धर्म/ संस्कृति

शिवालिक पर्वत श्रृंखलाओं के आंचल में बसा, स्वर्ण कलशों से सुसज्जित मंदिर “माँ चिंतपूर्णी”

शिवालिक पर्वत श्रृंखलाओं के आंचल में बसा, स्वर्ण कलशों से सुसज्जित मंदिर “माँ चिंतपूर्णी”

त्रिर्गत के तीन शक्तिपीठों में ज्वालाजी, वज्रेश्वरी और चिंतपूर्णी उल्लेखनीय शक्तिपीठ पहला स्थान माता वैष्णों देवी को दिया जाता है, जो जम्मू-कश्मीर में पड़ता है स्वर्ण कलशों से सजा...

सावन माह में शिव आराधना, व्रत व पूजा विशेष फलदायी

सावन माह में शिव आराधना, व्रत व पूजा विशेष फलदायी

सावन माह में पूजा-अर्चना से भगवान शिव होते हैं जल्दी प्रसन्न सावन माह में शिव की आराधना और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिये व्रत का विशेष फलदायक इस बार पवित्र सावन माह में चार सोमवार पड़ रहे हैं।...

हिमाचली धाम नहीं है आम

नहीं है आम म्हारी… हिमाचली “धाम”

देवभूमि हिमाचल प्रदेश जहां देश-विदेश में अपनी धर्म आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य, लोक संस्कृति, त्यौहार, व मेलों जैसी आलौकिक संस्कृति व रीति-रिवाजों के लिए विख्यात है, वहीं हिमाचल प्रदेश अपने...

हिमाचल के सबसे दूर-दराज "डोडरा-क्वार" का इतिहास,संस्कृति व पर्यटन

“डोडरा-क्वार” अपने इतिहास,संस्कृति व पर्यटन के लिए विख्यात

डोडरा-क्वार की सांस्कृतिक यात्रा खेत-खलियान और बड़े बड़े हरे पेड़ पौधों में अपनेपन का एहसास हिमाचल अपने सौंदर्य, इतिहास,संस्कृति व पर्यटन के लिए अपनी विश्वभर में शानदार पहचान बनाए हुए है। ये...

वृद्धजनों के सपने होंगे ‘देव भूमि दर्शन’ योजना से साकार

हिमाचल मन्दिरों की प्राचीन शैली..

हिमाचल प्रदेश की प्राचीन कलाएं, मंदिरों के वास्तुशिल्प, लकड़ी पर खुदाई, पत्थरों और धातुओं की मूर्तियों तथा चम्बा रूमाल आदि के रूप में आज भी सुरक्षित है। इन कलाओं को तीन मुख्य वर्गों में बांटा...

भव्य सांस्कृतिक परेड में विभिन्न नृत्य दलों ने बिखेरे विविध संस्कृति के रंग

भव्य सांस्कृतिक परेड में विभिन्न नृत्य दलों ने बिखेरे विविध संस्कृति के रंग

शिमला : अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव के अंतर्गत आज ऑल इंडिया आर्टिस्ट ऐसोसिएशन, एपीजी विश्वविद्यालय तथा तिब्बतियन इंस्टीटयूट ऑफ परफार्मिंग आर्ट्स के सहयोग से भव्य सांस्कृतिक परेड...

हिमाचल : पर्यटन को विकसित करने के लिए 1900 करोड़ स्वीकृत, स्थानीय युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोज़गार के अवसर

हिमाचल : “शिशु के जन्म से लेकर नामकरण व मुंडन रीति-रिवाज”

जिस प्रकार किसी व्यक्ति की आदतें और उसकी अभिव्यक्ति का ढंग उसके चरित्र के द्योतक हैं, उसी प्रकार किसी समाज में प्रचलित रीति-रिवाज उसकी नैतिक चेतना के प्रतीक होते हैं। इस प्रकार रीति से...