आवास कल्याण योजनाओं के अन्तर्गत उपदान राशि 75,000 से बढ़ाकर 1,30,000

मुख्यमंत्री का पारम्परिक रीति रिवाजों व संस्कृति के संरक्षण पर बल

  • 5.60 करोड़ के नगर परिषद भवन के निर्माण की रखी आधारशिला
  • ब्यास नदी पर 3.35 करोड़ के पैदल पुल की आधारशिला

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह आज अन्तरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव पर आयोजित  ‘देव-ध्वनि’ (देवी-देवताओं से संबंधित पारम्परिक संगीत) समागम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए और बजंतरियों के सहवादन की भूरी-भूरी प्रसंशा की। इस संगीत समागम में देवी-देवताओं के साथ आए बजंतरियों ने भाग लिया। यह संगीत समागम शिवरात्रि महोत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा बना।

गत वर्ष 10 मार्च, 2016 को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपनी उपस्थिति दर्ज करने के दौरान इस समागम में 1806 बजंतरियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था और आज इस समागम में 2023 बजंतरी शामिल होकर एक और नया रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करवाने के लक्ष्य को स्थापित किया है। पूरे जिले से आए बजंतरियों ने इस दौरान पारम्परिक वाद्य यंत्रों के साथ देव ध्वनि समागम में अपनी प्रस्तुति दी।

बाली घाटी, चौहार घाटी, बाली चौकी, सिराज, जंजैहली, सनौर, बदार तथा उत्तरशाला घाटी के बजंतरियों ने देव ध्वनि में पारम्परिक वाद्य यंत्रों-करनाल, ढोल, नगाड़ा, शहनाई, नरसिंघा, बाम्ब, भाना आदि के साथ सहवादन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डी शिवरात्रि उत्सव एक विशेष मेले के रूप में प्रसिद्ध है। इस उत्सव में मण्डी शहर में जिले भर के देवी-देवता शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय देवी-देवता संगीतज्ञों व कारदारों के साथ मेले में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि बजंतरियों को सम्मान देने के लिए उन्हें कारदारों के समान मानदेय प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया है। क्योंकि बजंरी इन देवी-देवताओं के परिवार के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि हम हमेशा ही अपने देवी-देवताओं से घिरे रहते हैं जो प्रतिदिन आयोजित होने वाली रस्मों में शामिल होते हैं।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि हमारे देवी-देवता राज्य में होने वाले प्रत्येक मेले व त्यौहार में अपनी उपस्थित सुनिश्चित बनाते हैं। उन्होंने प्रदेश की समृद्ध संस्कृति व रीति-रिवाजों के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि हम जैसे-जैसे जीवन में प्रगति की ओर अग्रसर हो रहे हैं, हमें अपनी भाषा, संस्कृति, परम्पराओं व मूल्यों को भी भावी पीढ़ी के लिए आगे ले जाना है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर ‘मैसमेराईजिंग मण्डी’ कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया। इस पुस्तक में पर्यटकों के लिये जिले की विभिन्न स्थलों की जानकारी उपलब्ध होगी।

सर्वहित देवता कमेटी के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कहा कि जिला प्रशासन तथा देव समाज के संयुक्त प्रयासों से 2000 से अधिक बजंतरियों ने मेले में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि बजंतरी देवी-देवताओं की शोभा यात्रा के अभिन्न अंग हैं, जो शिवरात्रि मेले में भाग लेने के लिए आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का देव सदन के निर्माण के लिए 6.50 करोड़ रुपये प्रदान करने के लिए आभार प्रकट किया, जिसकी निविदाएं शीघ्र ही आमंत्रित की जा रही हैं। उपायुक्त संदीप कदम ने कहा कि स्थानीय देवी-देवता बजंतरियों के बिना एक भी कदम आगे नहीं बढ़ सकते।

मुख्यमंत्री ने 5.60 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले नगर परिषद के नए भवन की आधारशिला रखी। इस बहुमंजिला भवन में पार्किंग सुविधा के अतिरिक्त कांफ्रेंस हाल का भी निर्माण किया जाएगा। उन्होंने पुरानी मण्डी में वन मण्डलाधिकारी कार्यालय के समीप पड्डल मैदान को जोड़ने वाले पैदल पुल की भी आधारशिला रखी। ब्यास नदी पर बनने वाले इस पुल के निर्माण पर 3.35 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री ने फोरेंस्कि विभाग के अधीन एक जिला पुलिस केन्द्र योजना का भी शुभारम्भ किया। योजना के अन्तर्गत हर जिले से एक पुलिस थाना जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य चयनिक पुलिस थानों में पंजीकृत अपराधिक मामलों की जांच में त्वरित वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर वैज्ञानिक सहायता उपलब्ध करवाना है। मण्डी सदर पुलिस थाना, चम्बा व धर्मशाला के बाद इस योजना में शामिल होने वाला तीसरा पुलिस थाना है।

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