिक लिमिटेड कम्पनियां द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैंकों/डाकघरों द्वारा जारी किए गए फोटोयुक्त पासबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड, आरजीआई एवं एनपीआर द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के अन्तर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, निर्वाचन तंत्र द्वारा जारी प्रमाणिक फोटो मतदाता पर्ची तथा सांसदों, विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्रों जैसे फोटोयुक्त वैकल्पिक दस्तावेज़ों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा।

निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ईपीआईसी के सम्बन्ध में किसी प्रकार की लेखन अथवा अन्य अशुद्धि को नजरअंदाज किया जाना चाहिए बशर्तें मतदाता की पहचान ईपीआईसी से सुनिश्चित हो रही हो। यदि फोटोग्राफ इत्यादि के मिलान न होने के कारण मतदाता की पहचान सुनिश्चित करना संभव न हो, तो ऐसी स्थिति में मतदाता को उक्त वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा।

उपरोक्त में किसी बात के होते हुए भी, प्रवासी निर्वाचक जो अपने पासपोर्ट में विवरणों के आधार पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 20क के अधीन निर्वाचक नामावलियों में पंजीकृत है, उन्हें मतदान केन्द्र में उनके केवल मूल पासपोर्ट (तथा कोई अन्य पहचान दस्तातेज नहीं) के आधार पर ही पहचाना जाएगा।

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