हिमाचल: वीरभद्र सिंह ने लिखा मुख्यमंत्री को कोरोना माहमारी के चलते लॉकडाउन से उत्पन्न लोगों की समस्याओं और उनके निदान बारे पत्र

चुनाव में क्रॉस-वोटिंग करने वाली काली भेड़ों की पहचान, उपयुक्त समय पर सामने लाए जाएंगे नाम : मुख्यमंत्री

  •  पार्टी में असहिष्णुता एवं पीठ के पीछे वार किसी भी कीमत पर नहीं होगा सहन

 शिमला:मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज नूरपुर में पत्रकारों से बात-चीत करते हुए कहा कि कांगड़ा जिले के जिला परिषद चुनाव में क्रॉस-वोटिंग करने वाली काली भेड़ों की पहचान कर ली गई है तथा इनके नाम उपयुक्त समय में सामने लाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी में असहिष्णुता एवं पीठ के पीछे वार किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उनहोंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश के किन्नौर, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों को छोड़ जिला परिषद के अधिकांश उच्च पदों पर जीत हासिल की है।

प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष सुखविन्द्र सुक्खु के उस बयान जिसमें उन्होंने कहा था कि विप्लव ठाकुर ने किसी प्रकार की अनुशासनहीनता नहीं की है, उन्हें बोलने का अधिकार है और उनकेये शब्द केन्द्रीय विश्वविद्यालय को लेकर कहे गए हैं, के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि विपलव ठाकुर द्वारा अनुशासनहीनता की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने यह कहा था कि विप्लव ठाकुर अवसरवादी हैं और देहरा से अपनी बेटी की टिकट की दावेदारी मजबूत करने के प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास के मायने कालेज अथवा स्कूल खोलना ही नहीं हैं, बल्कि इसका अर्थ क्षेत्र और क्षेत्र के लोगों का समग्र विकास है।

केन्द्रीय विश्वविद्यालय के मुद्दे पर पर्यावरण मंत्रालय और केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री के कार्यालय को पत्र लिखे जाने के राज्य के एक वरिष्ठ भाजपा नेता के दावे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया को वितरित पत्र जाली है। यह पत्र उनके लैटरहैड पर नहीं था और उन्होंने कभी ऐसे पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए, और न ही पत्र में उनके कार्यालय का लॉगो है। उन्होंने प्रश्न किया कि कोई भी मुख्यमंत्री किसी केन्द्रीय मंत्री को ऐसा पत्र कैसे लिख सकता है जिसमें न ही उसका लॉगो हो और न ही पत्र उनके लैटरहैड पर लिखा गया हो।

 

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