धर्म/ संस्कृति (Page 2)

हिमाचल प्रदेश में गर्म पानी के चश्में, नाना प्रकार के औषधीय गुणों से युक्त हैं ये चश्में

हिमाचल प्रदेश में गर्म पानी के चश्में, कई प्रकार के औषधीय गुणों से युक्त हैं ये चश्में

हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक विविधता से भरपूर है। यहां कुल्लू, मण्डी और शिमला जिलों में गर्म पानी के चश्में पाए जाते हैं। यहां गर्म पानी के चश्में नाना प्रकार के औषधीय गुणों से युक्त है। इन...

हिमाचल : पर्यटन को विकसित करने के लिए 1900 करोड़ स्वीकृत, स्थानीय युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोज़गार के अवसर

ऐतिहासिक, पारम्परिक व सांस्कृतिक पहचान दर्शाती चौपाल की “वेशभूषा”

देश की बात हो या प्रदेश की उसकी जीवन शैली की पहचान वहां के रहने वाले लोगों, वेशभूषा, खानपान व आभूषणों से होती है। हांलाकि काफी समय से हमारे कई पारम्परिक परिधान और आभूषण लुप्त होते जा रहे हैं।...

गद्दी जनजाति की वेशभूषा व आभूषण प्रियता बड़ी मनोहर

गद्दी जनजाति की वेशभूषा व आभूषण प्रियता

धरोहर बन रही परिधान-आभूषण प्रियता गद्दी जनजाति की वेशभूषा तथा आभूषण प्रियता बड़ी मनोहर रही है। प्राय: बड़े शौक से पहनतीं महिलाएं लुआंचड़ी, चोली, कुरती, सुत्थण, सलवार, मोछड़, डोरा यानि गात्री।...

हिमाचल के सबसे दूर-दराज "डोडरा-क्वार" का इतिहास,संस्कृति व पर्यटन

“डोडरा-क्वार” अपने इतिहास,संस्कृति व पर्यटन के लिए विख्यात

डोडरा-क्वार की सांस्कृतिक यात्रा खेत-खलियान और बड़े बड़े हरे पेड़ पौधों में अपनेपन का एहसास हिमाचल अपने सौंदर्य, इतिहास,संस्कृति व पर्यटन के लिए अपनी विश्वभर में शानदार पहचान बनाए हुए है। ये...

भाई-बहन के पावन संबंध व प्रेमभाव का त्यौहार : भाई दूज

भाई-बहन के पावन संबंध व प्रेमभाव का त्यौहार : भाई दूज

कार्तिक शुक्ल द्वितीय को भाई दूज का पर्व पूरे भारत वर्ष में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। दीवाली के त्यौहार के साथ केवल दीपमालाएं ही नहीं बल्कि अनेकों उत्सवों की मालाएं भी गुंथी हुई हैं।...

दिवाली का पौराणिक महत्व, पंच-पर्वों का त्‍यौहार: दीपावली

दिवाली का पौराणिक महत्व, पंच-पर्वों का त्‍यौहार: दीपावली

दीपावली की पूरी रात दीपक प्रज्‍वलित रखते हैं, जिसके संदर्भ में हिन्‍दु धर्म में कई मान्‍यताऐं हैं, जिनमें से कुछ का वर्णन पिछले पोस्‍ट क्‍यों मनाते हैं दीपावली के अन्‍तर्गत किया था। उनके...

"धनतेरस" पर अवश्य ध्यान रखें इन बातों का...

“धनतेरस” पर अवश्य ध्यान रखें इन बातों का…

 पूजा का शुभ मुहूर्त धनतेरस की तिथि और शुभ मुहूर्त : धनतेरस की तिथि: 25 अक्‍टूबर 2019 त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 25 अक्‍टूबर 2019 को शाम 07 बजकर 08 मिनट से त्रयोदशी तिथि समाप्‍त: 26 अक्‍टूबर 2019 को दोपहर 03 बजकर 36...