औद्योगिक हितों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं राष्ट्रीय हित: पीयूष

औद्योगिक हितों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं राष्ट्रीय हित: पीयूष

नई दिल्ली: इंडियन मिनरल इंडस्ट्रीज महासंघ (एफआईएमआई) की 50वीं वार्षिक आम बैठक के दौरान एक विशिष्ट सभा को संबोधित केंद्रीय ऊर्जा, कोयला, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा तथा खान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पीयूष गोयल ने कहा है, “देश में जिम्मेदार खनन का माहौल तैयार करने के लिए हितधारकों के नेटवर्क को एकजुट करने वाले नेटवर्क का निर्माण करना जरूरी है।”।

सभा को संबोधित करते हुए मंत्री कहा कि देश की खनन बिरादरी को खनिज संपदा के क्षेत्र में सुधार लाने लेने के लिए सभी हितधारकों के साथ सामूहिक प्रयास करना करना होगा और पारदर्शिता तथा ईमानदारी बरतनी होगी जिसका फायदा सभी को होगा। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सामूहिक प्रयासों पर बल देते हुए कहा यदि भ्रष्टाचार पर लगाम लगती है तो खनन क्षेत्र निकट भविष्य में देश के सकल घरेलू उत्पाद में एफआईएमआई द्वारा लक्षित 9 फीसद का योगदान देगा।

गोयल ने खनन क्षेत्र में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की जरूरत पर बल दिया जिससे सभी प्रतिभागियों को समान अवसर प्राप्त हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि देश में दुर्लभ घरेलू खनिज संसाधनों के न्यायसंगत आवंटन, उनके वैज्ञानिक अन्वेषण और इष्टतम उपयोग को सुनिश्चित करना होगा। मंत्री ने उम्मीद जताई की इस तरह के दृष्टिकोण का पालन करके भारत प्रचुर मात्रा में खनिज संपदा के उपयोग कर आत्मनिर्भर बन जाएगा और इससे आयात और कीमती विदेशी मुद्रा भंडार में बचत होगी।

इस समारोह के दौरान कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे, जिनमें खान सचिव बलविंदर कुमार, एफआईएमआई के अध्यक्ष एच नूर अहमद और खनन उद्योग के अन्य सदस्य शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान खान सचिव ने इस क्षेत्र में भविष्य में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के लिए मंत्रालय द्वारा की जा रही कार्रवाईयों के बारे में भी जानकारी दी।

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