पीएम ने किया राष्ट्रीय कृषि बाजार का शुभारंभ, 8 राज्यों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ा

पीएम ने किया राष्ट्रीय कृषि बाजार का शुभारंभ, 8 राज्यों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से गया जोड़ा

पांच माह के भीतर 200 मंडियों को और मार्च, 2018 तक 585 मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ दिया जाएगा

अगले पांच वर्षों में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए अनेक योजनाएं की जाएंगी शुरू

पांच माह के भीतर 200 मंडियों को और मार्च, 2018 तक 585 मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ दिया जाएगा

पांच माह के भीतर 200 मंडियों को और मार्च, 2018 तक 585 मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ दिया जाएगा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज यहां राष्‍ट्रीय कृषि बाजार के लिए ई-ट्रेडिंग प्‍लेटफॉर्म ‘ई-नाम’ की प्रायोगिक परियोजना (पायलट) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्‍होंने कहा कि इस पहल से पारदर्शिता आएगी, जिससे किसान काफी हद तक लाभान्वित होंगे। नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि यह कृषि समुदाय के लिए एक बड़ा बदलाव है एवं कृषि क्षेत्र को समग्र रूप में देखना होगा और इसके बाद ही किसानों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जा सकता है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने आज कहा कि उनकी सरकार किसानों के हितों के लिए लगातार और तेजी से काम कर रही है और राष्ट्रीय कृषि बाजार उसी दिशा में उठाया एक महत्वपूर्ण कदम है।

विज्ञान भवन, नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय कृषि बाजार के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सरकार ने किसानों की समस्या समझते हुए इस परियोजना पर तेजी से काम किया और आज 8 राज्यों की 21 मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि सितंबर, 2016 तक इसमें 200 मंडियां शामिल हो जाएंगी और मार्च, 2018 तक 585 मंडियों को जोड़ दिया जाएगा। केन्द्रीय कृषि एवं कल्याण मंत्री ने कहा कि बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर ने अपना जीवन गरीबों, अत्यंत पिछड़े वर्गों और किसानों को समर्पित कर दिया था, यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय कृषि बाजार को बाबा साहेब की 125वीं जयंती पर किसानों के लिए खोलने का फैसला किया। कृषि मंत्री ने इस परियोजना में मार्गदर्शन के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने इस मौके पर बताया कि यह परियोजना एक ऑनलाइन पोर्टल द्वारा संचालित होगी जिसे राज्य की मंडियों से जोड़ा जा रहा है। इसका सॉफ्टवेयर सभी इच्छुक राज्यों को नि:शुल्क दिया गया है और कामकाज में मदद के लिए हर भागीदार मंडी में एक वर्ष के लिए एक जानकार व्यक्ति को नियुक्त किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत भारत सरकार, राज्यों की प्रस्तावित कृषि मंडी को 30 लाख रुपये का अनुदान दे रही है। इस पोर्टल से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए किसानों को 24 घंटे किसान हेल्पलाइन सेवाएं उपलब्ध होंगी।

मंत्री ने कहा कि कृषि मंत्रालय ने अपने लिए एक कृषि विकास वृक्ष की अवधारणा अपनाई है और इसी कृषि वृक्ष के अंदर कृषि मंत्रालय ने किसानों के समग्र विकास के लिए विभिन्न परियोजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार हर दिशा में योजनाएं चला रही है। आखिर में कृषि मंत्री ने कहा कि भारत में पहली बार “एक राष्ट्र – एक बाजार” विकसित हो रहा है और यह कृषि बाजार अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा, इसके लिए सबको मिलकर काम करना होगा।

इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा, केन्द्रीय संचार एवं सूचना तकनीक मंत्री रविशंकर प्रसाद, कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री मोहन भाई कुंडरिया, डॉ. संजीव बालियान और कृषि सचिव शोभन पट्टनायक मौजूद थे।

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