कृषि व बागवानी अधिकारी जाएंगे हड़ताल पर

कृषि व बागवानी अधिकारी जाएंगे हड़ताल पर

शिमला : सरकार कृषि व बागवानी अधिकारियों को वेतन देने  में लगातार अनदेखी कर रही है। पिछले 6 वर्षों से ये अधिकारी अपने संशोधित वेतनमानों को लागु करवाने के लिए सरकार से गुहार लगा रहे हैं और सरकार 2006 से वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन विसंगती को दूर नहीं कर रही है जोकि पंजाब में पिछले 6 साल से कृषि अधिकारियों को लागु कर दिया गया है। यह बात कृषि सेवा संघ हिमाचल प्रदेश के प्रधान डॉ. अनिल ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही।

उन्होंने कहा कि हिमाचल में भी कृषि व बागवानी अधिकारियों को छोडक़र सभी श्रेणियों को यह संशोधित वेतनमान लागु कर दिया गया है। पिछली विधानसभा के दौरान कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया व बागवानी मंत्री विद्या स्टोकस ने भी इस मुददे को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के सामने भी रखा था और उन्होंने भी इसमें सहमती जताई थी, परंतु वित विभाग के कुछ अधिकारियों दवारा गलत तथ्य पेश कर सरकार को गुमराह किया जा रहा है। जिसमें यह कहा जाता है कि पंजाब में यह मान 2006  वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन विसंगतियों को दूर करके दिया गया है जिसकी सत्यापित प्रतिलिपियां सरकार को कई बार दी जा चुकी है। यहां तक कि वित विभाग दवारा कुछ विभागों में उप समिति की सिफारिशों को भी लागु किया गया है। उन्होंने कहा कि कृषि व बागवानी अधिकारी संघ 27 मार्च को विधानसभा में एक बार फिर से मुख्यमंत्री से मिलेगा व अपनी मांग प्रस्तुत करेगा और यदि सरकार ने अगली कैबिनेट में इसे अनुमोदित नहीं किया तो दोनों विभागों के अधिकारी हड़ताल पर जाने के लिए विवश हो जाएंगे और तब तक काले बिल्ले लगाकर काम करेंगे। इसकी वजह से किसानों व बागवानों को जो नुकसान होगा उसके लिए सरकार व वित्त विभाग जिम्मेवार होगा।

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