हिमाचल पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के निदेशक मण्डल की बैठक

हिमाचल पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के निदेशक मण्डल की बैठक

  • वित्त वर्ष के दौरान निगम द्वारा 5 करोड़ 13 लाख रुपये के ऋणों की उगाही की गई, जो निगम के इतिहास में सर्वाधिक : चन्द्र कुमार

शिमला : हिमाचल पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम कांगड़ा के निदेशक मण्डल की 33वीं बैठक आज यहां निगम के अध्यक्ष चन्द्र कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में निदेशक मण्डल ने वित्त वर्ष 2016-17 के लिए 240.80 लाख रुपये का बजट सर्वसम्पति से पारित किया ।

बैठक में निगम द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा व समीक्षा की गई। निगम के अध्यक्ष ने कहा कि इस वित्त वर्ष के दौरान निगम द्वारा 5 करोड़ 13 लाख रुपये के ऋणों की उगाही की गई, जो निगम के इतिहास में सर्वाधिक है। चन्द्र कुमार ने पिछड़ा वर्ग से सम्बन्धित लोगों से आग्रह किया कि वह निगम द्वारा आरम्भ की गई विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आगे आयें। उन्होंने कहा कि निगम इस वर्ग के युवाओं के लिए स्नातक तथा उच्च स्तर पर तकनीकी/व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण करने के लिए कम ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध करवा रहा है, जिसके तहत लड़कियों को ऋण की ब्याज दर 3.5 प्रतिशत तथा लड़कों के लिए 4 प्रतिशत दर वार्षिक है। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थी विदेशों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए 20 लाख रुपये तथा भारत के किसी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा पात्र व्यक्तियों को परम्परागत कला व स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण व वित्तीय सहायता के माध्यम से तकनीकी एवं उद्यमियों कौशल में बढ़ोतरी करने के लिए शिल्प सम्पदा ऋण योजना आरम्भ की है, जिसके तहत दस्तकारों एवं शिल्पियों को उनके वर्तमान कौशल ज्ञान में वृद्धि के लिए आधुनिक तकनीक कम्प्यूटर, सी.ए.डी. डिजाइनिंग क्षेत्र में स्तरोन्यन करने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक के ऋण 5 प्रतिशत ब्याज दर पर प्रदान किये जा रहे हैं

उन्होंने कहा कि निगम ने महिलाओं सशक्त स्बावलम्बी व आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला समृद्धि योजना आरम्भ की है, जिसके तहत महिला स्वयं सेवा समूहों को ऋण का प्रावधान किया गया है, इसके तहत समूह की महिलाएं 50 हजार रुपये प्रति लाभार्थी ऋण प्राप्त कर सकती है और यह ऋण मात्र4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर दिया जा रहा है।

चन्द्र कुमार ने निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऋण लेने के लिए पात्र प्रार्थी की समस्त साधनों से प्राप्त वार्षिक आय सीमा को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्धारित 81000 से बढ़ाकर 98 हजार रुपये तथा शहरी क्षेत्रों के लिए निर्धारित 1,03,000 से बढ़ाकर एक लाख 20 हजार रुपये की गई है। उन्होंने निगम के प्रबन्ध निदेशक को पात्रता की आय सीमा को दो लाख तक बढ़ाने का मामला भारत सरकार से उठाने के भी निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी निगम की योजनाओं का लाभ उठा सकें। बैठक की कार्यवाही का संचालन निगम के प्रबन्ध निदेशक विकास लाबरू ने किया। निदेशक मण्डल के गैर सरकारी सदस्य पूर्व विधायक सुरेन्द्र काकू, कैप्टन प्रताप चौधरी, सुनीता चौधरी, मदन चौधरी, सुरेश कुमार तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप सचिव रमेश गुप्ता व निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी की इस अवसर पर उपस्थित थे।

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