कृषि विभाग का चालू खरीफ में 9.17 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य

किसान घर बैठे अपनी कृषि समस्याओं के बारे में विशेषज्ञों से लें सलाह

  • किसान कृषि सम्बन्धी जानकारी के लिए किसान करें कॉल सैन्टर का उपयोग, सेवा मुफ्त उपलब्ध
  • टेलीफोन सूचना के आदान प्रदान का सस्ता व सुलभ साधन, इसलिए की गई है “किसान कॉल सैन्टर” की स्थापना
  • प्रदेश के किसी भी कोने से किसान कॉल सेन्टर में कर सकता है फोन,
  • “1800-180-1551” नम्बर डायल करने पर किसान कॉल सेन्टर के कृषि विषेशज्ञ कर सकता है बात

शिमला:  सही सूचना सही समय पर इसका उपयोग करने वालों तक पहुंच जानी चाहिए, अन्यथा उसके कोई मायने नहीं रहते हैं। यह जानकारी देते हुए कृषि निदेषक डा. रमेश चन्द ने कहा कि  हिमाचल प्रदेश में किसानों की संख्या अधिक है तथा वे छोटी-2 इकाईयों में दूर-2 तक बिखरे हुए हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों व सीमित साधनों के चलते सभी किसानों को सही समय पर कृषि सम्बन्धी जानकारी/ सूचनाएं उपलब्ध करवाना एक चुनौती से कम नहीं है । ऐसे में सूचना प्रोद्यौगिकी के विभिन्न माध्यमों द्वारा कृषि का प्रसार सरलता से किया जा सकता है तथा समस्याओं का समाधान शीघ्रता से किया जा सकता है।

डा. रमेश चन्द ने बताया कि टेलीफोन सूचना के आदान प्रदान का सस्ता व सुलभ साधन हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए “किसान कॉल सैन्टर”  की स्थापना की गई है। किसान कॉल सैन्टर”  का मुख्य उद्देश्य यह है कि टेलीफोन द्वारा एक ऐसी सेवा उपलब्ध करवायी जाये जिसके माध्यम से कोई भी किसान घर बैठे अपनी कृषि समस्याओं के बारे में विषेषज्ञों से सलाह मशवरा कर सकें तथा किसान को यह सेवा मुफ्त उपलब्ध है।

 इसके अन्य उद्देश्य इस प्रकार हैं :

  किसानों को कृषि सम्बन्धी नवीनतम ज्ञान व तकनीकी  सुलभ करवाना, सूचना एवं संचार क्षेत्र में हुई क्रान्ति  का लाभ किसानों तक पहुंचना तथा इनके माध्यम से किसानों को उपयोगी जानकारी ऑनलाइन /ऑन फोन सुलभ करानाकृषि उत्पादन, विपणन, कृषि व्यवसाय आदि से सम्बन्धित समस्याओं का डाटाबेस तैयार करना व समस्याओं का  समाधान फोन पर ही करनाकृषि प्रसार कार्यक्रम, कृषि वैज्ञानिकों एवं समस्त कृषि मशीनरी को किसानों के करीब लाना ताकि किसानों की समस्याओं का समाधान तुरन्त व प्रभावी ढंग से हो सके।

उन्होंने आगे जानकारी दी कि हिमाचल प्रदेश हेतु चंडीगड में  किसान कॉल सेन्टर की स्थापना की गई है। प्रदेश का कोई भी किसान प्रदेश के किसी भी कोने से किसान कॉल सेन्टर में फोन कर सकता है। किसान द्वारा “1800-180-1551” नम्बर डायल करने पर उसकी बात किसान कॉल सेन्टर के कृषि विषेशज्ञ से होती है। किसान उसको अपनी समस्या बताता है तथा विषेशज्ञ उसे सम्बन्धित सलाह मशविरा देता है। यह सेवा मुफ्त है तथा सुबह 6.00 बजे से रात 10.00 बजे तक सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध है। मोबाइल से फोन करते समय भी “0” लगाने की कोई जरूरत नहीं है। इस नम्बर पर लगभग सभी टेलीफोन प्रदाताओं के टेलीफोन / मोबाइल से सम्पर्क किया जा सकता है।

डा. रमेश चन्द ने जानकारी देते हुए बताया कि हर किसान कॉल सेन्टर के तीन स्तर बनाये गये हैं। स्तर एक चंडीगड में स्थित है। स्तर दो कृषि व सम्बद्ध विभाग, शिमला, हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर  और औद्यानिकी व वानिकी विश्वविद्यालय, सोलन में स्थित है। स्तर तीन कृषि विष्वविद्यालय पालमपुर  में स्थित है तथा यह कॉल सेन्टर की नोडल एजेन्सी  भी है। किसान द्वारा “1800-180-1551”  नम्बर डायल करने पर उसकी बात किसान कॉल सेन्टर के स्तर एक पर नियुक्त ग्राहक सेवा प्रतिनिधि से होती है, जोकि कम से कम कृषि स्नातक होता है। किसान उसको अपनी समस्या/ जिज्ञासा बताता है तथा वह उसे सम्बन्धित सलाह, जानकारी देता है। किसान, उसकी समस्या/ जिज्ञासा व  उसके समाधान का ब्यौरा कम्पयूटर में दर्ज कर लिया जाता है। यदि  स्तर एक पर उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पाता है तो टेलीफोन काल को स्तर दो के विषयवाद विशेषज्ञ से जोड़ दिया जाता है । यदि स्तर दो पर भी उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पाता है तो उसकी समस्या ई-मेल द्वारा स्तर तीन को भेज दी जाती है तथा उसको डाक या फोन द्वारा सलाह दे दी जाती है।

डा. रमेश चन्द ने बताया कि कृषि तकनीकी के प्रसार हेतु दूरदशन व रेडियो के माध्यम से “जन संचार माध्यमों से कृषि प्रसार” नाम की विशेष केन्द्रीय योजना चलाई जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत दूरदर्शन केन्द्र शिमला से “कृषि दर्शन” कार्यक्रम प्रस्तुत किया जा रहा हैं। इसके अलावा इस योजना के अन्तर्गत आकाशवाणी के एफ. एम. स्टेशन धर्मशाला व हमीरपुर से “किसान वाणी” तथा एफ. एम. स्टेशन शिमला से चौपाल कार्यक्रम प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने किसानों का आहवान किया कि वे कृषि सम्बन्धी जानकारी प्राप्त करने हेतु इन माध्यमों का अधिक से अधिक उपयोग करें।

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2 Responses

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  1. Purendra jangid
    Apr 30, 2017 - 07:37 PM

    Sir muje falon ki kheti karni h

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  2. Roshan lal
    Jun 11, 2017 - 07:11 PM

    Tamatr m kale pte hone pr kon si spry krni hogi

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