राज्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद की एक दिवसीय कार्यशाला कल पंथाघाटी में : कुनाल सत्यार्थी

संयुक्त सदस्य, सचिव जैव विविधता बोर्ड कुनाल सत्यार्थी

संयुक्त सदस्य, सचिव जैव विविधता बोर्ड कुनाल सत्यार्थी

शिमला : हिमाचल प्रदेश पेटेंट सूचना केन्द्र राज्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद, हि.प्र. शिमला एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। जिसका विषय “अनुसंधान, विकास और शिक्षा के क्षेत्र में बौधिक संपदा अधिकार” है। यह जानकारी परिषद के संयुक्त सचिव कुनाल सत्यार्थी ने आज यहां दी। कुणाल सत्यार्थी ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला का आयोजन 25 नवम्बर को HFRI पंथाघाटी, शिमला में किया जा रहा है। जिसमें राज्य के विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक/छात्र अनुसंधान और विकास संस्थानों के शोधकर्ता हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधान सचिव राज्य विज्ञान प्रोद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद तरूण कपूर कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।

इसके अतिरिक्त निदेशक अजय कुमार लाल पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, तथा संयुक्त सदस्य सचिव कुणाल सत्यार्थी एवं परिषद के वरिष्ठ वैज्ञानिक भी इस कार्यशाला में भाग लेंगे।

उन्होंने बताया कि हि.प्र. पेटेंट कक्ष राज्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद में अक्तूबर 1998 को भारत सरकार के राज्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद द्वारा स्थापित हुआ था। इसका मुख्य उददे्श्य बौद्विक संपदा अधिकार के बारे में जागरुकता और पेटेंट दाखिल करने की विधि से अवगत करना है। Geographical Indications दाखिल करने के लिए विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद का पेटेंट केन्द्र चिन्हित किया गया है। पेटेंट केन्द्र ने 6 जी.आई, कुल्लू शॉल, कांगड़ा चाय, चम्बा रुमाल, किन्नौरी शॉल, कांगड़ा पेंटिंग, कुल्लू शॉल लोगों को भी पंजीकृत किया है।

उन्होंने बताया कि बौधिक संपदा के अधिकारों की जागरुकता के लिए 8 इकाईयां हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर, डा. वाई. एस. परमार, बागवानी विश्वविद्यालय, नौणी, जे.पी. विश्वविद्यालय, वाघनाघाट, बहारा विश्वविद्यालय, शोघी, इटरनल विश्वविद्यालय, बडु साहिब, चितकारा और शूलिनी विश्वविद्यालय में स्थापित की गई हैं।

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