एसजेवीएन ने किया वित्‍तीय वर्ष 2016-17 के लिए 930.74 करोड़ रुपए का अंतरिम लाभांश घोषित

एसजेवीएन ने किया वित्‍तीय वर्ष 2016-17 के लिए 930.74 करोड़ रुपए का अंतरिम लाभांश घोषित

  • भारत सरकार को 599.99 करोड़ रुपए अंतरिम लाभांश के रूप में किए अदा
  • आर.एन. मिश्र ने नई दिल्‍ली में पीयूष गोयल को किया लाभांश का चेक भेंट
  • एसजेवीएन का उत्‍कृष्‍टरेटिंग के तहत 8700 मिलियन यूनिट विद्युत उत्‍पादन का लक्ष्‍य : मिश्र
एसजेवीएन ने किया वित्‍तीय वर्ष 2016-17 के लिए 930.74 करोड़ रुपए का अंतरिम लाभांश घोषित

एसजेवीएन ने किया वित्‍तीय वर्ष 2016-17 के लिए 930.74 करोड़ रुपए का अंतरिम लाभांश घोषित

शिमला : सार्वजनिक क्षेत्र के एसजेवीएन लिमिटेड ने वर्ष 2016-17 के वित्‍तीय निष्‍पादन के आधार पर अपने शेयरधारकों को 930.74 करोड़ रुपए (2.25 रुपए प्रति शेयर की दर से) का अंतरिम लाभांश घोषित किया है। एसजेवीएन ने कंपनी की 64.5% इक्विटी धारक भारत सरकार को 599.99 करोड़ रुपए का अंतरिम लाभांश अदा किया है। जबकि  25.5% इक्विटी धारक हिमाचल प्रदेश सरकार ने अंतरिम लाभांश के रूप में 237.38 करोड़ रुपए प्राप्‍त किए हैं तथा पब्लिक शेयरधारिता को 93.37 करोड़ रुपए अदा किए गए हैं। गत वर्ष कंपनी ने इसके शेयरधारकों को 455.03 करोड़ रुपए का लाभांश अदा किया था।

एसजेवीएन लिमिटेड के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, आर.एन.मिश्र द्वारा नई दिल्‍ली में केन्‍द्रीय विद्युत राज्‍यमंत्री पीयूष गोयल को लाभांश का चेक भेंट किया गया। लाभांश चेक पी.के.पुजारी, सचिव (विद्युत), अर्चना अग्रवाल, संयुक्‍त सचिव (हाईड्रो) तथा विद्युत मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारियों की उपस्थिति में भेंट किया गया। इस अवसर पर आर.के.बंसल, निदेशक (विद्युत) तथा एसजेवीएन के वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • एसजेवीएन कर रही हिमाचल में भारत के सबसे बड़े 1500 मेगावाट के जलविद्युत स्‍टेशन का शानदार निष्‍पादन : मिश्र
एसजेवीएन कर रही हिमाचल में भारत के सबसे बड़े 1500 मेगावाट के जलविद्युत स्‍टेशन का शानदार निष्‍पादन : मिश्र

एसजेवीएन कर रही हिमाचल में भारत के सबसे बड़े 1500 मेगावाट के जलविद्युत स्‍टेशन का शानदार निष्‍पादन : मिश्र

केन्‍द्रीय विद्युत राज्‍यमंत्री को चेक भेंट करते हुए मिश्र ने मंत्री को बताया कि वित्‍तीय वर्ष 2016-17 के दौरान एसजेवीएन ने ”उत्‍कृष्‍ट” रेटिंग के तहत 8700 मिलियन यूनिट विद्युत उत्‍पादन का लक्ष्‍य रखा है जबकि आज की तारीख तक 1500 मेगावाट की एनजेएचपीएस, 412 मेगावाट की आरएचपीएस तथा 47.6 मेगावाट की खिरवीरे डब्‍ल्‍यूपीपी से कुल लगभग 8940 मिलियन यूनिट का विद्युत उत्‍पादन कर दिया गया है। जबकि इन तीन परियोजनाओं से संयुक्‍त रूप से विद्युत की बिक्री से 2300 करोड़ रुपए के राजस्‍व की प्राप्ति का लक्ष्‍य है।

उन्‍होंने यह भी कहा कि जल विद्युत एसजेवीएन की मूलभूत शक्ति का आधार है तथा कंपनी हिमाचल प्रदेश में भारत के सबसे बड़े 1500  मेगावाट के जलविद्युत स्‍टेशन का शानदार निष्‍पादन कर रही है तथा कंपनी नेपाल, भूटान, अरूणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्‍तराखंड, बिहार तथा गुजरात में अन्‍य परियोजनाओं का कार्यान्‍वयन कर रही है। कंपनी की अन्‍य दो परियोजनाएं यानि हिमाचल प्रदेश में 412 मेगावाट की रामपुर जलविद्युत परियोजना तथा महाराष्‍ट्र में 47.6 मेगावाट की खिरवीरे पवन विद्युत परियोजना पहले से ही प्रचालनाधीन है।  एसजेवीएन पहले ही पवन विद्युत, ताप विद्युत तथा विद्युत पारेषण में विविधीकरण कर चुका है तथा वर्तमान में 2000 मेगावाट बिजली का उत्‍पादन कर रहा है।

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