राज्यपाल ने अनुपम खेर के अभिनय की जमकर की सराहना

राज्यपाल ने अनुपम खेर के अभिनय की जमकर की सराहना

  • कहा, समाज की विकृतियां अभिनय से प्रदर्शित करना मेहनत का का

शिमला: राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि संस्कारित समाज की संरचना के लिए हमें अपनी पुरातन संस्कृति को अंतःस्थल में बिठाना है ताकि यह देश पुनः विश्व गुरु का स्थान हासिल कर सके। वह गत देर सायं शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित तृतीय मनोहर सिंह स्मृति नाट्य समारोह के समापन अवसर पर बोल रहे थे। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक भी इस अवसर पर उपस्थित थे। राज्यपाल ने कहा कि युवा पीढ़ी का अपनी संस्कृति से लगाव बनाए रखने के लिए उन्हें नैतिक मूल्यों का ज्ञान देना जरूरी है। भारत की हमेशा से उच्च परम्पराएं एवं संस्कृति रही है। हमने समूचे विश्व को अपना परिवार माना और सभी के सुख की कामना की है। यह उच्च सोच और चिंता केवल हमारी संस्कृति में ही देखी जा सकती है।

आचार्य देवव्रत ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि जिस पुत्र के लिए माता-पिता अपना सब कुछ न्यौछावर करते हैं, वही बुढ़ापे में बेसहारा हो जाते हैं। आज वे वृद्धाश्रमों में रहने के लिए मजबूर हैं, जो हमारी संस्कृति नहीं है। इसके लिए, हमें बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का ज्ञान देना आवश्यक है।

राज्यपाल ने इस मौके पर राकेश बेदी द्वारा निर्देशित नाटक ‘मेरा वो मतलब नहीं था’ की भरपूर प्रशंसा की और नाट्क के मुख्य कलाकार अनुपम खेर, नीना गुप्ता और राकेश बेदी के अभिनय की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनके अभिनय ने नाट्क के माध्यम से दिए गए संदेश को दर्शकों के दिलों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि अभिनय के माध्यम से इस प्रकार का प्रस्तुतिकरण आसान नहीं है। समाज की विकृतियों को रंगमंच के माध्यम से प्रदर्शित करने के लिए कठिन परिश्रम व मेहनत की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि ये कलाकार लोगों के दिलों में स्थान बनाने में सफल हुए हैं। उन्होंने भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा समारोह के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। राज्यपाल ने अनुपम खेर, नीना गुप्ता और राकेश बेदी को हिमाचली शॉल व टोपी पहनाकर सम्मानित भी किया। एक्टर प्रिपेयर प्रोडक्शन द्वारा प्रस्तुत नाट्क का राज्यपाल ने आनंद लिया। इससे पूर्व, सचिव, भाषा एवं संस्कृति विभाग अनुराधा ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत किया। विभाग की निदेशक शशि ठाकुर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।

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