अनुराग ठाकुर ने प्रादेशिक सेना में लिया कमीशन, पिताजी प्रो. धूमल ने पहनाई लेफ्टीनेंट की फीती

अपने बेटे को लेफ्टीनेंट के रूप में देखना मेरे लिए गर्व की बात : प्रो. धूमल

  • अनुराग ठाकुर ने प्रादेशिक सेना में लिया कमीशन, पिताजी प्रो. धूमल ने पहनाई लेफ्टीनेंट की फीती
  • एक नियमित अधिकारी के रूप में कार्यग्रहण करने वाले प्रदेश से पहले सर्वप्रथम सांसद बने
जनरल दलबीर सिंह सुगहा अनुराग ठाकुर को शुभकामनाएं देते हुए

जनरल दलबीर सिंह सुगहा अनुराग ठाकुर को शुभकामनाएं देते हुए

शिमला : अनुराग ठाकुर सांसद हमीरपुर एक नियमित अधिकारी के रूप में प्रादेशिक सेना में कमीशन प्राप्त करने वाले संसद के पहले सेवारत भाजपा सांसद बन गए हैं। इसके अलावा, वह प्रादेशिक सेना में शामिल होने वाले हिमाचल प्रदेश से संसद के सर्वप्रथम सदस्य भी हैं। साउथ ब्लाक, दिल्ली में आयोजित एक समारोह में, जनरल दलबीर सिंह सुहाग, भारतीय सेना के जनरल और सैन्य कर्मचारियों के वर्तमान प्रमुख ने उनके पिताजी प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल, पूर्व मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के साथ 124 इंफेंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) सिख बटालियन में शामिल करने के लिए उनके कंधे पर लेफ्टीनेंट की फीती पहनाई। 41 वर्ष के अनुराग ठाकुर ने प्रादेशिक सेना द्वारा चंडीगढ़ में आयोजित लिखित परीक्षा और निजी साक्षात्कार पास किया है और भोपाल में आयोजित प्रशिक्षण को पूरा किया है। वह एक नियमित अधिकारी के रूप में प्रादेशिक सेना में कार्यग्रहण कर रहे हैं और इसलिए उन्हें दिल्ली में प्रादेशिक सेना अकादमी में प्रशिक्षण लेना होगा।

  • बचपन से ही देश के लिए कुछ करने का जज्बा था : अनुराग ठाकुर
  • प्रादेशिक सेना के माध्यम से देश सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहूँगा

इस अवसर पर अनुराग ठाकुर ने कहा मुझे प्रादेशिक सेना में कमीशन लेकर गर्व महसूस हो रहा है। मैं देवभूमि हिमाचल प्रदेश से आता हूँ और बचपन से ही देश के लिए कुछ करने का जज्बा था। मुझे पहले राजनीति के माध्यम से देश सेवा का मौका मिला और अब प्रादेशिक सेना के माध्यम से मैं देश सेवा का एक और मौका मिल रहा है। मेरे दादाजी फौज में थे मेरे पिता ने पहली बार संसद में “वन रैंक वन पेंशन” का मुद्दा उठाया और अब मैं प्रादेशिक सेना के माध्यम से देश सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहूँगा।

  • अपने बेटे को लेफ्टीनेंट के रूप में देखना मेरे लिए अत्यधिक गर्व की बात : प्रो. धूमल

    अपने बेटे को लेफ्टीनेंट के रूप में देखना मेरे लिए अत्यधिक गर्व की बात : प्रो. धूमल

    अपने बेटे को लेफ्टीनेंट के रूप में देखना मेरे लिए अत्यधिक गर्व की बात : प्रो. धूमल

समारोह में प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा अपने बेटे को प्रादेशिक सेना में एक लेफ्टीनेंट के रूप में देखना मेरे लिए बहुत बड़ा दिन है। मैं अपने पूरे जीवन समाज और लोगों की बेहतरी के लिए काम किया है और अपने बेटे को उसी जुनून को देखने से मुझे बहुत खुशी मिलती है। अनुराग ने राज्य के लोगों के हित और कल्याण की रक्षा करने के लिए हमेशा अथक कार्य किया है और मुझे पूरा विश्वास है कि वे सब उसके इस कदम का अत्यंत गर्मजोशी और आनंद के साथ स्वागत करेंगे। अनुराग को प्रादेशिक सेना में एक लेफ्टीनेंट के रूप में देखना पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यधिक गर्व की बात है। अनुराग हमेशा की तरह परम निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करेंगे और वर्दी के रुतबे की आशाओं को पूरा करेंगे।

प्रादेशिक सेना, भारतीय सेना के बाद रक्षा की दूसरी पंक्ति है। यह स्वयंसेवियों का एक संगठन है जिन्हें एक साल में कुछ दिन प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे आपातकाल के मामले में राष्ट्र की सुरक्षा में अंशदान कर सकें। प्रादेशिक सेना उन लोगों के लिए है जो मुख्य धारा के नागरिक व्यवसायों में पहले से ही मौजूद हैं।

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