दूसरे डिपुओं से नहीं मिल रहा उपभोक्ताओं को राशन

गत तीन मास के दौरान जिला में 24 करोड़ 15 लाख 42 हजार से अधिक के खाद्यान्न एवं मिट्टी तेल वितरित

  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली कमेटी एवं सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक आयोजित
  • तीन महीने के दौरान 390850 गैस सिलेंडर की आपूर्ति

शिमला :  गत तीन मास के दौरान 550 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से जिला में 24 करोड़ 15 लाख 42 हजार से अधिक के खाद्यान्न एवं मिट्टी तेल वितरित किया गया। यह जानकारी आज अतिरिक्त उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति ने जिला स्तरीय लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली कमेटी एवं सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी अन्न योजना के तहत विभाग द्वारा 20842 परिवारों को 37496 क्विंटल गेहूं व 27331 क्विंटल चावल वितरित किए गए, इसके अतिरिक्त 29188 बीपीएल परिवारों को 6977 क्विंटल गेहूं व 6976 क्विंटल चावल वितरित किए गए। जिला में कुल 131625 एपीएल परिवारों को 39311 क्विंटल चावल व 65753 क्विंटल आटा वितरित किया गया।

जिला में विगत तीन माह में उपभोक्ताओं को नियंत्रण मूल्य पर 486000 लीटर मिट्टी का तेल वितरित किया गया, जिसकी लागत 7776000 रुपये है। उन्होंने बताया कि जिला में गैस सिलंेडर वितरण को और अधिक चुस्त-दुरूस्त बनाने के लिए कड़े पग उठाए जाएंगे। उन्होंने इंडियन आॅयल काॅरपोरेशन के प्रतिनिधियों तथा विभागीय निरीक्षकों को इस संदर्भ में जांच और निरीक्षण कर तुरंत रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए, ताकि आगामी बैठक में इस पर ठोस निर्णय लिया जा सके। उन्होंने बताया कि जिला में तीन महीने के दौरान 390850 गैस सिलेंडर की आपूर्ति 173464 उपभोक्ताओं को की गई। उन्होंने बताया कि नेरवा, सैंज, टिक्कर में उचित मूल्य की दुकानें खोलने के लिए मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी गई है। जिला में 6 नई उचित मूल्य की दुकाने खोली जाएंगी, जबकि 6 अन्य दुकाने खोलने बारे प्रस्ताव प्रचार-प्रसार के लिए भेज दिया गया है।

उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा नियंत्रण आदेशों के तहत कुल 1409 निरीक्षण जिला के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए। 160 दुकानदारों को कानून बताओ नोटिस जारी किया गया। गंभीर अनियमितताओं में संलिप्त होटल, ढाबा मालिकों द्वारा व्यापारिक प्रतिष्ठानों में घरेलु गैस का प्रयोग करने, फल व सब्जी विक्रेताओं द्वारा मूल्य सूची प्रदर्शित न करने पर 2,12,995 रुपये का जुर्माना किया गया। 1400 रुपये प्रतिभूति राशि व 69217 रुपये जब्ति के रूप में उचित मूल्य की दुकानों से वसूल कर सरकारी कोष में जमा करवाएं।

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