धर्म/ संस्कृति

“देव कमरूनाग” ...यहां स्थानीय ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के लोग भी होते हैं नतमस्तक

“देव कमरूनाग” … स्थानीय लोगों के साथ-साथ जहां देश-विदेश के लोग भी होते हैं नतमस्तक

  कमरूनाग झील में समाया है अपार खजाना परंपरा के कारण सिक्कों और अमूल्य धातुओं का भारी भंडार हिमाचल को देवभूमि के नाम से ना केवल देशों में अपितु विदेशों में भी जाना जाता है। यहाँ हर देवी-...

देवताओं को पूजने, मानने के लिए खास तरीके, खास विधियां व विधान

हिमाचल : देवी-देवताओं को पूजने के साथ-साथ मनाना भी जरूरी…

यह मेरा देवता, वह तेरा देवता परिवार के देवते को कुलजा अथवा कुलज्ञ कहते हैं गांव के एक छोर पर ग्राम देवता का बना होता है स्थान या मंदिर हिमाचल के कुल्लू जनपद की बात करें तो यहां पर हर घर का अपना...

शिमला: टूटीकंडी के गीता मंदिर में तुलसी विवाह, सैकड़ों स्थानीय लोग सज-धजकर बने बाराती

शिमला: टूटीकंडी के गीता मंदिर में तुलसी विवाह, धूमधाम से निकली बारात

सभी रस्मों और विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ तुलसी और भगवान शालिग्राम का विवाह शिमला: कार्तिक मास की देवोत्‍थान एकादशी के दिन तुलसी और भगवान शालिग्राम के विवाह का विधान है। इस बार देवउठान...

हिमाचल प्रदेश में गर्म पानी के चश्में, नाना प्रकार के औषधीय गुणों से युक्त हैं ये चश्में

हिमाचल प्रदेश में गर्म पानी के चश्में, कई प्रकार के औषधीय गुणों से युक्त हैं ये चश्में

हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक विविधता से भरपूर है। यहां कुल्लू, मण्डी और शिमला जिलों में गर्म पानी के चश्में पाए जाते हैं। यहां गर्म पानी के चश्में नाना प्रकार के औषधीय गुणों से युक्त है। इन...

हिमाचल : पर्यटन को विकसित करने के लिए 1900 करोड़ स्वीकृत, स्थानीय युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोज़गार के अवसर

ऐतिहासिक, पारम्परिक व सांस्कृतिक पहचान दर्शाती चौपाल की “वेशभूषा”

देश की बात हो या प्रदेश की उसकी जीवन शैली की पहचान वहां के रहने वाले लोगों, वेशभूषा, खानपान व आभूषणों से होती है। हांलाकि काफी समय से हमारे कई पारम्परिक परिधान और आभूषण लुप्त होते जा रहे हैं।...

गद्दी जनजाति की वेशभूषा व आभूषण प्रियता बड़ी मनोहर

गद्दी जनजाति की वेशभूषा व आभूषण प्रियता

धरोहर बन रही परिधान-आभूषण प्रियता गद्दी जनजाति की वेशभूषा तथा आभूषण प्रियता बड़ी मनोहर रही है। प्राय: बड़े शौक से पहनतीं महिलाएं लुआंचड़ी, चोली, कुरती, सुत्थण, सलवार, मोछड़, डोरा यानि गात्री।...

हिमाचल के सबसे दूर-दराज "डोडरा-क्वार" का इतिहास,संस्कृति व पर्यटन

“डोडरा-क्वार” अपने इतिहास,संस्कृति व पर्यटन के लिए विख्यात

डोडरा-क्वार की सांस्कृतिक यात्रा खेत-खलियान और बड़े बड़े हरे पेड़ पौधों में अपनेपन का एहसास हिमाचल अपने सौंदर्य, इतिहास,संस्कृति व पर्यटन के लिए अपनी विश्वभर में शानदार पहचान बनाए हुए है। ये...