शूलिनी और चीन के तीन विश्वविद्यालयों में एमओयू

शूलिनी और चीन के तीन विश्वविद्यालयों में एमओयू

इस गठजोड़ से सभी संस्थानों के बीच संबंधों को मिलेगा  बढ़ावा

इस गठजोड़ से सभी संस्थानों के बीच संबंधों को मिलेगा बढ़ावा

शिमला: अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को व्यापक बनाने के अपने प्रयासों में शूलिनी विश्वविद्यालय ने हाल ही में चीन के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। शूलिनी विवि के प्रो-वाइस चांसलर प्रोफेसर अतुल खोसला की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल जिसमें प्रोफेसर सौरभ कुलश्रेष्ठ भी शामिल थे, ने इस महीने चीन का दौरा किया। इस दौरे के दौरान उन्होनें हैनान विश्वविद्यालय, हैनान ट्रॉपिकल ओशन यूनिवरसिटि और युन्नान कृषि विश्वविद्यालय के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

इस गठजोड़ से सभी संस्थानों के बीच संबंधों को बढ़ावा मिलेगा और संयुक्त शैक्षणिक कार्य के लिए नए अवसर मुहैया होंगे, जिससे छात्रों को शूलिनी और चीन में उसके पार्टनर यूनिवर्सिटी में अध्ययन करने की सुविधा मिलगी।

शूलिनी के प्रतिनिधिमंडल ने दो अन्य विश्वविद्यालयों- जिहुआ विश्वविद्यालय और युन्नान विश्वविद्यालय का दौरा भी किया और शैक्षिक और अनुसंधान के क्षेत्रों में सहकारिता पर चर्चा की। इन संस्थानों ने शूलिनी के साथ सहयोग के लिए सहमति भी दी है और आने वाले समह में इस पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

प्रतिनिधिमंडल ने सिचुआन विश्वविद्यालय का भी दौरा किया, जिसके साथ शूलिनी का पहले से ही एमओयू है। वर्तमान में शूलिनी यूनिवर्सिटी के मैनेजमैंट साइंसेज और लिबरल आर्ट्स संकाय के पाँच छात्रों को सिचुआन विवि द्वारा प्रतिष्ठित ‘बेल्ट और रोड’ स्कॉलरशिप दी गई है। इस स्कॉलरशिप की कुल राशि एक करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। सिचुआन यूनिवर्सिटी भी इस साल अगस्त में इसी तरह के एक एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत शूलिनी में अपने पांच छात्रों का समूह भेजेगा।

सिचुआन विवि, शूलिनी में चीनी भाषा और संस्कृति का एक स्कूल स्थापित करने के लिए भी अपना समर्थन देने के लिए सहमत हो गया है। जीवन विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान सहयोग की संभावनाओं के बारे में चर्चा करने के लिए शूलिनी विवि इस साल दोनों विश्वविद्यालयों के बीच संयुक्त बैठक की मेजबानी करेगा।

पिछले साल शूलिनी ‘बेल्ट अँड रोड विवि अलायंस’ का हिस्सा बना था जो एक प्रतिष्ठित संघ है जिसमें चीन, न्यूजीलैंड, अमेरिका, ब्रिटेन, हाँगकाँग और रूस के 130 विश्वविद्यालय शामिल हैं। इस मौके पर विवि के उप कुलपति प्रो॰ पी॰के खोसला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ सहभागिता बढ़ाने की तरफ विवि लगातार काम कर रहा है और इसी के कारण शूलिनी के छात्रों को बाहर के विश्वविद्यालयों द्वारा अपने यहाँ पढ़ने के मौके मिल रहे। उन्होनें आशा जताई कि इन प्रयासों की वजह से भविष्य में शूलिनी के अधिक से अधिक छात्र विश्व के टॉप शिक्षण संस्थानों में पढ़ सकेंगें।

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