जिला ऊना का शिशु लिंगानुपात 875 से बढ़कर हुआ 900

जिला ऊना का शिशु लिंगानुपात 875 से बढ़कर हुआ 900

  • उद्योग मंत्री ने जारी किया जिला ऊना का शिशु लिंगानुपात डाटा बोर्ड

 शिमला: जिला ऊना में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान प्रभावी ढंग से कार्यान्वित किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वर्तमान में जिला में 0 से 6 वर्ष आयुवर्ग में शिशु लिंगानुपात की दर जनगणना 2011 में 875 के मुकाबले अब बढ़कर 900 हो गई है। आज हरोली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गोंदपुर बुल्ला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये सर्वेक्षण के आधार पर प्राप्त आंकड़ों पर तैयार शिशु लिंगानुपात डाटा बोर्ड को जारी किया गया।

उद्योग मंत्री ने इस अवसर जनसभा को संबोधित करते जिला में शिशु लिंगानुपात में हुए सुधार के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए विभिन्न कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ऊना जिला का जिक्र बड़ी तेजी के साथ विकसित होने वाले जिलों में किया जाता है। उन्होंने बताया कि जिला में तीन वर्षों में शिशु लिंगानुपात की दर में 10 प्वाइंट की वृद्धि के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले गत चार वर्षों में 25 प्वाइंट की वृद्धि दर्ज होना एक सुखद अहसास है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिला प्रशासन के साथ-साथ पंचायती राज संस्थाओं सहित जन साधारण के सहयोग से भविष्य में इससे कहीं और बेहतर परिणाम सामने आएंगे।

जिला में चलाये गये ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान बारे जानकारी देते हुए उपायुक्त ऊना अभिषेक जैन ने बताया कि शिशु लिंगानुपात की दर को सुधारने के लिए जिला में बड़े पैमाने पर जागरुकता अभियान चलाया गया, जिसमें जगह-जगह जागरुकता शिविर आयोजित करने के साथ-साथ लोगों को भी विशेषकर महिलाओं को भी जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि गत एक वर्ष के दौरान विभिन्न स्तरों पर जिला में 50 से अधिक जागरुकता शिविर आयोजित किये गये। उन्होंने कहा कि जिला की सभी पंचायतों में शिशु लिंगानुपात को प्रदर्शित करने के लिए गुडडी-गुडडा बोर्ड लगाये गये हैं। इसके अलावा जिला के उन उद्योगों को पुरस्कृत किया गया, जहां महिला कामगारों की सख्या सर्वाधिक है। जबकि 10वीं से जमा एक में शत-प्रतिशत लड़कियों के प्रवेश नामांकन दर हासिल करने वाले 4 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं को पुरस्कृत किया गया है। साथ ही लड़कियों की सर्वाधिक संख्या वाले स्कूलों को भी पुरस्कृत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों पर जागरुकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त जिला में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत छः लाख रूपये की लागत से विभिन्न स्थानों पर 1100 जागरुकता होर्डिग्ज स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से अब तक 500 होर्डिग्ज स्थापित किए जा चुके हैं।

इस अवसर पर एसडीएम धनवीर ठाकुर, डीआरओ विशाल शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. निखिल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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