हिम पर्यटन व मनोरंजन

वशिष्ठ- पुरानी कुल्लुई काठकुणी शैली के हैं सभी मकान

हिमाचल की पौराणिक स्मृतियों को संजोए महर्षि वशिष्ठ का तपस्या स्थल “वशिष्ठ”

हिमाचल प्रदेश के मनाली से करीब चार किलोमीटर दूर लेह राजमार्ग पर स्थित है वशिष्ठ। एक ऐसा गांव जो अपने दामन में पौराणिक स्मृतियां छुपाये हुए है। महर्षि वशिष्ठ ने इसी स्थान पर बैठकर तपस्या की...

पर्यटन क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित

पर्यटन क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित

प्रदेश में अनेक अनछुएं गणतव्यों को पर्यटन की दृष्टि से किया जाएगा विकसित : मनीषा नन्दा : ताकि पर्यटकों का ध्यान प्रदेश की ओर किया जा सके आकर्षित प्रदेश सरकार पर्यटन के विकास के लिए प्रयासरत :...

देवताओं की घाटी कुल्लू , हिमालय की शान मनाली

देवताओं की घाटी कुल्लू , हिमालय की शान मनाली

प्रकृति के खूबसूरत नज़ारें, कुल्लू मनाली आके निहारें हिमाचल के प्राकृतिक सौंदर्य का जितना वर्णन किया जाए बहुत कम होगा। देवभूमि हिमाचल जहां धर्म और आस्था से परिपूर्ण है वहीं प्राकृतिक...

प्रकृति की जन्नत: किन्नौर

प्रकृति की जन्नत: किन्नौर

खूबसूरती की छटा बिखरेती किन्नौर घाटी रीना ठाकुर, शिमला हिमाचल की प्राकृतिक खूबसूरती की छटा बिखरेती मनमोहक सुंदर घाटी किन्नौर, जो भी जाए इस अदभुत मनमोहक घाटी की खुबसूरती में खोकर रह जाए।...

हिमाचल के सबसे दूर-दराज "डोडरा-क्वार" का इतिहास,संस्कृति व पर्यटन

“डोडरा-क्वार” अपने इतिहास,संस्कृति व पर्यटन के लिए विख्यात

डोडरा-क्वार की सांस्कृतिक यात्रा खेत-खलियान और बड़े बड़े हरे पेड़ पौधों में अपनेपन का एहसास हिमाचल अपने सौंदर्य, इतिहास,संस्कृति व पर्यटन के लिए अपनी विश्वभर में शानदार पहचान बनाए हुए है। ये...

अटूट आस्था व श्रद्धा के लिए विश्व विख्यात सराहन का "भीमाकाली मन्दिर"

अटूट आस्था व श्रद्धा का केंद्र सराहन का “भीमाकाली मन्दिर”

हिमाचल जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है। यहां बहुत से प्राचीन मंदिर हैं। हर मंदिर की अपनी खास महत्ता है। उन्हीं में से एक विश्वभर में प्रसिद्ध है सराहन का “भीमाकाली मन्दिर”। जहां इस...

पैगोड़ा और शिखरनुमा शैली में बना "माँ हाटकोटी मंदिर"

हिमाचल के विख्‍यात मन्दिरों में से एक “माँ हाटकोटी”

मंदिर का शीर्ष भाग पत्थर की स्लेट की ढलानदार छत से आच्छादित हाटकोटी को ‘पत्थर के मंदिरों की घाटी’ का खिताब अर्जित हिमाचल जिसे देवभूमि की संज्ञा प्राप्त है और यहां के देवी-देवताओं के प्रति...