प्रदेश व राष्ट्रीय मुद्दा

"पलायन" खेत बंजर, घर खंडहर....!!

“पलायन” खेत बंजर, घर खंडहर….!!

यूं ही सब पलायन करते रहे तो…खेत हो जाएंगे बंजर…घर बन जाएंगे खंडहर गांव से शहरों का रूख, शहरों से अन्य राज्यों, राज्यों से देश-विदेशों की ओर पलायन गांव के लोगों का रूख अब शहरों की ओर होने लगा...

लौट आओ प्यारी गौरैया…हमारे घर-आंगन में आती वो.., चीं-चीं कर घर-आंगन को महकाती थी वो ” नन्हीं चिड़ियाँ”

गौरैया का लुप्त होना चिन्ता का विषय आधुनिक युग में रहन-सहन और वातावरण में आए बदलावों के कारण आज गौरैया पर मंडरा रहे हैं कई ख़तरे मनुष्य की बदलती जीवन शैली ने गौरैया के आवास, भोजन व घोंसले,...

उगते सूरज की ढलती शाम... हिमाचल में नशे का फैलता मीठा जहर

नशे का धीमा जहर.. दीमक की तरह खोखला कर रहा युवाओं को

उगते सूरज की ढलती शाम… हिमाचल में नशे का फैलता मीठा जहर हिमाचल में फल-फूल रहा नशे का कारोबार चंद रुपयों के लिए हिमाचल को दागदार करने में जुटे हुए नशा तस्कर हिमाचल में नशे के पसरते पांव पुलिस...

प्रदेश के खुल गए द्वार सड़कों पर लगी वाहनों की लम्बी कतार.. ऐसे में क्या कोरोना से मिल पाएगी निजात?

हिमाचल : कर्फ्यू की बंदिशें कम होते ही प्रदेश में रविवार से गाड़ियों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। प्रदेश में अब कोई भी व्यक्ति ई-पास लेकर प्रवेश कर सकता है। पर्यटकों के लिए आरटीसीपीआर की...

कौन जिम्मेवार! ना सरकार गंभीर ना ही लोगों में "कोरोना" का डर, लाखों हो रहे संक्रमित हजारों रहे मर

कौन जिम्मेवार! ना सरकार गंभीर ना ही लोगों में “कोरोना” का डर, लाखों हो रहे संक्रमित हजारों रहे मर

बढ़ते कोरोना के मामलों पर चिंता जताने के बजाय सचेत और सतर्क रहने की ज्यादा जरूरत  त्यौहारों, शादी, समारोहों और राजनीतिक रैलियों में उमड़ रही लोगों की भीड़ कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बढ़ते...

लॉकडाउन खत्म होने के बाद से कोरोना मामलों में पूरे देश में लगातार इजाफा, हालात बद से बदतर

लॉकडाउन खत्म होने के बाद से कोरोना मामलों में पूरे देश में लगातार इजाफा, हालात बद से बदतर…

भारत में कोरोना संक्रमण के हर दिन नए रिकॉर्ड तोड़ आंकड़े कोरोना से आम आदमी की हालत बहुत खराब भले ही ठीक होने वालों की तादाद बढ़ रही हो, लेकिन बढ़ रहे आंकड़े व मरने वालों की संख्या में इजाफा चिंता का...

किसे कोसें, किसे पीड़ा बताएं, किससे मदद मांगे..गोलमाल है भाई, सब गोलमाल है

किसे कोसें, किसे पीड़ा बताएं, किससे मदद मांगे..गोलमाल है भाई, सब गोलमाल है

… सब किसी न किसी उलझन में उलझे हुए   कुछ यूं चल रही है मेरे देश की विकासात्मक वायदों की धारा….! बीसियों कहानियां होंगी 2020 की! जिन्हें सदियों तक याद किया जाएगा। जी हां! 2020 विश्वभर के लिए बहुत ही...