कोरोना के क़हर से जनता में हाहाकार, बेपरवाह सरकार राजनीति में डटी हुई : अग्निहोत्री 

प्रो. धूमल का बयान साक्ष्यों से परे और राजनीति से प्रेरित : मुकेश अग्निहोत्री

शिमला : उद्योग और सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का राज्य में धीमे औद्योगिकीकरण विकास तथा ‘इन्वेस्टर मीट’ के आयोजन के औचित्य को लेकर उठाए गए सवाल के संदर्भ में कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित बयान का कड़ा संज्ञान लिया है। आज यहां जारी एक वक्तव्य में अग्निहोत्री ने कहा कि प्रेम कुमार धूमल का बयान साक्ष्यों से परे, गुमराह करने वाला और राजनीति से प्रेरित है।

अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश भर में औद्योगिक विकास में तेजी लाने को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य नई औद्योगिक इकाइयों के लिए केन्द्रीय आबकारी डियुटी, आयकर होलीडे जैसे विशेष पैकेज के अन्तर्गत प्रोत्साहनों को वापिस लेने के बावजूद राज्य सरकार ने औद्योगिकीकरण की गति में किसी प्रकार की कमी न आए इसके लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य में तीन नये आत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं। ऊना जिले के पंडोगा और कांगड़ा जिला के कंदरौड़ी में क्रमशः 88 करोड़ और 95.77 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के औद्योगिक क्षेत्रों की आधारशिला पहले ही रखी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों को प्रदान किए जाने वाले प्रोत्साहनों के पैकेज की भी समीक्षा की है। बिजली की दरों में कमी, स्टैम्प डयूटी में औद्योगिक रियायत के लिए एफएआर मापदंड, सीएसटी घटाना, प्रवेश शुल्क के युक्तिकरण के अतिरिक्त अब उद्योगों को प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उद्यमियों को प्रदान किए जा रहे अनेक प्रोत्साहनों के अतिरिक्त, राज्य सरकार का केवल मात्र उददेश्य सुगमता से व्यवसाय करना का माहौल प्रदान है। निवेशकों की सुविधा के लिए सरकार ने नई इकाइयों की स्थापना के लिए ऑनलाईन मंजूरी के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू की है। उन्होंने कहा कि जनवरी, 2013 से दिसम्बर, 2015 तक प्रदेश में राज्य सरकार ने 219 नई औद्योगिक इकाईंया स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की है जिसमें 11663 करोड़ रूपये के निवेश से 22000 युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य में न केवल नई इकाइयां लगाई जा रही हैं बल्कि बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां अपने व्यवसाय का विस्तार कर रही है जो राज्य सरकार की नीतियों और औद्योगिक वातावरण के प्रति निवेशकों के विश्वास को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास किसी भी औद्योगिक इकाइयों के स्थानांतरण की कोई रिपोर्ट नहीं है। मंत्री ने कहा कि केन्द्र में भाजपा नेतृत्व की एनडीए सरकार में देश में आर्थिक मंदी और केन्द्र में निवेशकों के विश्वास में आई कमी जैसे हालात के बावजूद निवेशक हिमाचल प्रदेश में निवेश के इच्छकु हैं। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे प्रोत्साहन पैकेज और निवेशक मित्र वातावरण से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सराहना करने के बजाए भाजपा नेता केन्द्र मेें एनडीए सरकार के असफलताओं पर पर्दा डालने के लिए अवांछित बयानबाजी कर रहे हैं।

अग्निहोत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि धूमल राज्य सरकार द्वारा मुख्य शहरों में इन्वेस्टर मीट का आयोजन करके देश के निवेशकों तक पहुंचने के प्रयासों पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने धूमल से प्रश्न किया कि क्या उन्होंने कभी प्रधानमंत्री मोदी से उनकी विदेश यात्राओं से हुए लाभ बारे पूछा है कि उन द्वारा की गई विदेश यात्राओं से देश को कितना निवेश आकर्षित हुआ है। उन्होंने कहा कि औद्योगिकरण एक सतत् प्रक्रिया है और इसके परिणामों को आने में कुछ समय लगता है और उसके पश्चात की इसका आकलन किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के ‘‘आमंत्रण से उद्योग’’ की कोशिश का निवेशकों ने स्वागत किया है, क्योंकि इन इन्वेस्टर मीट के उपरांत प्रदेश में 2724.33 करोड़ के निवेश वाले 41 नये औद्योगिक प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें स्वीकार कर लिया गया है और इनमें लगभग 5834 लोगों को रोजगार सृजन शामिल है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त 1355.57 करोड़ रुपये के निवेश की वर्तमान परियोजनाओं के विस्तार के 60 परियोजना प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और इनमें 5110 लोगों को रोजगार शामिल है। इन इनवेस्टर मीट से वर्तमान उद्यमियों का विश्वास बरकरार रखने में भी बड़ी सफलता मिली है।

उद्योग मंत्री ने भाजपा नेता से कहा कि उन्होंने राज्य और इसके लोगों के हित में औद्योगिक पैकेज की अवधि को बढ़ाने का मामला क्यों नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि धूमल को राज्य के लोगों को बताना चाहिए कि वह राज्य के विकास से जुड़े मुददों पर चर्चा के लिए तथा विशेष श्रेणी राज्यों जिन्हें केन्द्र ने वापिस ले लिया था, के लिए औद्योगिक पैकेज की पुनर्बहाली तथा अन्य केन्द्रीय प्रोत्साहनों के लिए प्रधानमंत्री अथवा अन्य केन्द्रीय नेताओं से मिले। उन्होंने धूमल को सलाह दी कि उन्हें गुमराह करने वाले और झूठे बयान जारी करने से बचना चाहिए। इससे कोई विशेष लाभ होने वाला नहीं है क्योंकि प्रदेश के लोग भाजपा के कुटिल इरादों से भलि भांति परिचित है।

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