कृषि निदेशक डॉ. रमेश चन्द

चालू रबी मौसम में 6.97 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य : डा. रमेश चन्द

  • विभाग द्वारा निर्धारित उत्पादन सम्बन्धी लक्ष्यों को पूरा करने के प्रयास
  • निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिये कृषि सामग्री के समुचित व व्यापक प्रबन्ध
  • किसानों से आह्वान, कृषि सम्बन्धी जानकारी व सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषि योजनाओं का लें अधिक से अधिक लाभ
विभाग द्वारा निर्धारित उत्पादन सम्बन्धी लक्ष्यों को पूरा करने के प्रयास

विभाग द्वारा निर्धारित उत्पादन सम्बन्धी लक्ष्यों को पूरा करने के प्रयास

शिमला : कृषि उत्पादन कार्यक्रम के अन्तर्गत कृषि विभाग ने चालू रबी मौसम में 6.97 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अतिरिक्त तिलहन 3.20 हजार टन, आलू 39.00 हजार टन व सब्जी के 6.00 लाख टन के उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किये गये है। यह जानकारी कृषि निदेशक डा. रमेश चन्द ने दी। डा. रमेश चन्द ने कहा कि प्रदेश की बढ़ती हुई जनसंख्या को भोजन उपलब्ध करवाने के लिये यह आवश्यक है कि अधिक से अधिक खाद्यान्न उत्पादन किया जाये। अतः विभाग द्वारा निर्धारित उत्पादन सम्बन्धी लक्ष्यों को पूरा करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं में जैविक उत्पादों के प्रति रूझान बढ़ रहा है तथा जैविक उत्पाद के अधिक मूल्य प्राप्त हो रहे हैं। विभाग द्वारा लोगों में जैविक खेती को लोकप्रिय बनाने हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। जैविक खेती के अन्तर्गत अब तक 39440 किसानों को पंजीकृत किया जा चुका है तथा 21656 हेक्टेयर क्षेत्र इसके अन्तर्गत लाया जा चुका है। कृषि निदेशक ने कहा कि निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिये कृषि सामग्री के समुचित व व्यापक प्रबन्ध किये गये हैं जिसके अन्तर्गत 7650 मि. टन उन्नत बीज, 28000 मि. टन रासायनिक खादें, 10 मि. टन जैविक खादें, 65 मि. टन दवाईयां व 55000 सुधरे कृषि औजार किसानों को उपलब्ध करवाये जा रहे हैं। राज्य के किसानों को उच्च गुणवत्ता की कृषि सामग्री उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से चालू रबी मौसम में 1000 खाद के नमूने, 150 पौध संरक्षण दवाईयों के नमूने, 400 बीज के नमूने लिये जायेंगे व उनकी जांच की जायेगी। इसके अतिरिक्त जांच हेतु मिट्टी के 48,750 नमूने लिये जायेंगे ताकि किसान परीक्षण के आधार पर खादों का प्रयोग करें। इसके अतिरिक्त इस रबी मौसम में कृषि विभाग को राष्ट्रीय आपदा राहत निधि के अंतर्गत 6.00 करोड़ रुपये आबंटित किये गये हैं। चालू रबी मौसम के लिए गेंहू व चारा बीजों और पौध सरंक्षण सामग्री व स्प्रेयर पर उपदान दिया जा रहा है। किसानों को सुधरे औजारों व मषीनरी जैसे कि चैफक्टर, सीडबिन, मेज़शैलर, वॉटर टब, हल इत्यादि उपकरणों पर भी उपदान दिया जा  रहा है।

डा. रमेश चन्द ने कहा कि उचित फसल प्रबन्धन से रबी फसलों का अधिक उत्पादन लिया जा सकता है। इसके लिए खेत की तैयारी से लेकर फसल की कटाई तक विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। फसलों एवं किस्मों का चुनाव, क्षेत्र विशेष की जलवायु, मृदा की दशा, पानी की उपलब्धता आदि पर ध्यान रखते हुये किया जाना चाहिये। अच्छी उत्पादकता प्राप्त करने के लिये अच्छी गुणवत्ता का बीज अत्यन्त आवष्यक है। खाद एवं उर्वरकों का सही मात्रा में सही समय पर ठीक ढंग से प्रयोग करने पर अधिक उत्पादन प्राप्त किया जाता है। उर्वरकों के संतुलित प्रयोग हेतु मृदा का परीक्षण अति आवश्यक है। फसल की अच्छी पैदावार प्राप्त करने के लिये खेत को खरपतवारों, कीटों एवं रोगों से मुक्त रखना भी अति आवश्यक है।

कृषि निदेशक ने बताया कि चालू रबी मौसम में गेहूं व जौ की फसलों पर कृषि बीमा योजना लागू रहेगी तथा सोलन जिले की टमाटर व शिमला मिर्च, कांगड़ा जिले की आलू की फसल व कुल्लू और सिरमौर जिला की लहुसन की फसल को मौसम आधारित फसल बीमा योजना में शामिल किया गया है। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे कृषि सम्बन्धी जानकारी व सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषि योजनाओं का विभाग के माध्यम से अधिक से अधिक लाभ लें।

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