हिमाचल बजट विधानसभा में पेश : बजट के मुख्य अंश

  • नाबार्ड के माध्यम से आर.आई.डी.एफ. में विभिन्न विकास योजनाओं के लिए विधायक 80 करोड़ तक की योजनाएं प्रस्तुत कर सकेंगे।
  • ‘विधायक क्षेत्रीय विकास निधि योजना’ के अन्तर्गत राशि को 1.10 करोड़ तक बढ़ाया गया।
  • शिमला तथा काँगडा जिला में “सॉफ्टवेयर तकनीकी पार्क” की स्थापना की जाएगी।
  • “राज्य खाद्य उपदान योजना” में 220 करोड़ का बजट प्रस्तावित।
  • 1,134 करोड़ की लागत वाली विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित बागवानी विकास परियोजना वर्ष 2017-18 से कार्यान्वित की जाएगी।
  • 4 करोड़ का बजट परिव्यय के साथ नई “मुख्यमंत्री किवी प्रोत्साहन योजना” की घोषणा।
  • कृषकों/बागवानों को पावर स्प्रेयर, पावर टिल्लर तथा अन्य उपकरण पर उपदान हेतु 12 करोड़ का बजट परिव्यय प्रस्तावित। प्लास्टिक करेट पर उपदान के लिए एक नई योजना की घोषणा। नई पौधशाला प्रोत्साहन योजना की घोषणा। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना के लिए युवाओं को 40 प्रतिशत उपदान की घोषणा। 30 करोड़ का बजट परिव्यय के साथ “मुख्य मन्त्री खेत संरक्षण योजना” में उपदान 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत करना प्रस्तावित।
  • पॉली हाऊस के निर्माण के लिए़ उपदान के अन्तर्गत आने वाले क्षेत्र को 2000 वर्गमीटर से बढ़ाकर 4000 वर्गमीटर करने की घोषणा।
  • पॉली शीट बदलने हेतु नई “मुख्य मंत्री ग्रीन हाऊस परिवर्धन योजना” की घोषणा।
  • नई ”मुख्य मन्त्री जैविक खेती पुरस्कार योजना“ की घोषणा। ”उत्तम चारा उत्पादन योजना“ के अन्तर्गत 7 करोड़ का बजट परिव्यय प्रस्तावित। 50 प्रतिशत उपदान के साथ बोरवेल इत्यादि के लिए 10 करोड़ का बजट परिव्यय प्रस्तावित। गैर मौसमी/विदेशज सब्जियों को प्रोत्साहित करने के लिए 50 करोड़ का बजट परिव्यय प्रस्तावित। पॉलीक्लिनिक एवं उप-मण्डल के पशु-चिकित्सालय में पशु निदान सुविधाएं प्रदान करने की घोषणा। नई “उत्तम पशु पुरस्कार योजना” की घोषणा।
  • प्रजनन मेड़ों पर 60 प्रतिशत उपदान की नई योजना की घोषणा।
  • ऊन का प्रापण मूल्य 10 प्रतिशत बढ़ाना प्रस्तावित।
  • 60 प्रतिशत उपदान वाली नई  ”कृषक बकरी पालन योजना” प्रारम्भ करने की घोषणा।
  • 60 प्रतिशत उपदान वाली नई “5000 ब्रॉयलर योजना” प्रारम्भ करने की घोषणा। “पंचायत पशुधन पुरस्कार योजना” को 7.8 करोड़ के बजट परिव्यय प्रस्तावित।
  • दूध प्रापण मूल्य को 1 प्रति लीटर बढ़ाने की घोषणा।
  • दुग्ध सहकारी संघों को दूग्ध विधायन एवं दूध अभिशीतन इकाईयों को लगाने के लिए 75 प्रतिशत अनुदान दिये जाने की घोषणा।
  •  100 ट्राउट ईकाईयाँ स्थापित करने की घोषणा।
  • 800 करोड़ की लागत वाली हिमाचल प्रदेश ईको सिस्टम प्रबन्धन एवं आजीविका परियोजना तथा 1300 करोड़ की लागत वाली “हिमाचल प्रदेश वन समृद्धि परियोजना” प्रारम्भ करना प्रस्तावित।
  • पौंग डैंम में स्थाई  Avian Monitoring and Bird  Ringing Station स्थापित करने की घोषणा।
  • कनलोग, सराहन, कसोल, धर्मशाला, पांवटा साहिब तथा मण्डी में 6 जैव-विविधता पर्यटन पार्क विकसित करने की घोषणा।
  • प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, 10 शहरी निकायों में ठोस कचरा प्रबन्धन के लिए सहायता प्रदान करने की घोषणा।
  • जल एवं वायु गुणवत्ता जांच के लिए शिमला में एक क्षेत्रीय प्रयोगशाला स्थापित करने की घोषणा। इसी तरह की प्रयोगशालाएं जिलों में भी स्थापित करना प्रस्तावित।
  • ग्रामीण युवाओं को आजीविका के अवसर प्रदान करने के लिए नई “मुख्य मंत्री ग्रामीण आजीविका योजना” प्रारम्भ करने की घोषणा।
  • जिला परिषद तथा पंचायत समितियों को विकास कार्य हेतु 42 करोड़ की अतिरिक्त राशि जारी करना प्रस्तावित।
  • 20 करोड़ के बजट परिव्यय से नई “Mukhya Mantri Rural Road Repair Scheme”प्रस्तावित।
  • विभिन्न गृह निर्माण योजनाओं के अन्तर्गत 115 करोड़ प्रस्तावित।
  • AMRUT योजना के अन्तर्गत 50 करोड़ का बजट आबंटन प्रस्तावित।
  • शहरी क्षेत्रों में पार्किंग के निर्माण के लिए 50 प्रतिशत अनुदान तथा पार्क विकसित करने के लिए 60 प्रतिशत अनुदान देना प्रस्तावित।
  • ऑनलाईन योजना स्वीकृति/अनुमोदन को लागू किया गया।
  • आपदा राहत के लिए 260 करोड़ का बजट परिव्यय प्रस्तावित।
  • वर्ष 2017-18 में 160 करोड़ का बजट परिव्यय के साथ 160 पेय जल-आपूर्ति एवं 70 सिंचाई योजनाओं को पूर्ण करना प्रस्तावित।
  • शिमला शहर की जल आपूर्ति के लिए 837 करोड़ की लागत वाली परियोजना प्रस्तावित।
  • सभी आंशिक रूप से व्याप्त आबादी को पेयजल उपलब्ध करवाने हेतु 670 करोड़ की लागत वाली Brics New Development Bank (NDB)AMRUT से वित्त-पोषित एक नई योजना प्रस्तावित।
  • कमान्द क्षेत्र विकास कार्य के लिए 75 करोड़ का बजट परिव्यय प्रस्तावित।
  • जल आपूर्ति एवं सिंचाई योजनाओं के 450 करोड़ का विद्युत भार का वहन प्रदेश सरकार करेगी।
  • सरकार ने हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड को उच्च मूल्य का ऋण चुकता करने हेतु 2,890 करोड़ का ऋण दिया है जिससे इसका ब्याज भार 90 करोड़ प्रतिवर्ष घट जाएगा।

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