आपदा प्रबंधन पर तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू

आपदा प्रबंधन पर तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू

 राज्यपाल के सचिव एवं राज्य रैडक्रॉस के महासचिव पुष्पेंद्र राजपूत राज्य रैडक्रॉस आपदा प्रबंधन द्वारा तीन दिवसीय कार्यशाला के उदघाटन अवसर पर

राज्यपाल के सचिव एवं राज्य रैडक्रॉस के महासचिव पुष्पेंद्र राजपूत राज्य रैडक्रॉस आपदा प्रबंधन द्वारा तीन दिवसीय कार्यशाला के उदघाटन अवसर पर

शिमला: आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। यह विचार आज राज्य रैडक्रॉस आपदा प्रबंधन द्वारा तीन दिवसीय कार्यशाला के उदघाटन अवसर पर राज्यपाल के सचिव एवं राज्य रैडक्रॉस के महासचिव पुष्पेंद्र राजपूत ने व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय इस कार्यशाला में प्रथम स्वास्थ्य शिक्षकां को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। आपदा के समय सूचना तंत्र को विकसित करना, समय पर प्रभावितों को राहत सामग्री पहुंचाना और उपचार सुनिश्चित करना प्रथम स्वास्थ्य शिक्षकों का मुख्य कार्य है। उन्होंने बताया कि राज्य रैडक्रॉस आपदा प्रबंधन से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को आपदा पूर्व तैयारियों और इससे निपटने की रणनीति का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वह न केवल स्वयं, बल्कि ग्रामीण स्तर पर भी जोखिम को कम करने में जागरूकता प्रदान कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित शिक्षक आपदा प्रबंधन के साथ-साथ ग्राम स्तर पर पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े अभियानों को भी प्रभावी तरीके से कार्यान्वित करें।

उन्होंने शिक्षकों से संबंधित जिलों में स्वच्छता एवं अन्य सामाजिक गतिविधियों में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के उपरांत शिक्षक अपने-अपने जिलों में अन्य व्यक्तियों को भी इस संदर्भ में तैयार करेंगे, ताकि सूचना एवं प्रशिक्षण के दायरे को व्यापकता प्रदान की जा सके।

इस अवसर पर राज्य रैडक्रॉस के सचिव पीएस राणा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में मंडी, सोलन व शिमला जिला के प्रथम स्वास्थ्य शिक्षक भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व तीन जिलां में आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

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