मुख्यमंत्री ने किया "अन्तरराष्ट्रीय शिवरात्रि "महोत्सव का शुभारम्भ, मंडी में मेडिकल विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने किया “अन्तरराष्ट्रीय शिवरात्रि “महोत्सव का शुभारम्भ, मंडी में मेडिकल विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा

  • स्थानीय देवी-देवताओं के नजराने में बढ़ौतरी
मंडी में मेडिकल विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा

मंडी में मेडिकल विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा

शिमला:मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज ऐतिहासिक पड्डल मैदान में मण्डी जिला के प्रसिद्ध अन्तरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध माधो राय मन्दिर में पूजा-अर्चना करने के उपरान्त अन्तरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की पारम्परिक शोभा यात्रा ‘जलेव’ में भाग लिया। स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह, आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा, आयुर्वेद एवं सहकारिता मंत्री कर्ण सिंह व अन्य गणमान्य भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश के लोगों विशेषकर मण्डी जिला के लोगों की समृद्धि की कामना की।

हजारों की संख्या में रंगविरंगी वेशभूषा पहने क्षेत्र के लोगों ने स्थानीय देवी-देवताओं की पालकियों के साथ पड्डल मैदान तक शोभा यात्रा में भाग लिया। जिले के सभी भागों से आए लगभग 200 देवी-देवताओं ने पारम्परिक शोभा यात्रा ‘जलेव’  में भाग लिया। वीरभद्र सिंह ने इस अवसर पर पड़ल मैदान में एक विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए स्थानीय देवी-देवताओं के नजराने में 10 प्रतिशत की बढ़ौतरी करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पहली बार बजंतरियों को भी अलग से नजराना दिया जाएगा। उन्होंने मण्डी जिला में प्रदेश का पहला मेडिकल विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों का जीवन स्थानीय देवी-देवताओं के इर्द-गिर्द घुमता है और स्थानीय देवी-देवता लोगों के जीवन का अभिन्न अंग हैं तथा ये सभी गतिविधियों में शामिल हैं। उन्होंने सभी धार्मिक आयोजनों को पारम्परिक ढंग से निभाने का भी आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह इतिहास में दर्ज है कि जो राष्ट्र अपनी परम्पराओं व रीति-रिवाजों के संरक्षण में असफल रहे वह पूरी तरह से समाप्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी पहचान हमारी समृद्ध संस्कृति व रीति-रिवाजों से होती है व इनके संरक्षण की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि जहां तक ऐतिहासिक मन्दिरों का सवाल है, उनका संरक्षण व जीर्णोद्धार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसे प्राचीन मन्दिरों, जो गिरने की कगार पर हैं, के संरक्षण के प्रति गम्भीर है। उन्होंने मण्डी जिला के लोगों के साथ अपने नजदीकी संबंधों बारे भी चर्चा की। वीरभद्र सिंह ने कहा कि मेडिकल कालेज नेरचौक इस वित्त वर्ष में क्रियाशील कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए मण्डी जिला में मेडिकल विश्वविद्यालय खोला जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र का विकास वहां के शिक्षित समुदाय पर निर्भर करता है और प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के युवाओं को उच्च व गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज 119 महाविद्यालय हैं और गत चार वर्षों के दौरान प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में 45 नए महाविद्यालय खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि मण्डी जिला में भी 8 नए राजकीय महाविद्यालय खोले गए हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शिवरात्रि महोत्सव की स्मारिका का भी विमोचन किया।

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