हिमाचल प्रदेश 20-सूत्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन में अग्रणी राज्य में

हिमाचल प्रदेश 20-सूत्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन में अग्रणी राज्य में

  •  राम लाल ठाकुर ने दिए कृषि विभाग को बीज, कीटनाशक दवाइयों व अन्य कृषि उपकरणों को किसानों को वितरण करने में सुधार लाने के निर्देश
  • : राम लाल ठाकुर :  विभाग के फील्ड अधिकारियों को ग्राम सभा की बैठकों में शामिल होने के भी निर्देश दिए, ताकि किसानों की सुविधा के लिए आरम्भ की गई विभिन्न योजनाओं की उपयोगी जानकारी उन्हें की जा सके प्रदान
  • कहा: वन विभाग द्वारा रोपित किए गए पौधों की जीवन दर की निगरानी के लिए अपनाई जानी चाहिए ठोस नीति
  • : जिला शिमला के झाखड़ी में पौधरोपण अभियान में कमी से सम्बन्धित मामले को समिति के एक सदस्य द्वारा उठाने पर इस मामले की जांच के लिए एक समिति गठित करने के निर्देश
  • : मत्स्य विभाग के अधिकारियों को केन्द्र सरकार से प्रदेश में मत्स्य उत्पादन को कृषि गतिविधियों में शामिल करने का मामला एक बार पुनः उठाने के दिए निर्देश
 राम लाल ठाकुर ने दिए कृषि विभाग को बीज, कीटनाशक दवाइयों व अन्य कृषि उपकरणों को किसानों को वितरण करने में सुधार लाने के निर्देश

राम लाल ठाकुर ने दिए कृषि विभाग को बीज, कीटनाशक दवाइयों व अन्य कृषि उपकरणों को किसानों को वितरण करने में सुधार लाने के निर्देश

शिमला: हिमाचल प्रदेश ने गत पांच वर्षों के दौरान 20-सूत्रीय कार्यक्रम के कार्यान्वयन में बेहतर प्रदर्शन किया है तथा राज्य ‘बहुत अच्छा’ श्रेणी में शीर्ष स्थान पर रहा है। केन्द्र सरकार से विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत प्राप्त होने वाली केन्द्रीय सहायता में बड़ी कटौती के बावजूद भी प्रदेश ने 20 सूत्रीय कार्यक्रम के अधिकांश मद्दों में निर्धारित लक्ष्य हासिल कर बहुत अच्छा दर्जा प्राप्त किया।

यह जानकारी राज्य स्तरीय योजना विकास एवं 20 सूत्रीय कार्यक्रम के अध्यक्ष राम लाल ठाकुर ने आज यहां आयोजित समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार 20 सूत्रीय कार्यक्रम के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए निर्धारित शत-प्रतिशत लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए वचनबद्ध है। सरकार द्वारा सामाजिक सेवाएं, परिवहन, संचार, ऊर्जा, कृषि तथा सम्बद्ध गतिविधियों सहित सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कृषि विभाग को बीज, कीटनाशक दवाइयों व अन्य कृषि उपकरणों को किसानों को वितरण करने में सुधार लाने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने विभाग के फील्ड अधिकारियों को ग्राम सभा की बैठकों में शामिल होने के भी निर्देश दिए, ताकि किसानों की सुविधा के लिए आरम्भ की गई विभिन्न योजनाओं की उपयोगी जानकारी उन्हें प्रदान की जा सके।

ठाकुर ने कहा कि वन विभाग द्वारा रोपित किए गए पौधों की जीवन दर की निगरानी के लिए एक ठोस नीति अपनाई जानी चाहिए। जिला शिमला के झाखड़ी में पौधरोपण अभियान में कमी से सम्बन्धित मामले को समिति के एक सदस्य द्वारा उठाने पर उन्होंने इस मामले की जांच के लिए एक समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मत्स्य विभाग के अधिकारियों को केन्द्र सरकार से प्रदेश में मत्स्य उत्पादन को कृषि गतिविधियों में शामिल करने का मामला एक बार पुनः उठाने के निर्देश दिए।

उन्होंने बिलासपुर जिला में एम्स का निर्माण कार्य आरम्भ करने के लिए वन निगम, पशुपालन तथा अन्य सम्बन्धित विभागों को आपसी तालमेल से शीघ्र औपचारिकताएं पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा बिलासपुर जिला में एम्स स्थापित करने के लिए अभी तक कोई भी अधिसूचना जारी नहीं की गई है। जैसे ही इसकी अधिसूचना होगी, प्रदेश सरकार वन स्वीकृति का मामला भेजेगी।

समिति के सदस्यों द्वारा आवारा पशुओं से सम्बन्धित मामला भी उठाया गया तथा इस पर कड़ी नीति अपनाने की सिफारिश की ताकि लोग अपने पशुओं को सड़कों पर न छोड़ें। सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विभिन्न मांगों को उठाया तथा बहुमूल्य सुझाव भी दिए।

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