जैव विविधता बोर्ड द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह करेंगे शिरकत

जैव विविधता बोर्ड द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह करेंगे शिरकत

प्रशिक्षण कार्यशाला

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शिमला: हिमाचल प्रदेश जैव विविधता बोर्ड 9 फरवरी को केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, बैमलोई, शिमला, जिला शिमला के 7 विकास खण्डों, बसन्तपुर, चौपाल, जुब्बल, कोटखाई, मशोबरा, ठियोग और रोहड़ु के समस्त ग्राम पंचायत प्रधानों तथा हितधारको विभागो क्रमशः वन, आयुर्वेदा, मत्स्य, वानकी, कृषि, पशुपालन विभागो के अधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला, जैव विविधता को मुख्यधारा में लाना, लोग और उनकी आजीविका को कायम रखना के बारे में एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन शिमला में करने जा रहा है।

इस प्रशिक्षण कार्यशाला में शिमला के 7 विकास खण्ड, 5 वन मण्डलों के ग्रामं पंचायत प्रधानों, अधिकारी एवं कर्मचारियों को जैवविविधता के महत्व, इसके योगदान जैवविविधता अधिनियम, 2002 और नियम, 2004, जैवविविधता प्रबन्धन समितियों का गठन पंचायत स्तर पर, जैवविविधता रजिस्टर तैयार करने तथा शिमला जिला के जैविक संसाधन पहुंच से सौम्यपूर्ण लाभ आवंटन बारे अवगत कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह दोपहर बाद समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। प्रदेश मुख्य सचिव वी.सी.फारका इस समारोह का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री राज्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद के लिए बनाई गई नवनिर्मित भवन का भी उदघाटन करेंगे जिसमें हिमाचल प्रदेश जैवविविधता बोर्ड, जलवायु परिवर्तन केन्द्र तथा बौद्विक सूचना केन्द्र कार्य करेंगे। यह तीनों केन्द्र भविष्य में उपरोक्त क्षेत्रों में तथा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहे अधिकारियों, वैज्ञानिको तथा मिनिस्ट्रिल स्टाफ को कार्य करने में आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवायेंगे। मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश जैवविविधता बोर्ड की नई बैवसाइट भी लॉन्च करेंगे।

इस कार्यशाला में जिला शिमला के 7 विकास खण्डों के पंचायत प्रधानों तथा 5 वन मण्डलों के फील्ड स्टाफ को जैवविविधता की उपयोगिता बारे और जैवविविधता अधिनियम तथा नियम, बी.एम.सी. बनाने के बारे में विधि, बी.एम.सी. का रोल, पी.बी.आर तथा जिला शिमला  के जैवविविधता रिर्सोर्सिज के बारे में अवगत करवाया जाएगा।

जैवविविधता एक्ट के प्रावधानों के अन्तर्गत जैव संसाधनों के वाणिज्यिक उपयोग करने वाले उद्योग एवं कम्पनियों की इन संसाधनों द्वारा अर्जित लाभ को राज्य जैवविविधता बोर्ड के माध्यम से स्थानी निकाय स्तर पर गठित बी.एम. सी. के साथ साझा करना पड़ेगा । यह लाभ स्थानीय स्तर पर जैव विविधता संरक्षण एवं आजिविका सृजित करने में उपयोग किया जाएगा।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, अर्की जिला सोलन द्वारा जैवविविधता पर एकांकी प्रस्तुत की जाएगी। तरुण कपूर, प्रधान सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, रोहन ठाकुर, डीसी शिमला,  अर्चना शर्मा, निदेशक, पर्यावरण एवं प्रौद्योगिकी विभाग, मुख्य अरण्यपाल, आलोक नागर, वन विभाग, एवं शिमला के विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी तथा संबंधित कर्मचारी, संयुक्त सदस्य सचिव तथा वरिष्ठ वैज्ञानिक राज्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लेंगे।

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