हिमाचल के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की हालत स्थिर

नए संस्थान खोलने के लिए वर्तमान नियमों में छूट देने पर किया जाएगा विचार : मुख्यमंत्री

शिमला: कांगड़ा ज़िला के नूरपुर क्षेत्र में जनजातीय छात्रावास का निर्माण किया जाएगा और प्रदेश सरकार नए संस्थानों को खोलने व विभिन्न सुविधाएं प्रदान करने के लिए वर्तमान नियमों में छूट देने का प्रस्ताव लाएगी। अनुसूचित जनजाति की समुदाय वाली बस्तियों में लांटाना व अन्य नुकसान देय झाड़ियों को उखाड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों व जनजातीय समुदाय के कल्याण व संतुलित विकास, प्रगति व समृद्धि के लिए वचनबद्ध है।

मुख्यमंत्री आज धर्मशाला में गद्दी कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। गद्दी समुदाय के लोगों की ओर अपने विशेष झुकाव को प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस समुदाय का राज्य के विकास व प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान है। हिमाचल प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है और यहां के लोग कृषि से संबंधित गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस समुदाय के उत्थान और कल्याण प्रदेश सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री ने समुदाय की प्रगति व समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि किसी भी समुदाय को अपना अतीत नहीं भुलाना चाहिए और अपनी समृद्ध रीति-रिवाजों, भाषा व संस्कृति को अपनाना चाहिए। सभी लोगों को मिल-जुल कर इस समुदाय के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए, ताकि विकास से कोई भी वर्ग अछूता न रह सके। शिक्षितों को गरीबों व कमज़ोर वर्गों को सुदृढ़ करने के लिए कार्य करना चाहिए, ताकि सारा समुदाय एक समान रूप से विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि गद्दी समुदाय को अपनी समृद्ध संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गद्दी बहुल क्षेत्र अपने कठोर परिश्रम के कारण समृद्ध है। उन्होंने आशा जताई कि गद्दी समुदाय के लोग कृषि तथा मत्स्य पालन के साथ-साथ अन्य संबंधित गतिविधियों में शामिल होंगे, ताकि अन्य समुदायों के साथ-साथ वे भी समान आर्थिक स्वतंत्रता तथा खुशहाली प्राप्त कर सके।

वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने मुख्यमंत्री तथा प्रदेश के विभिन्न भागों से बैठक में शामिल होने के लिए आए गद्दी कल्याण बोर्ड के मनोनीत सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में सम्मिलित विभिन्न प्रावधानों का कार्यान्वयन किया है। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार द्वारा गद्दी समुदाय के कल्याण के लिए विभिन्न नीतियों तथा कार्यक्रमों के शुभारंभ से ही संभव हो पाया है कि आज वे एक आत्मनिर्भर तथा समाननीय जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गद्दी समुदाय प्रगति के लिए मुख्यमंत्री का सदा आभारी रहेगा। इस समुदाय के लोग आज विश्वभर में सभी क्षेत्रों में अपनी छाप छोड़ने में सक्षम है।

बैठक में उठाए गए मामलों में सर्वेक्षण के अनुसार सड़कों का निर्माण न होना, इंदौरा खण्ड की गग्वाल पंचायत में 5 ट्यूबवैल की स्थापना, कुलानी में राजकीय प्राथमिक पाठशाला का पुनः खोलना, एलएडीए के तहत निजी कम्पनियों को राशि जमा करवाने के निर्देश जारी करना, मुख्य सड़क से कुनहा गांव तथा अलानाली बथेरी गांव से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, मलूना तक जीप के लिए सड़क का निर्माण, नगरोटा बगवां खण्ड के गुजरेहा में रेलवे लाईन पर ओवर ब्रिज का निर्माण, धर्मकोट तथा भागसूनाग के मध्य एलोपैथिक औषधालय खोलना तथा ललोट-बरोटी तथा बीआना में आयुर्वेदिक औषधालय खोलना, ग्राम पंचायत पेल्यूर के काली नाला में, कीरी के संघनी नाला में चैकडैम का निर्माण, दारू गांव में अनुसूचित जनजाति आवास में एक कुहल तथा चम्बा ज़िला की बकानी कुहल की मुरम्मत, धर्मशाला क्षेत्र में सिला नाला से बैजनाथ तथा पटोला टिका तक पाईपों को बदलना, कांगड़ा ज़िला के थाला में पेयजल तथा सिंचाई योजनाओं के लिए निधि प्रदान करना, मैक्लोड़गंज से चोला, करोड़ी पुल से चकालू गुजरेहा से ग्रहमाता तक सड़कों का निर्माण, भंडाल में वर्षा शालिका तथा वाया तारस फतेहड़ हरेड़ से सम्पर्क मार्ग, उतरला होली सड़क इत्यादि शामिल थे।

शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव तरूण श्रीधर तथा आर.डी. धीमान भी अन्य गणमान्यों सहित इस अवसर पर उपस्थित थे।

सम्बंधित समाचार

अपने सुझाव दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *