मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना आरम्भ

मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना आरम्भ

मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना आरम्भ

मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना आरम्भ

शिमला: राज्य सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए चालू वित्त वर्ष के दौरान मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना आरम्भ की है। योजना की जानकारी देते हुए सूचना एवं जन सम्पर्क मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में किसानों की फसलों को जंगली जानवरों तथा बन्दरों से बचाने के लिए सौर अथवा विद्युत बाड़बन्दी का उपयोग करना है। योजना के लिए वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अग्निहोत्री ने कहा कि इस योजना के तहत किसानों अथवा किसानों के समूह को बाड़बन्दी के लिए 60 प्रतिशत की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि परियोजना के दो घटक हैं, एक सौर बाड़बन्दी तथा दूसरी विद्युत बाड़बन्दी। उन्होंने कहा कि किसान अधिकतम 1500 मीटर लम्बी बाड़बन्दी के लिए वित्तीय सहायता की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि योजना के तहत परियोजना की संभावित लागत 100 मीटर, 200 मीटर, 300 मीटर, 400 मीटर, 500 मीटर, 700 मीटर, 1000 मीटर तथा 1500 मीटर के विभिन्न मानकों की कृषि भूमि के सात विभिन्न नमूनों के लिए निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि परियोजना के अन्तर्गत सहायता लाभार्थी को सीधे अथवा ऋण की स्थिति में बैंकों के माध्यम से जारी की जाएगी।

सूचना एवं जन सम्पर्क मंत्री ने कहा कि योजना का कार्यान्वयन कृषि विभाग द्वारा किया जा रहा है तथा बाड़बन्दी की योजना, डिजाईन व निर्माण के लिए तीन कम्पनियों को सूचीबद्ध किया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना को प्रदेश भर में संबंधित उप-निदेशक, कृषि के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों के चयन, सेवा प्रदाताओं तथा तकनीकी जानकारी से संबंधित समस्त जानकारी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश क्षेत्रीय अधिकारियों को जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक विभाग द्वारा 151.34 लाख रुपये की लागत के 55 मामलों को स्वीकृत किया गया है।

अग्निहोत्री ने कहा कि किसान विषय वस्तु विशेषज्ञ (सबजेक्ट मैटर स्पेस्लिस्ट) के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र पर आवश्यक दस्तावेज के साथ जिला नोडल अधिकारी अर्थात उप-निदेशक, कृषि को योजना का लाभ उठाने के लिए सम्पर्क कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए निकटतम कृषि अधिकारी से सम्पर्क करें।

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