प्रदेश सरकार अक्षमों के लिए विस्तृत योजना आरम्भ करेगीः डा. शांडिल

प्रदेश सरकार अक्षमों के लिए विस्तृत योजना आरम्भ करेगीः डा. शांडिल

शिमला: प्रदेश में अक्षमों के लिए शीघ्र ही एक विस्तृत योजना आरम्भ की जाएगी, जिसके अन्तर्गत अक्षमों व बेहतर नियोक्ताओं के लिए सर्वेक्षण, अनुसंधान, जागरूकता, शिक्षा, रोजगार के लिए व्यावसायिक एवं कौशल विकास प्रशिक्षण, ऋण और स्वरोजगार के लिए अनुदान, विवाह के लिए अनुदान आदि के प्रावधान शामिल होंगे।

यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज यहां सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा अक्षम व्यक्तियों के लिए कौशल एवं रोजगार पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित योजना के अन्तर्गत प्रारंभिक तौर पर विभाग द्वारा पांच वर्ष तक की आयु वर्ग के 750 बच्चे पहले ही चिन्हित किए जा चुके हैं, जिनको चिकित्सा जांच के बाद चिकित्सा सहायता व यंत्र इत्यादि उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। 44,378 अक्षम व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से अपंगता भत्ता उपलब्ध करवाया जा रहा है और 79 हजार लोगों को अपंगता पहचान पत्र जारी किए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा अक्षम व्यक्तियों के उत्थान में कार्य कर रही गैर सरकारी संस्थाओं को 146 लाख रुपये की अनुदान राशि प्रदान की है। एक विशेष अभियान के अन्तर्गत 1700 अक्षम युवाओं को सरकारी नौकरियों में रोजगार देने का बैक लॉग भरा गया है और बैकलॉग के शेष बचे पदों को समय पर भरने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

डा. शाडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी सरकारी संस्थानों में पढ़ रहे सभी अक्षम विद्यार्थियों को छात्रवृति का प्रावधान किया गया है और 70 प्रतिशत से अधिक अपंगता वाले लोगों को अपंगता राहत भत्ता प्रदान किया जा रहा है। ऐसे बच्चों की बाल्य अवस्था में बेहतर देखभाल व शिक्षा प्रदान करने के लिए विशेष स्कूल स्थापित किए गए हैं। अक्षम लड़कियों के लिए सुन्दरनगर में तथा हि.प्र. बाल कल्याण परिषद की सहायता से लड़कों के दो विशेष स्कूल शिमला जिला के ढली तथा कांगड़ा जिला के दाड़ी में खोले गए हैं। मंत्री ने कहा कि अक्षम बच्चों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के दृष्टिगत राज्य सरकार ने सुन्दरनगर में विशेष औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में इनके लिए तीन प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। प्रदेश सरकार ने मानसिक रूप से अक्षम बच्चों के लिए आवासीय संस्थान सृजित करने के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। प्रदेश सरकार ने 150 दृष्टि बाधित व मूकबधिर लड़कों व लड़कियों के लिए नए छात्रावास और 50 दृष्टि बाधित व मूकबधिर लड़कों के लिए छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की सचिव श्रीमती अनुराधा ठाकुर ने सभी चिन्हित अक्षम व्यक्तियों की चिकित्सा जांच के लिए विभाग एक कार्य योजना तैयार कर रहा है, जिसके लिए इस वर्ष विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

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