अन्तरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला सम्पन्न

  • पारम्परिक गानें, लोक नृत्य व लोक वाद्य यंत्र आज भी प्रासंगिक : राज्यपाल
  • राज्यपाल ने परशुराम मंदिर तथा माता रेणुका जी मंदिर में की पूजा-अर्चना

शिमला : सिरमौर जिला का छह दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला आज सायं सम्मपन हो गया, राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने समापन समारोह की अध्यक्षता की। समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पारम्परिक गानें, लोक नृत्य व लोक वाद्य यंत्र आज भी प्रासंगिक हैं, जो हमारी प्राचीन संस्कृति के प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने कहा कि मेले व त्यौहार हमारी संस्कृति के धरोहर हैं और इनके आयोजन से प्रदेश की संस्कृति प्रदर्शित होती हैं और आयोजन के माध्यम से युवा पीढ़ी को क्षेत्र की सांस्कृतिक व विरासत के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि मेले व त्यौहारों के माध्यम से हमें अपनी प्राचीन पारम्परिक सांस्कृतिक धरोहर को समझने में सहायता मिलती है और हम सभी को अपनी लोक संस्कृति एवं विरासत के संरक्षण में योगदान देना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि रेणुका महान विभूति की भूमि है और हमें इस महान व्यक्ति की शिक्षाएं अपने बच्चों को देनी चाहिए तथा उन द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने समर्पण की भावना से कार्य करने का आह्वान किया ताकि राज्य विकास के क्षेत्र में अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बन सकें। उन्होंने कहा कि भगवान ने प्रदेश को अपार प्राकृतिक सौंदर्य से नवाजा है और यहां के लोग परिश्रमी व ईमानदार हैं और मैं अपने आपको सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे प्रदेश में राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं देने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने विशेषकर युवाओं से नशे व सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने सिरमौर जिला के पुलिस अधीक्षक की नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान के लिए सराहना की।

इसके पूर्व, राज्यपाल ने परशुराम मंदिर तथा माता रेणुका जी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने देव विदाई यात्रा में भी भाग लिया। राज्यपाल ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकासात्मक प्रदर्शनियों का भी दौरा किया और उन्होंने मेले के दौरान लगाई गई प्रदर्शनियों के प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने इस अवसर पर पुरानी दियोठी स्थित पुराने परशुराम मंदिर में यज्ञ में भी भाग लिया। राज्यपाल ने  कहा कि हमें भगवान परशुराम जी के जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए और उनकी शिक्षाओं पर अमल करना चाहिए, जिन्होंने मानव कल्याण तथा उच्च मानव मूल्यों को स्थापित करने के लिए अपना जीवन अर्पित कर दिया था। उन्होंने कहा कि रेणुका भगवान परशुराम जी की पावन स्थली है और हमें हर तरह से यहां की पवित्रता को बनाए रखना चाहिए। राज्यपाल ने मुख्य संसदीय सचिव विनय कुमार तथा जिला प्रशासन की मेले के सफल आयोजन के प्रबन्धों के लिए सराहना की तथा उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि प्रदेश के लोगों ने राज्य की समृद्ध संस्कृति को आधुनिक संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के बावजूद भी संजोए रखा है।

मुख्य संसदीय सचिव विनय कुमार ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा कहा कि यह एक ऐतिहासिक मेला है और प्रदेश सरकार द्वारा मेले के दौरान लोगों की सुविधा के लिए बेहतर प्रबन्ध किए गए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन की मेले के सफल प्रबन्धन के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने रेणुका विकास बोर्ड की छह दिवसीय मेले के दौरान पूर्ण सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। जिला पुलिस अधीक्षक, क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति व जिला के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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