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मनरेगा में खर्च किए जाएंगे 600 करोड़ : अनिल शर्मा

  • साहिवाल नस्ल को बढ़ावा देने के लिए एक करोड़ की परियोजना

शिमला : ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से केन्द्रीय प्रायोजित योजनाओं सहित गांवों के विकास से जुड़ी अनेक योजनाएं एवं फ्लैगशिप कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन यूपीए सरकार द्वारा आरंभ की गई महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण स्वरोज़गार योजना (मनरेगा) के अंतर्गत राज्य में 11.88 लाख परिवारों के जॉब कार्ड बनाए गए हैं, और ग्रामीण लोगों को उनके घर-द्वार के समीप रोज़गार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से गांव के विकास की योजनाएं बनाई जा रही हैं।

अनिल शर्मा आज यहां प्रेस क्लब शिमला द्वारा आयोजित ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम तथा पुरस्कार वितरण समारोह के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत राज्य को वर्ष 2016-17 के लिये 218.49 कार्य-दिवस अर्जित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसमें 649 करोड़ की मजदूरी राशि सीधे गांवों के लोगों के खातों में जाएगी। अभी तक 177.47 लाख कार्य दिवस अर्जित किए जा चुके हैं, जिनमें महिलाओं की भागीदारी 62 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत विकास की योजना पर 60-40 के अनुपात में खर्च किया जाता है, जिसमें 60 प्रतिशत की राशि बतौर मज़दूरी व 40 प्रतिशत सामग्री पर खर्च करने का प्रावधान है।

ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान 3.73 लाख परिवारों को मनरेगा के अंतर्गत रोजगार प्रदान किया गया, जिसमें से 1626 परिवारों को 100 दिनों का रोजगार शामिल है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान 4.23 लाख परिवारों को यह रोजगार प्रदान किया गया था, जिनमें से 20302 परिवारों में 100 दिन का रोजगार पूरा किया। उन्होंने कहा कि अभी तक योजना के अंतर्गत 336.59 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और चालू वित्त वर्ष के दौरान लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि पिछले वर्ष केवल 391.52 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, क्योंकि केंद्र द्वारा वित्तीय लक्ष्य पर 45 प्रतिशत की कटौती की गई थी।

उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में वर्ष 2015-16 के सोशल ऑडिट की प्रक्रिया जारी है और शीघ्र ही इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को प्रस्तुत की जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य देश का दूसरा बाह्य शौचमुक्त राज्य घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान 60549 परिवारों के लिए शौचालयों का निर्माण, सामुदायिक स्वच्छता के अंतर्गत 217 शौचालयों का निर्माण किया गया। उन्होंने कहा कि ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत इस वर्ष के लिए राज्य की 617 ग्राम पंचायतों को चुना गया है। उन्होंने कहा कि मिशन के अंतर्गत सभी प्रकार के निर्माण की फोटोग्राफी की जा रही है।

पशु पालन विभाग के माध्यम से हासिल उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए अनिल शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान राज्य में 37 पशु अस्पताल खोले अथवा स्तरोन्नत किए हैं, जबकि पिछली सरकार ने अपने कार्यकाल के पांच वर्षों में केवल दो पशु अस्पताल खोले थे। 45 नए नियमित पशु औषधालय खोले गए। उन्होंने कहा कि आवारा गौवंश के संरक्षण के लिए राज्य में गौवंश संवर्द्धन बोर्ड का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊना तथा बिलासपुर में दो पॉली क्लीनिक स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 126 पशु चिकित्सा अधिकारियों तथा 298 फार्मासिस्टों की नियुक्ति की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य में नई पशु प्रजनन नीति बनाई गई है, जिसके अंतर्गत देसी नस्ल की गायों का विकास सुनिश्चित बनाया जा रहा है। शिमला के घणाहट्टी तथा कांगड़ा के पालमपुर में 6.07 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक तरल नत्रजन संयत्र स्थापित किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि साहिवाल नस्ल को बढ़ावा देने के लिए राज्य को केंद्र सरकार से एक करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत हुई है और इस पर कार्य चल रहा है।

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