धर्म व संस्कृति

माता के मन्दिर से चारों और कुदरत के ऐसे विहंगम दृश्य

शिमला की खूबसूरत पहाड़ी पर “माँ तारादेवी” का त्रिगुणात्मक शक्तिपीठ धाम का इतिहास

शिमला की खूबसूरत पहाड़ी पर माँ तारादेवी का त्रिगुणात्मक शक्तिपीठ धाम स्थित है। जहाँ श्रद्धालु दूर-दूर से माँ के चरणों में शीश नवाने पहुंचते हैं।  पहाडियों पर बसा यह मंदिर लोगों के आकर्षण का...

नवरात्रों में माता के नौ रुपों की आराधना...

नवरात्रों में माता के नौ रुपों की आराधना…

शक्ति के लिए देवी आराधना की सुगमता का कारण मां की करुणा, दया, स्नेह का भाव किसी भी भक्त पर सहज ही हो जाता है। ये कभी भी अपने बच्चे (भक्त) को किसी भी तरह से अक्षम या दुखी नहीं देख सकती है। उनका...

त्यौहारों और मेलों की देवभूमि "हिमाचल"

त्यौहारों और मेलों की देवभूमि “हिमाचल”

हिमाचल मेलों का महत्व व इनसे जुड़ी लोगों की भावनाएं हिमाचल की प्राचीन संस्कृति को दर्शाता है परम्परागत मेलों का आयोजन  हिमाचल प्रदेश में मेले और उत्सव लोगों के जीवन का अनिवार्य और...

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धार्मिक पर्यटन “श्री नैना देवी”

हिमाचल प्रदेश जिसे देव भूमि कहा जाता है यहां बहुत से देवी-देवताओं का वास है। यहां की खास बात यह है कि यहां बहुत से देवी-देवताओं के कई पूजनीय तीर्थ स्थल हैं जहां दूर-दूर से भारी तादात में कई...

"सायर उत्सव" खुशहाली और समृद्धि का पर्व

“सायर उत्सव” खुशहाली और समृद्धि का पर्व

सायर उत्सव समृद्धि का पर्व सायर किसानों की खुशहाली और समृद्धि का पर्व सायर हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। विशेषकर यह त्यौहार मण्डी जिले का त्यौहार माना जाता है।...

मेसमराईजिंग कुल्लू व लाहौल-स्पिति उत्सव में जिला की सांस्कृतिक झलक

मेसमराईजिंग कुल्लू व लाहौल-स्पिति उत्सव में जिला की सांस्कृतिक झलक

रिज मैदान शिमला में ‘‘मेसमराईजिंग कुल्लू व लाहौल-स्पिति’’ उत्सव का शुभारंभ जिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प, हस्तकला, काष्ठ कला और अन्य कलाओं को प्रदर्शनी व सांस्कृतिक...

सर्पदंश के देवता: गुग्गा

सर्पदंश के देवता: “गुग्गा”

सर्पदंश और जादुई शक्तियों पर विजय पाने वाले देव का नाम है “गुग्गा” । सर्पदशं और जादू का आतंक गांव में सिर चढक़र बोलता है। बरसात में जब सांपों के बिलों पर पानी भर जाता है तो वे घरों की शरण लेते...