वैज्ञानिक सोच होना जरूरी, हमें तय करना है मशीनों से कैसा काम लेते हैं: मोदी

“मन की बात” पीएम ने देश के वैज्ञानिकों की तारीफ से की अपने कार्यक्रम की शुरुआत

 पीएम ने देश के वैज्ञानिकों की तारीफ से की अपने कार्यक्रम की शुरुआत

पीएम ने देश के वैज्ञानिकों की तारीफ से की अपने कार्यक्रम की शुरुआत

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम को संबोधित किया। पीएम ने देश के वैज्ञानिकों की तारीफ से अपने कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम में क्या क्या कहा मोदी ने जानिए…

  • अलग-अलग स्थानों से बारिश की खबरें आ रही हैं। बारिश की खबरों के साथ ताजगी का अहसास भी हो रहा है। वैज्ञानिक बता रहे हैं, इस बार वर्षा अच्छी होगी, सर्वदूर होगी और वर्षा ऋतु के पूरे कालखण्ड दरम्यान होगी।
  • देश में जैसे किसान मेहनत करता है, वैज्ञानिक भी देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बहुत सफलताएं प्राप्त कर रहे हैं।
  • मैं बधाई देना चाहता हूं कि इसरो के वैज्ञानिकों ने 20 सैटलाइट अंतरिक्ष भेजकर नया रिकॉर्ड बनाया है। इसरो द्वारा भेजे गए, छात्रों के द्वारा बनाए हुए सैटेलाइट मेरी दृष्टि से बहुत अहम हैं। ये सभी छात्र बधाई के पात्र हैं।
  • तमिलनाडु की सत्यभामा यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा भी सत्याबामा सैटलाइट बनाया गया इसे भी प्रक्षेपित किया। कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के जिन विद्यार्थियों ने स्वयं की मेहनत से, उपग्रह बनाया जिसे 22 जून को प्रक्षेपित किया गया, उनसे मेरी मुलाकात हुई।
  • जो 20 सैटलाइट लॉन्च किए गए, उसमें से 17 सैटलाइट अन्य देशों के हैं। इसरो ने कम लागत और सफलता की गारंटी के चलते दुनिया में ख़ास जगह बनाई है। कई देश लॉन्चिंग के लिए आज भारत की तरफ देख रहे हैं।
  • इस बार 10वीं-12वीं की परीक्षाओं के जो नतीजे आए हैं, उसमें हमारी बेटियों ने मैदान मारा है। यह देखकर गर्व होता है।
  • हम सब गर्व करें, ऐसी एक और महत्वपूर्ण बात- 18 जून को भारतीय वायु सेना में पहली बार महिला लड़ाकू पायलट की पहली बैच आई। गर्व होता है कि तीनों फ्लाइंग ऑफिसर अवनि चतुर्वेदी, भावना कंठ, मोहना, जिन्होंने हमें गौरव दिलाया है।
  • अवनि मध्य प्रदेश के रीवा से हैं, भावना बिहार में बेगूसराय से हैं और मोहना गुजरात के बड़ोदरा से हैं। ये छोटे शहरों से होने के बावजूद भी इन्होंने आसमान जैसे ऊंचे सपने देखे और उसे पूरा करके दिखाया।
  • प्यारे देशवासियो, पूरे विश्व ने 21 जून को ‘अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस’ की वर्षगांठ पर भव्य कार्यक्रम किए। भारतीय के नाते विश्व जब योग से जुड़ता है, तब अहसास करते हैं, जैसे विश्व के साथ हमारा अनोखा नाता बन रहा है।
  • मुझे चंडीगढ़ में हजारों योग प्रेमियों के साथ योग करने का अवसर मिला। आबाल-वृद्ध सबका उत्साह देखने लायक था।
  • पिछले सप्ताह भारत सरकार ने इस अन्तर्राष्ट्रीय योग-पर्व के निमित्त ही ‘सूर्य नमस्कार’ की डाक टिकट भी जारी किया गया है।
  • आप आयुष मंत्रालय की वेबसाइट पर जायेंगे, तो शरीर के भिन्न-भिन्न अंगों के लिए योग का एक अच्छा वीडियो वेबसाइट पर उपलब्ध है।
  • क्या पूरा वर्ष डायबिटीज के खिलाफ, योग के द्वारा सफल अभियान चला सकते हैं क्या ? क्या योग से… कुछ डायबिटीज पेशेंट्स ने भी अपनी यौगिक प्रैक्टिस के द्वारा उसको नियंत्रित किया है।
  • लोकतंत्र ने हमें बड़ी ताकत दी है, लेकिन 26 जून, 1975 एक दिन था जब भारत में आपातकाल लागू किया गया। नागरिकों के सारे अधिकारों को खत्म कर दिया गया I देश को जेलखाना बना दिया गया।
  • जयप्रकाश नारायण समेत देश के लाखों लोगों को, हजारों नेताओं को, अनेक संगठनों को, जेल के सलाखों के पीछे धकेल दिया गया। 26 जून को आपसे बात कर रहा हूं, तब इस बात को न भूलें कि हमारी ताकत लोकतंत्र है, हमारी ताकत लोक-शक्ति है, हमारी ताकत एक-एक नागरिक है।
  • मैं हमेशा कहता हूं कि भाई, लोकतंत्र का मतलब ये नहीं होता कि लोग वोट करें और 5 साल के लिए आपको देश चलाने का कॉन्ट्रैक्ट दे दें। कुछ नौजवानों ने मुझे सुझाव दिया कि क्यों न आप अपनी सरकार का मूल्यांकन लोगों से करवाएं?
  • एक जमाना था, टैक्सेस इतने व्यापक हुआ करते थे कि टैक्स में चोरी करना स्वभाव बन गया था, विदेश की चीजों को लाने में बाधाएं थी।
  • करदाता को सरकार की कर-व्यवस्था से जोड़ना अधिक मुश्किल काम नहीं है, लेकिन फिर भी पुरानी आदतें जाती नहीं हैं। एक पीढ़ी को अभी भी लगता है कि सरकार से दूर रहना ज्यादा अच्छा है, मैं आग्रह करता हूं कि नियमों से भाग कर हम सुख-चैन गवां देते हैं। क्यों न हम स्वयं अपनी आय के संबंध में, अपनी संपत्ति के संबंध में, सरकार को अपना सही-सही ब्यौरा दे दें।
  • जिन लोगों के पास अघोषित आय है उनके लिए भारत सरकार ने एक मौका दिया है कि आप अपनी अघोषित आय को घोषित कीजिए। 30 सितंबर तक अघोषित आय को घोषित करने के लिए विशेष सुविधा देश के सामने प्रस्तुत की है, जुर्माना देकर हम बोझ से मुक्त हो सकते हैं।
  • स्वेच्छा से जो अपने मिल्कियत के संबंध में, अघोषित आय के संबंध में जानकारी देंगे, सरकार किसी भी प्रकार की जांच नहीं करेगी। अच्छा मौका है कि आप एक पारदर्शी व्यवस्था का हिस्सा बन जाइए, 30 सितंबर तक की ये योजना है,इसको आखिरी मौका मान लीजिए।
  • मैंने हमारे सांसदों को भी कहा था कि 30 सितंबर के बाद अगर कोई नागरिक सरकारी नियमों से जुड़ना नही चाहता, तो उनकी कोई मदद नहीं हो सकेगी।
  • मैंने रेवेन्यू विभाग को साफ-साफ शब्दो में कहा है कि हम नागरिकों को चोर न मानें। हम नागरिकों पर भरोसा करें, अगर वे नियमों से जुड़ना चाहते हैं, उनको प्रोत्साहित करके प्यार से साथ में ले आएं।
  • हमारे आचरण से हमें बदलाव लाना होगा, टैक्स को विश्वास दिलाना होगा। सवा-सौ करोड़ के देश में सिर्फ और सिर्फ डेढ़ लाख लोग ही ऐसे हैं, जिनकी टैक्सेबल इनकम पचास लाख रुपये से ज्यादा है।
  • 2-2 करोड़ के बंगले देखते ही पता चलता है कि ये कैसे 50 लाख से कम आय के दायरे में हो सकते हैं, कुछ तो गड़बड़ है, स्थिति को बदलना है।
  • मैं कल स्मार्ट सिटी के कार्यक्रम में गया था। वहां मुझे चंद्रकांत दामोदर कुलकर्णी और उनके परिवारजनों से मिलने का सौभाग्य मिला। चंद्रकांत जी, जिन्हें 16 हजार रुपए पेंशन मिलती है। वह हर महीने 5000 रुपए स्वच्छता अभियान के लिए दान करना चाहते हैं। उन्होंने मुझे 52 पोस्ट डेटेड चेक, जो कि हर महीना एक-एक चेक की तारीख है, भेज दिए हैं।
  • 16 हजार की पेंशन वाला व्यक्ति, दो लाख साठ हजार के चेक अडवांस में मुझे भेज दे, ये छोटी बात है क्या?
  • संतोष नेगी, उत्तराखण्ड: हमने अपने विद्यालय में वर्षा शुरू होने से पहले 4 फीट के 250 गड्ढे बना दिए थे, ताकि वर्षा जल उसमें समा सके।
  • 1-1 बूंद जल का बचाने के लिए कुछ-न-कुछ प्रयास करें,गांव का पानी गांव में, शहर का पानी शहर में कैसे रोक लें।
  • ये पृथ्वी माता को फिर से एक बार रीचार्ज करने के लिये हम उस पानी को फिर से जमीन में वापस कैसे भेजें?
  • जितनी चिंता जीवन को बचाने की है, उतनी ही चिंता जल बचाने की होनी चाहिए।
  • 1922 ऐसा नंबर है, जिस पर अगर आप मिस्ड कॉल करें तो आप मन की बात को अपनी पसंदगी की भाषा में सुन सकते हैं।

(साभारः ऑल इंडिया रेडियो)

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