ग्रामीण क्षेत्रों का विकास सरकार की प्राथमिकताः वीरभद्र सिंह

ग्रामीण क्षेत्रों का विकास सरकार की प्राथमिकताः वीरभद्र सिंह

  • विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने पर दिया बल
  • गौरा में रामावपा व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का शुभारम्भ

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज शिमला जिले के रामपुर तहसील के गौरा में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ अध्यापकों को उनके व्यक्तित्व निर्माण पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में जिम्मेदारी की भावना उत्पन्न करने की दिशा में अध्यापकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है।

उन्होंने कहा कि अध्यापकों को पूरा पाठ्यक्रम पढ़ाने के साथ-साथ प्रत्येक विषय के बारे में विद्यार्थियों को समग्र जानकारी प्रदान करनी चाहिए और उन्हें पुस्तकालय में बैठने की आदत डालने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए ताकि वे अपने ज्ञान का संवर्द्धन कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा और विकास एक दूसरे का पर्याय हैं और केवल सुशिक्षित समाज एवं राष्ट्र ही विकास कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गौरा का लोकार्पण किया, जिसका निर्माण 3.95 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। उन्होंने इससे पूर्व दूरदराज क्षेत्र छः-बीश तथा उन्नीस-बीश क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक जनसभाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश का विकास ग्रामीण क्षेत्रों की समृद्धि पर निर्भर करता है, क्योंकि प्रदेश की 90 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या इन क्षेत्रों में रहती है। प्रदेश में हो रहे निरन्तर विकास का श्रेय यहां के मेहनतकश लोगों तथा समय-समय पर केन्द्र व प्रदेश में सत्तासीन रही कांग्रेस सरकारों को जाता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश तभी पूर्ण विकसित प्रदेश बनेगा, जब प्रदेश के दूरदराज क्षेत्र समृद्ध व विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बन कर उभरा है और आज प्रदेश की साक्षरता दर 88 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 15534 स्कूल कार्यरत हैं, जबकि प्रदेश में महाविद्यालय की संख्या 115 हो गई है और हाल ही में तीन और कॉलेजों की घोषणा की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों को उच्च व गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केन्द्रित किया है, जिसके परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों के महाविद्यालयों में लड़कियों की संख्या लड़कों से अधिक है।

उन्होंने लोगों की समस्याओं को भी सुना और मझगांव, किन्नू, माशनू, दोफदा-धारगौरा, रचौली, तकलेच, गोपालपुर व छः-बीश व उन्नीस-बीश दूरदराज क्षेत्रों में लगातार जनसभा को सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री ने मझगांव के देवता लक्ष्मी नारायण मांदिर का कार्य आरम्भ करने के निर्देश दिए, जिसके लिए पहले ही 37 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके जीर्णोंद्धार के लिए यदि और धन की आवश्यकता पड़ी तो सरकार उसे उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने प्राथमिक पाठशाला देऊ में तीन अतिरिक्त कमरों के निर्माण की भी घोषणा की।

वीरभद्र सिंह ने किन्नू स्थित पाठशाला के खेल मैदान की चारदीवारी निर्माण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने लोगों से उपलब्ध पांच बीघा जमीन को शिक्षा विभाग के नाम पर हस्तांतरित करने के निर्देश दिए, ताकि किन्नू वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के अतिरिक्त खण्ड का निर्माण किया जा सके। उन्होंने पाठशाला में विज्ञान कक्षाएं आरम्भ करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रुनपू को जाने वाली सड़क, जो कुछ समय से अधर में लटकी है, को वन स्वीकृति प्राप्त हो गई है और उन्होंने लोक निर्माण विभाग को बिना किसी देरी से इस सड़क का कार्य आरम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने सैराग में स्टेडियम के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये और बटाली (कारटोट) माध्यमिक पाठशाला को उच्च पाठशाला में स्तरोन्नत करने के निर्देश दिए। उन्होंने 1.06 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गौरा के भवन और 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के सहायक अभियन्ता के कार्यालय एवं आवास भवन का लोकार्पण किया।

वीरभद्र सिंह ने गौरा में हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह के अतिरिक्त खण्ड की आधारशिला भी रखी, जिसके निर्माण पर 39.40 लाख रुपये खर्च होंगे। उन्होंने राजमाता शांति देवी मैमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तकलेच के सभागार एवं परीक्षा भवन की आधारशिला भी रखी, जिस पर 2.99 करोड़ रुपये व्यय होंगे। मुख्यमंत्री ने गत सायं ग्राम पंचायत सराहन में 2.26 करोड़ रुपये की लागत की सराहन-रावी ग्रेविटी पेयजल योजना के संवर्द्धन की भी आधारशिला रखी। इस योजना से सराहन, रावी तथा घराट गांव की बस्तियों की लगभगक 3600 जनसंख्या लाभान्वित होंगी। उन्होंने रामपुर तहसील के पन्द्रह-बीश क्षेत्र के फांचा में भी जनसभा को सम्बोधित किया।

इससे पूर्व, मुख्य संसदीय सचिव नंद लाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री का क्षेत्र में करोड़ों की विकासात्मक परियोजनाओं के आधारशिला रखने व लोकार्पण करने के लिए आभार जताया।

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