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आयुष मिशन के तहत जांच व चिकित्सा शिविर, रोगियों को औषधि का वितरण भी नि:शुल्क

आयुष मेले के दौरान आयुर्वेद चिकित्सा, पंचकर्म, क्षार, योग आदि पद्धतियों के क्लीनिक होंगे स्थापित

  • राज्य स्तरीय आयुष मेला 26 से 28 नवम्बर तक
सहकारिता एवं आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह

सहकारिता एवं आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह

शिमला: तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आयुष मेला इस वर्ष 26 से 28 नवम्बर तक शिमला के रिज मैदान पर आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी आज शिमला में सहकारिता एवं आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह ने मेले के प्रबन्धों के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। कर्ण सिंह ने बताया कि यह उत्सव राज्य सरकार और भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मेले में आयुर्वेदिक दवाएं तैयार करने वाली देशभर की लगभग दो दर्जन जानी-मानी कम्पनियां अपने उत्पादों के स्टॉल लगाएगी।

बैठक में निर्णय लिया कि आयुष मेले के दौरान आयुर्वेद चिकित्सा, पंचकर्म, क्षार, योग आदि पद्धतियों के क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे, जिसमें आयुर्वेद विशेषज्ञ चिकित्सक आम लोगों की जांच करेंगे। कर्ण सिंह ने बताया कि राज्य स्तरीय आयुश मेले का उद्घाटन केन्द्रीय आयुर्वेद मंत्री श्रीपाद नायक करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मुख्य अतिथि होंगे।

बैठक में आयुर्वेद विभाग की प्रधान सचिव निशा सिंह ने बताया कि आयुष मेले के दौरान आम लोगों को औषधीय पौधों की रोपण विधि, उपयोगिता, मार्केटिंग इत्यादि बारे विस्तृत जानकारी दी जाएगी ताकि प्रदेश के लोगों को इस व्यवसाय की ओर आकर्षित किया जा सके। उन्होंने प्रदेश की शैक्षणिक संस्थाओं के विद्यार्थियों को इस मेले में बड़े स्तर पर सम्मिलित करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि युवा पीढ़ी को प्राचीन आयुर्वेद पद्धति बारे जागरूक किया जा सके।

उन्होंने बताया कि मेले के तीनों दिन गेयटी थियेटर के सभागार में आयुर्वेद पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगें, जिसमें राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ प्रदेश के चिकित्सकों को आयुर्वेद के क्षेत्र में हो रही नई खोज और शोध पर वक्तव्य देंगे।  बैठक के दौरान राज्य स्तरीय आयुश मेले के सफल आयोजन के लिए लगभग आधा दर्जन समितियों का गठन किया गया।

प्रधान सचिव ने निर्देश दिए कि इस मेले का प्रिंट व इलैक्ट्रानिक मीडिया में विज्ञापनों के जरिये व्यापक प्रचार किया जाए ताकि प्रदेश भर से अधिक से अधिक ग्रामीण लोग भी लाभ उठा सके।

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