डिग्री कॉलेज ज्वालाजी को सरकार लेगी अपने अधीन

  • मुख्यमंत्री ने ज्वालाजी के लिए की ऑडिटोरियम की घोषणा
  • विभिन्न स्कूलों के स्तरोन्नयन की घोषणाएं

शिमला: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज कांगड़ा जिला के ज्वालाजी में स्थानीय विधायक संजय रतन, स्थानीय लोगों और डिग्री कॉलेज ज्वालाजी के शिक्षक तथा गैर शिक्षक स्टाफ द्वारा डिग्री कॉलेज ज्वालाजी को सरकार के अधीन लेने पर आयोजित धन्यवाद रैली को सम्बोधित करते हुए सभी विधायकों से विकास कार्यों की न केवल मुख्यमंत्री से स्वीकृति प्राप्त करने, बल्कि विभिन्न स्तरों पर निर्माणाधीन परियोजनाओं की फाईल को निजी तौर पर आगे बढ़ाकर कार्यों को समयबद्ध पूरा करना सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि केवल वही विधायक सफल, मेहनती और अपने लोगों के प्रति समर्पित माना जाएगा जो फाईल की प्रक्रिया का विभिन्न स्तरों पर फालो-अप कर कार्य का निष्पादन सुनिश्चित करेगा।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि स्थानीय विधायक, मंदिर न्यास और ज्वालाजी के लोगों के बार-बार आग्रह पर सरकार ने इस कॉलेज को अपने अधीन लेने निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि 27 मई को मंत्रिमंडल ने भी इस पर सहमति जताई थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बिना किसी भेदभाव के राज्य के सभी क्षेत्रों का समान और संतुलित विकास करने पर विश्वास करती है।

मुख्यमंत्री ने ज्वालाजी में ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की, जिसके लिए सरकार भी अपना योगदान देगी। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय खुंडियां में विज्ञान कक्षाएं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गगरूही और पिहरी में विज्ञान कक्षाएं आरम्भ करने,

थलाकन में नई प्राथमिक पाठशाला खोलने, राजकीय माध्यमिक पाठशाला रोहाड़ा और अंब पठियार को राजकीय उच्च विद्यालय तथा नगरोटा और सरूही उच्च विद्यालयों को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में स्तरोन्नत करने की घोषणाएं की। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने ज्वालाजी मंदिर में माथा टेका और पूर्जा अर्चना की।

विधायक संजय रतन ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए ज्वालाजी डिग्री कॉलेज को सरकार के अधीन लेने के लिए आभार जताया किया। इससे पूर्व, यह कॉलेज मंदिर न्यास द्वारा संचालित किया जा रहा था उन्होंने कहा कि यह मामला काफी समय से लंबित था और विपक्ष ने इस बारे में कभी सोचने तक का प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि ज्वालाजी की जनता तथा कॉलेज स्टाफ इसके लिए मुख्यमंत्री का ऋणी रहेगा। संजय रतन ने कहा कि पूर्व स्थानीय विधायक जो मंत्री भी रहे हैं ने हमेशा लोगों को गुमराह किया और वे इस कॉलेज को सरकारी क्षेत्र में लाने में सफल नहीं हो पाए। उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों का श्रेय मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को दिया। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज को सरकारी क्षेत्र में लेने के फलस्वरूप 75 लाख रुपये वार्षिक की बचत हुई है और उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए एक करोड़ रुपये का चैक भी भेंट किया।

उन्होंने क्षेत्र की अन्य मांगों के साथ मझीण में डिग्री कॉलेज खोलने, ज्वालाजी में सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग का मंडल खोलने, खुडियां डिग्री कॉलेज में विज्ञान कक्षाएं आरम्भ करने, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, पिडी और गगरूही में विज्ञान कक्षाएं आरम्भ करने का आग्रह किया।

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