मुख्य सचिव ने की पीलिया को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक

  • शिमला तथा सोलन शहरों में पीलिया के मामलों की स्थिति और सरकारी विभागों द्वारा उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा
  • पीलिया के मामलों का ग्राफ तेजी से आ रहा है नीचे : मुख्य सचिव
  • :शिमला में उपचार की सभी सुविधाएं मौजूद
  • शहर के सभी सरकारी एवं निजी स्कूल प्रबन्धकों को स्कूल आरम्भ होने से पूर्व पानी की टैकियों की सफाई करने की दी सलाह
  • नगर निगम शिमला ने निर्देशानुसार संभावित दूषित जल वाली 45 बावड़ियों एवं हैंडपम्प किए बन्द
  • मल्याणा ट्रीटमेंट प्लांट के गाद सुखाने वाले नए बैड का निर्माण कार्य जारी

शिमला: मुख्य सचिव पी. मित्रा ने कहा कि प्राप्त रिपोर्ट्स के आधार पर शिमला और सोलन शहरों में पीलिया के मामलों में कमी आनी शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि सम्बद्ध विभागों द्वारा सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं तथा यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। पी. मित्रा आज यहां शिमला तथा सोलन शहरों में पीलिया के मामलों की स्थिति और सरकारी विभागों द्वारा उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा पर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि पीलिया के मामलों का ग्राफ तेजी से नीचे आ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से हैपेटाईटस-इ के मामले आ रहे थे, जिसके लिए आईजीएमसी शिमला में निःशुल्क परीक्षण सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने कहा कि शिमला में उपचार की सभी सुविधाएं मौजूद है। उन्होंने शहर के सभी सरकारी एवं निजी स्कूल प्रबन्धकों को स्कूल आरम्भ होने से पूर्व पानी की टैकियों की सफाई की सलाह दी। पी. मित्रा ने कहा कि नगर निगम शिमला ने निर्देशानुसार संभावित दूषित जल वाली 45 बावड़ियों एवं हैंडपम्पों को बन्द करने सहित विभिन्न पग उठाए हैं। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे स्थानों पर सार्वजनिक नल स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच के पश्चात यह पाया गया है कि सोलन का ट्रीटमेंट प्लांट सही तरीके से कार्य कर रहा है। इसके बावजूद, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस प्लांट में स्त्रोत के जल का नियमित सैंपल लेकर जांच के निर्देश दिए ताकि हर कीमत पर गुणवत्ता सुनिश्चित बनाई जा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि मल्याणा ट्रीटमेंट प्लांट के गाद सुखाने वाले नए बैड का निर्माण कार्य जारी है, जिसके लिए उन्होंने अधिकारियों को दो महीने में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही प्लांट की ओर सम्पर्क सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन को सभी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा। उन्होंने कहा कि निजी भूमि मालिक भी इस सड़क के निर्माण के लिए अपनी भूमि देने को तैयार हैं। उन्होंने प्लांट की ट्रीटमेंट के लिए उच्च क्षमता के जनरेटर को खरीदने का आर्डर तीन दिनों के भीतर देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ढली प्लांट में सभी आवश्यक ऐतिहातिक कदम उठाए जाएंगे और इसके टूटे हुए हिस्सों की मुरम्मत शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग ने पहले ही ट्रीटमेंट प्लांटों की मुरम्मत के लिए 6 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। उन्होंने उच्च अधिकारियों को प्रदेश भर के ट्रीटमेंट प्लांटों को चैक करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि क्रैगनैनो से ढली तथा ढली से रिज़ व इसके बाहर मुख्य पेयजल आपूर्ति लाईन में रिसाव को रोकने के लिए नगर निगम शिमला ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम शिमला ने मल निकासी लाईनों में रिसाव को चैक करने के लिए टीम का गठन किया है। इस टीम ने 10 वार्डों में यह कार्य पूरा कर लिया है तथा दोषियों को 1176 नोटिस जारी करने के अलावा 77 कनेक्शन काटे है। इसी तरह नगर नियोजन तथा ग्रामीण विकास विभागों ने उपयुक्त सफाई सुनिश्चित करने के लिए टीमों का गठन किया है। उन्होंने कहा कि नगर नियोजन ने दो होटलों सहित दोषियों को 52 नोटिस जारी करके स्वच्छता मापदण्डों का पालन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज विभाग ने अन्तर खण्ड टीमों का गठन किया है तथा सम्पूर्ण स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए शिविरों का आयोजन कर रहा है।

 

  • बैठक में मुख्य रूप से रहे मौजूद ये अधिकारी

अतिरिक्त मुख्य सचिव पी.सी. धीमान व मनीषा नन्दा, सचिव पंचायती राज ओंकार शर्मा, निदेशक एनएचएम हंस राज शर्मा,  स्वास्थ्य निदेशक डा. डी.एस. गुरंग, शिमला के उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा, सोलन के उपायुक्त मदन चौहान, शहरी विकास के निदेशक कैप्टन जे.एम. पठानिया, नगर निगम शिमला के आयुक्त पंकज राय, प्रमुख अभियन्ता सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य आर.के. कंवर, आईजीएमसी के प्राचार्य डा. एस.एस. कौशल, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश चन्द तथा नगर नियोजन, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

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