प्रदेश व राष्ट्रीय मुद्दा (Page 2)

कौन सुनेगा किसको सुनाएं इसलिए.....आवाज उठाएं सबको बताएं!

“आम आदमी”….!!

ये समस्याएं आज नहीं पनपी वर्षों पुरानी हैं…. अपने घरों की नींव तो मजबूत कर ली परन्तु कुछ आम आदमी के कच्चे घरों को ढहा दिया …जो ईमानदार, नेक, निर्भीक, और बेदाग छवि का नेता व अधिकारी होगा वो आपकी...

लौट आओ प्यारी गौरैया....गौरैया का लुप्त होना चिन्ता का विषय

हमारे घर-आंगन में आती वो “चिड़ियाँ”, चीं-चीं कर घर-आंगन को महकाती थी वो “चिड़ियाँ”

गौरैया का लुप्त होना चिन्ता का विषय आधुनिक युग में रहन-सहन और वातावरण में आए बदलावों के कारण आज गौरैया पर मंडरा रहे हैं कई ख़तरे मनुष्य की बदलती जीवन शैली ने गौरैया के आवास, भोजन व घोंसलें,...

"पलायन" खेत बंजर, घर खंडहर....!!

“पलायन” खेत बंजर, घर खंडहर….!!

यूं ही सब पलायन करते रहे तो…खेत हो जाएंगे बंजर…घर बन जाएंगे खंडहर गांव से शहरों का रूख, शहरों से अन्य राज्यों, राज्यों से देश-विदेशों की ओर पलायन गांव के लोगों का रूख अब शहरों की ओर होने लगा...

child labour

अभाव में पलता… “बचपन”

जीवन का यह एक कटु सत्य है कि मासूम बच्चों का जीवन कहीं तो खुशियो से भरपूर है। तो कहीं खुशियों से महरूम। बच्चों के हाथों में कलम और आंखो में भविष्य के सपने होने चाहिए। लेकिन दुनिया में करोड़ों...

हादसों से लील होती जिंदगियां झकझोर तो देती हैं पर उसके बाद क्या..?

हादसों से लील होती जिंदगियां झकझोर तो देती हैं पर उसके बाद क्या..?

उज्ज्वल भविष्य बनाने को अपनी माँ के गले लगकर घर से स्कूल पढ़ने के लिए निकली मासूम दो बच्चियां बीते कल हमेशा-हमेशा के लिए माँ की गोद सूनी कर मौत की लंबी नींद में सो गईं । शिमला के खलीनी बस हादसे ने...

आग में सुलगती “हिमाचल की वन संपदा”

हर वर्ष आग से राख हो रही “हिमाचल की करोड़ों की वन संपदा”

(विशेष लेख) हिमाचल प्रदेश की पहचान हरी-भरी वादियों ऊंचे-ऊंचे पर्वतों और हरे-भरे पेड़ पौधों से यानि हरियाली से है। ये हरे भरे पेड़-पौधे जहां हमारे पर्यावरण को दूषित होने से बचाते हैं। तो वहीं अगर...

"देश" में इस वक्त "एकता" व "सतर्कता" दोनों जरूरी....

“देश” में इस वक्त “एकता” व “सतर्कता” दोनों जरूरी….

हर देशवासी का फर्ज: संयम बरते और एकजुटता के साथ भारत सरकार व भारत सेना का मनोबल बढ़ाए…. सोशल मीडिया से जुड़े लोग भ्रमित और अफ़वाहों वाले मैसेज न पोस्ट करें देश में “एकता” व “सतर्कता” की...