राज्यपाल का विश्वविद्यालयों से कैशलेस व्यवस्था अपनाने का आग्रह

राज्यपाल का विश्वविद्यालयों से कैशलेस व्यवस्था अपनाने का आग्रह

शिमला: राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों, कर्मचारियों व महाविद्यालयों को कैशलेस लेन-देन के लिए प्रेरित करने की योजना बना रही हैं और लोगों को डिजीटल ढंग से अदायगी करने के लिए जागरूक किया जाएगा।  राज्यपाल आज यहां प्रदेश के सभी सरकारी व निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की विशेष बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने का भी आग्रह।

आचार्य देवव्रत ने कहा कि डैविट/क्रेडिट कार्डों, ऑनलाईन हस्तांतरण, आरटीजीएस व चेक इत्यादि से कैशलेस लेन-देन सुनिश्चित बनाना चाहिए। अध्यापकों, स्टाफ व विद्यार्थियों को मोबाईल तकनीक द्वारा डिजीटल लेन-देन के प्रयोग बारे जानकारी दी जानी चाहिए, क्योंकि यह एक सुरक्षित प्रणाली है। उन्होंने इस विषय पर प्रशिक्षण, कार्यशाला तथा सेमीनार आयोजित करने पर बल दिया ताकि इसका उपयोग दैनिक दिनचर्या में किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान प्रदेश के महाविद्यालयों में भी आरम्भ किए जाएंगे।

राज्यपाल ने कहा कि भविष्य की पीढ़ी खुले तौर पर डिजीटल अदायगी प्रणाली को स्वीकार करेगी और कैशलेस आर्थिकी की क्रांति का नेतृत्व करेगी। उन्होंने कहा कि मोबाईल बैंकिंग तथा डिजीटल प्रणाली से की गई अदायगी से पारदर्शिता आएगी।

उन्होंने कहा कि मोबाईल बैंकिंग व ई-वालेट को अपनाने से प्रत्येक को लाभ मिलेगा, क्योंकि ऐसे में उन्हें अपने साथ नकदी रखने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करने के अनेक रास्ते हैं और वर्तमान परिदृश्य में हम कैशलेस प्रणाली को अपना कर भी राष्ट्र की सेवा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व इसको अपना रहा है और हमें भी विकास को सुनिश्चित करने के लिए इस रास्ते पर चलना चाहिए।

आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 1000 व 500 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण करने का ऐतिहासिक व साहसिक फैसला लिया है और ऐसे में अब हमें इस मिशन में उनका साथ देना चाहिए और इससे हम देश के आर्थिक सुधारों में भी सहयोग कर पाएंगे। उन्होंने विश्वविद्यालयों से इस मिशन में सहयोग देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राजभवन में पहले ही पूर्ण से कैशलेस प्रणाली को अपना लिया है। उन्होंने कहा कि 17 दिसम्बर को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के टॉपर्स के लिए बैंकों की सहायता से राजभवन में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जहां पर तकनीकी विशेषज्ञ कैशलेस तकनीक के बारे में ज्ञान उपलब्ध करवाएंगे। इसी प्रकार की कार्यशालाएं विश्वविद्यालयों  में  भी  आयोजित  की  जाएंगी  और  उसके  उपरान्त  प्रदेश  के

महाविद्यालयों में भी जागरूकता अभियान आरम्भ किए जाएंगे, ताकि प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन सक,े जहां पूर्ण रूप से कैशलेस लेन-देन लागू होगा और यह लक्ष्य शिक्षण संस्थानों व युवाओं की सक्रिय भागीदारी से प्राप्त होगा। बैठक के दौरान विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने बहुमूल्य सुझाव दिए और राज्यपाल को आस्वस्त किया कि उनके संबंधित विश्वविद्यालयों में पूर्ण कैशलेस के लेन-देन के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। अग्रणी बैकों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

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