देश की सुरक्षा में हर वक्त तैनात रहने वाली फौज की क्षमता का भव्य प्रदर्शन

देश की सुरक्षा में हर वक्त तैनात रहने वाली फौज की क्षमता का भव्य प्रदर्शन

 राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सलामी मंच से परेड का किया निरीक्षण

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सलामी मंच से परेड का किया निरीक्षण

  • देश भर में हर्षोल्लास से मनाया गया 68वें गणतंत्र दिवस  उत्सव

हमारे लिए बहुत ही गौरव की बात है कि हम देश के 68वें गणतंत्र दिवस के उत्सव को मना रहे हैं। आज और कल में भले काफी फर्क है लेकिन आज भी राजपथ में भव्य समारोह को देखते हुए लगता है जैसे मैं भी उस समारोह का ही एक हिस्सा हूँ जैसे बचपन में लगता था। ऐसे लगता था टीवी के अंदर जाकर जोर-जोर से भारत माता के नारे लगाऊं। मुझे याद आता है कि जब हम बचपन में सुबह उठकर ही गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर टीवी और रेडियो के पास जाकर बैठ जाते थे। कार्यक्रम के शुरू होते ही देश भक्ति का जूनून और ख़ुशी का अनुभव मानो उस दिन तो सर चढ़कर बोलता था। पापा ओर दिन टीवी देखने की भले ही इज्जात दें न दें लेकिन इस दिन तो पहले ही वो हमें टीवी देखने का फरमान जारी करते थे। देश के लिए शहीद हुए वीरों की वीर गाथाएँ सुनाना, नए साल पर घर में कलेण्डर भी देश के शहीदों के ही आते थे फिर पापा का सवाल बताओ ये कौन क्रांतिकारी वीर है? नहीं पता हो तो उनकी डांट। डांट के बाद उन वीरों के नाम के साथ-साथ न जाने कितने देश के वीरों के बारे में जानकारी देना। आज भी सुबह जब टीवी लगाया तो हर साल की तरह इस बार भी विजय चौक से ऐतिहासिक लालकिले तक देश की आन-बान-शान का शानदार नजारा दिखा, जिसमें प्राचीन काल से चली आ रही भारत की अनूठी एकता में जुड़ी विविधताओं वाली विरासत, आधुनिक युग की विभिन्न क्षेत्रों की उसकी उपलब्धियां और देश की सुरक्षा के लिए हर वक्त तैनात रहने वाली फौज की क्षमता का भव्य प्रदर्शन और भी बहुत कुछ।

  • गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि थे अबु धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान

    गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि थे अबु धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान

    गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि थे अबु धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान

इस बार देश के 68वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर विजय चौक से ऐतिहासिक लालकिले तक देश की आन-बान-शान का शानदार और बेहतरीन नजारा देखने को मिला, गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि अबु धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान थे। परेड में यूएई के सैनिकों की एक टुकड़ी ने अपने देश के ध्वज के साथ हिस्सा लिया जिसमें उसका संगीत बैंड शामिल था। यूएई के दस्ते में 149 जवान शामिल थे जिसमें 35 संगीतकार हैं। सलामी मंच पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मौजूदगी में राजपथ पर गुरुवार (26 जनवरी) को भारत की संस्कृति के रंगों और रक्षा क्षेत्र की ताकत का प्रदर्शन किया गया। परेड में जहां सारी दुनिया में सबसे अधिक विभिन्नता वाले देश भारत को एक सिरे में पिरोने वाली उसकी हर कोने की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाया, वहीं अत्याधुनिक हथियारों, मिसाइलों, विमानों और भारतीय सैनिकों के दस्तों ने देश के किसी भी चुनौती से निपट सकने की ताकत का अहसास कराया। सबसे अंत में रोमांच से भर देने वाले वायु सेना के अत्याधुनिक विमानों को राजपथ के ऊपर से हैरतअंगेज कारनामों के साथ उड़ान भरते देख कर उन विमानों की ताकत के साथ ही वायुसेना के पायलटों का हुनर और जांबाजी का अहसास हुआ।

  • आंखों में गर्व का भाव लिये हंगपन दादा की पत्नी चासेल लवांग ने किया सम्मान स्वीकार

विजय चौक से ऐतिहासिक लालकिले तक दोनों ओर उत्साही जनता के विशाल हुजूम के बीच राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सलामी मंच से परेड का निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह

आंखों में गर्व का भाव लिये हंगपन दादा की पत्नी चासेल लवांग ने किया सम्मान स्वीकार

आंखों में गर्व का भाव लिये हंगपन दादा की पत्नी चासेल लवांग ने किया सम्मान स्वीकार

अमर जवान ज्योति पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। गणतंत्र दिवस परेड में ही नहीं बल्कि उसे देखने आए देश के हर क्षेत्र, समुदाय, जाति और धर्म के उमड़े जन सैलाब ने अनेकता में एकता के जज्बे का अनूठा प्रदर्शन किया। परेड के 8 किलोमीटर के रास्ते में बच्चों, महिलाओं, युवाओं और वृद्धों के चेहरों की चमक और उत्साह देखते ही बनता था। करीब 10 बजे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने तिरंगा फहराया। राष्ट्रगान की धुन के बीच 21 तोपों की सलामी एवं हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा के बाद परेड शुरू हुई। परेड से पहले सलामी मंच पर हवलदार हंगपन दादा को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। यह शांति काल में दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है । आंखों में गर्व का भाव लिये हंगपन दादा की पत्नी श्रीमति चासेल लवांग ने सम्मान स्वीकार किया।

  •  गणतंत्र दिवस परेड में महिला शक्ति की मजबूत मौजूदगी दिखी
 गणतंत्र दिवस परेड में महिला शक्ति की दिखी मजबूत मौजूदगी

गणतंत्र दिवस परेड में महिला शक्ति की दिखी मजबूत मौजूदगी

लड़ाई के मोर्चे पर महिलाओं की भूमिका पर चल रही बहस के बीच गणतंत्र दिवस परेड में महिला शक्ति की मजबूत मौजूदगी दिखी। सेना की तीनों टुकड़ियों और नेशनल कैटेड कोर (एनसीसी) के महिला दस्तों ने परेड में ओजपूर्ण सलामी देते हुए कंधे से से कंधा मिलाकर चलने की क्षमता का प्रदर्शन किया। सीमा सुरक्षा बल, रेलवे सुरक्षा बल, दिल्ली पुलिस केंद्रीय औद्योगिक पुलिस बल व स्कूली छात्रों के मार्चिंग दस्ते ने शौर्यपूर्ण धुनों से तमाम राजपथ को गुंजायमान कर दिया। राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके जैसलमेर में स्थित गंगा रिसाला के नाम से पहचाना जाने वाला बीएसएफ का ऊंट दस्ता राजसी शान के साथ राजपथ से गुजरा। यह दस्ता बीकानेर रॉयल फोर्स की विरासत को संजोए हुए है। वीरता पुरस्कार से नवाजे गए बहादुर बच्चों का कारवां राजपथ से गुजरा तो गर्व एवं तालियों की गड़ग राहट के साथ राजपथ के दोनों ओर से लोगों ने बच्चों को हाथ हिलाकर शाबासी दी। इसके बाद पेश हुई देश की समृद्धि व संस्कृति की झ्लक दिखाती झांकियां।

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