धर्म/ संस्कृति

हिमाचल प्रदेश के पैगोड़ा शैली में बने मंदिर

हिमाचल प्रदेश के पैगोड़ा शैली में बने मंदिर

हिमाचल प्रदेश के मण्डी, कुल्लू, किन्नौर, शिमला के पर्वतीय क्षेत्रों में पैगोड़ा शैली के असंख्य मंदिर हैं। राजा बाणसेन द्वारा 1346 में निर्मित मण्डी का पराशर मंदिर, मनाली का हिडिम्बा मंदिर जिसे...

हिमाचल : पर्यटन को विकसित करने के लिए 1900 करोड़ स्वीकृत, स्थानीय युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोज़गार के अवसर

ऐतिहासिक, पारम्परिक व सांस्कृतिक पहचान दर्शाती चौपाल की “वेशभूषा”

देश की बात हो या प्रदेश की उसकी जीवन शैली की पहचान वहां के रहने वाले लोगों, वेशभूषा, खानपान व आभूषणों से होती है। हांलाकि काफी समय से हमारे कई पारम्परिक परिधान और आभूषण लुप्त होते जा रहे हैं।...

अटूट आस्था व श्रद्धा के लिए विश्व विख्यात सराहन का "भीमाकाली मन्दिर"

अटूट आस्था व श्रद्धा का केंद्र सराहन का “भीमाकाली मन्दिर”

हिमाचल जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है। यहां बहुत से प्राचीन मंदिर हैं। हर मंदिर की अपनी खास महत्ता है। उन्हीं में से एक विश्वभर में प्रसिद्ध है सराहन का “भीमाकाली मन्दिर”। जहां इस...

"मंडी की अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि" धार्मिक, संस्कृतिक व पुरातात्विक का प्रतीक

“मंडी की अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि” धार्मिक, सांस्कृतिक व पुरातात्विक का प्रतीक

उत्तर-पश्चिमी भारत में भगवान शिव की पौराणिक गाथाएं गहरी जड़े जमाए हुए पूरे देश में शिवरात्रि का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन हिमाचल जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है यहां के...

प्राकृतिक सौंदर्य से लबालब रामपुर का "सराहन"

रामपुर का “सराहन”

हिमाचल प्राकृतिक सौंदर्य से लबालब है। खूबसूरत हरी-भरी वादियां, ऊंची-ऊंची पहड़ियां। हर तरफ प्रकृति के अद्भुत् व मनमोहक नजारे।  ऐसा ही रामपुर तहसील के बशलकण्डा, थारलूधार, कण्डीधार एवं...

गद्दी जनजाति की वेशभूषा व आभूषण प्रियता बड़ी मनोहर

गद्दी जनजाति की वेशभूषा व आभूषण प्रियता

धरोहर बन रही परिधान-आभूषण प्रियता गद्दी जनजाति की वेशभूषा तथा आभूषण प्रियता बड़ी मनोहर रही है। प्राय: बड़े शौक से पहनतीं महिलाएं लुआंचड़ी, चोली, कुरती, सुत्थण, सलवार, मोछड़, डोरा यानि गात्री।...

सतलुज नदी के किनारे बसा तत्तापानी

लोहड़ी व मकर संक्रांति के दिन पूजा-अर्चना व तुला दान धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण

देशभर में जहां लोहड़ी खूब धूमधाम से मनायी जाती है। वहीं हिमाचल में भी पौष के मासांत में लोहड़ी खूब धूमधाम से मनाई जाती है। इससे पूर्व लड़के-लड़कियां घर-घर जाकर लुहकडिय़ां गाती हैं। निचले...